
इनक्रेड ने IPO के लिए बढ़ाए कदम, गुपचुप तरीके से सेबी को जमा कराए दस्तावेज
संक्षेप: इनक्रेड फाइनेंशियल सर्विसेज ने आईपीओ के लिए गोपनीय तरीके से बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के पास अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस दाखिल किया है। इस आईपीओ से 4000 से 5000 करोड़ रुपये जुटाए जा सकते हैं।
InCred Holdings IPO: नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी (एनबीएफसी) इनक्रेड फाइनेंशियल सर्विसेज की होल्डिंग कंपनी इनक्रेड होल्डिंग्स ने आईपीओ के लिए कदम बढ़ा दिए हैं। दरअसल, कंपनी ने आईपीओ के लिए गोपनीय तरीके से बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के पास अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) दाखिल किया है। इस आईपीओ से 4000 से 5000 करोड़ रुपये जुटाए जा सकते हैं। इसमें लगभग 300 करोड़ रुपये का प्री-आईपीओ प्लेसमेंट भी शामिल है। इस प्रस्ताव को कंपनी के बोर्ड ने जून 2025 में और शेयरधारकों ने अक्टूबर 2025 में मंजूरी दी थी। इस आईपीओ में एक नया इश्यू और बिक्री का प्रस्ताव, दोनों शामिल होंगे। अप्रैल में ब्लूमबर्ग ने बताया था कि इनक्रेड फाइनेंशियल सर्विसेज प्रस्तावित आईपीओ के लिए IIFL सिक्योरिटीज, कोटक महिंद्रा बैंक और नोमुरा होल्डिंग्स सहित संभावित सलाहकारों के साथ बातचीत कर रही है।

2016 में वजूद में आई कंपनी
बता दें कि इस कंपनी की भूपिंदर सिंह ने साल 2016 में स्थापना की थी। इनक्रेड ग्रुप में मुख्यतौर पर इनक्रेड फाइनेंस, इनक्रेड कैपिटल और इनक्रेड मनी शामिल है। जून में जेरोधा के सह-संस्थापक नितिन और निखिल कामथ ने इनक्रेड होल्डिंग्स में 250 करोड़ रुपये में अल्पमत हिस्सेदारी हासिल की। साल 2022 में इनक्रेड फाइनेंस का KKR इंडिया फाइनेंशियल सर्विसेज के साथ विलय हो गया और InCred फाइनेंस ब्रांड नाम से एक कंपनी बनी। कंपनी में मैनपाल समूह के अध्यक्ष रंजन पई, आरपी ग्रुप ऑफ कंपनीज के रवि पिल्लई, ड्यूश बैंक के एक शीर्ष कार्यकारी राम नायक और अन्य शामिल हैं। दिसंबर 2023 में कंपनी का मूल्यांकन एक अरब डॉलर से अधिक था।
कई फिनटेक कंपनियां रेस में
InCred की नियोजित सार्वजनिक लिस्टिंग ऐसे समय में हुई है जब कई फिनटेक कंपनियां भारतीय शेयर बाजारों में सूचीबद्ध होने का लक्ष्य बना रही हैं। ग्रो और पाइन लैब्स लिस्टिंग प्रक्रिया से गुजर रहे हैं जबकि फोनपे ने गोपनीय तरीके से सेबी के पास अपना ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस पहले ही दाखिल कर दिया है। डिजिटल लोन देने वाली स्टार्टअप किस्त ने अगस्त में अपने ड्राफ्ट पेपर दाखिल किए।





