इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के लिए ये कागज रखें तैयार, जानिये पूरी लिस्ट
मुख्य बातें
- Income Tax Return 2026: अगर आपने अभी तक इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल नहीं किया है, तो पहले कुछ जरूरी डॉक्यूमेंट तैयार कर लें
- इससे रिटर्न भरने में आसानी होगी और गलती होने की संभावना भी कम रहेगी

Income Tax Return 2026: अगर आपने अभी तक इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) दाखिल नहीं किया है, तो पहले कुछ जरूरी डॉक्यूमेंट तैयार कर लें। इससे रिटर्न भरने में आसानी होगी और गलती होने की संभावना भी कम रहेगी। इनकम टैक्स विभाग ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 (असेसमेंट ईयर 2026-27) के लिए आईटीआर-1, आईटीआर-2, आईटीआर-3, आईटीआर-4, आईटीआर-5 और आईटीआर-7 के फॉर्म उपलब्ध करा दिए हैं। अब टैक्सपेयर्स इनकम टैक्स विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल पर जाकर रिटर्न दाखिल कर सकते हैं।
ऑनलाइन फाइलिंग के अलावा एक्सेल यूटिलिटी भी जारी कर दी गई है। इसकी मदद से आप पहले अपने कंप्यूटर पर ऑफलाइन रिटर्न तैयार कर सकते हैं और बाद में उसे पोर्टल पर अपलोड कर सकते हैं। पहली बार आईटीआर भरने वालों के लिए यह विकल्प काफी आसान माना जा रहा है।
आईटीआर भरने से पहले रखें ये डॉक्यूमेंट
रिटर्न दाखिल करने से पहले आधार कार्ड, पैन कार्ड (आधार और पैन दोनों लिंक होने चाहिए), फॉर्म-16, एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) या फॉर्म 26AS अपने पास रखें। इसके अलावा बैंक एफडी, पीपीएफ, इंश्योरेंस प्रीमियम, होम लोन ब्याज प्रमाणपत्र और अन्य निवेश से जुड़े डॉक्यूमेंट भी तैयार रखें। फॉर्म-16 आपके नियोक्ता कंपनी की ओर से दिया जाता है, जिसमें आपकी सैलरी, टीडीएस और टैक्स छूट की जानकारी होती है।
आईटीआर भरने की आखिरी तारीख
बिना लेट फीस के आईटीआर दाखिल करने की आखिरी तारीख 31 अगस्त 2026 है। अगर इस तारीख के बाद रिटर्न भरते हैं, तो आपको जुर्माना देना पड़ सकता है। हालांकि, लेट रिटर्न 31 दिसंबर 2026 तक दाखिल किया जा सकता है।
ई-वेरिफिकेशन करना न भूलें
आईटीआर दाखिल करने के बाद 30 दिनों के अंदर ई-वेरिफिकेशन करना जरूरी है। अगर ऐसा नहीं करते हैं, तो आपका रिटर्न अधूरा माना जा सकता है और रिफंड मिलने में भी देरी हो सकती है। ई-वेरिफिकेशन आधार ओटीपी, नेट बैंकिंग या ईवीसी के जरिए किया जा सकता है।
कौन-सा आईटीआर फॉर्म चुनें?
अगर आप नौकरीपेशा हैं और एक घर से इनकम तथा अन्य सामान्य इनकम के सोर्स हैं, तो आईटीआर-1 भर सकते हैं। जिनकी बिजनेस इनकम नहीं है, वे आईटीआर-2 चुन सकते हैं। बिजनेस या प्रोफेशन से आय होने पर आईटीआर-3, जबकि अनुमानित आय वाले कारोबारियों और प्रोफेशनल्स के लिए आईटीआर-4 है। अगर सही फॉर्म समझ नहीं आ रहा है, तो आयकर पोर्टल पर मौजूद हेल्प मी डिसाइड विकल्प की मदद ली जा सकती है।


