अपनी कमर कस लीजिए...ग्लोबल इकोनॉमी को लेकर IMF चीफ की चेतावनी
क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने कहा कि इस वर्ष वैश्विक अर्थव्यवस्था में 3% की वृद्धि का अनुमान है, जो पहले की आशंकाओं से बेहतर है। इसके पीछे देशों की निर्णायक आर्थिक नीतियां, निजी क्षेत्र की अनुकूलता और अपेक्षा से कम गंभीर रहे टैरिफ प्रभाव को कारण बताया गया है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ जैसे बड़े झटकों के बावजूद वैश्विक अर्थव्यवस्था उम्मीद से बेहतर स्थिति में है लेकिन अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की प्रमुख क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने एक बड़ी चेतावनी है। उनका कहना है कि यह नरमी शायद लंबे समय तक न रहे। आईएमएफ की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने बुधवार को एक थिंक टैंक में दिए भाषण में कहा- अपनी कमर कस लीजिए। ग्लोबल इकोनॉमी में अनिश्चितता नई सामान्य स्थिति है और यह बनी रहेगी।
राहत की सांस न लें
क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने कहा कि इस वर्ष वैश्विक अर्थव्यवस्था में 3% की वृद्धि का अनुमान है, जो पहले की आशंकाओं से बेहतर है। इसके पीछे देशों की निर्णायक आर्थिक नीतियां, निजी क्षेत्र की अनुकूलता और अपेक्षा से कम गंभीर रहे टैरिफ प्रभाव को कारण बताया गया है। हालांकि जॉर्जीवा ने साफ कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था का लचीलापन अभी पूरी तरह से परखा नहीं गया है। उन्होंने चेताया-कृपया राहत की सांस न लें। दुनिया अभी भी अस्थिरता के दौर में है और इसके कई संकेत दिखाई दे रहे हैं।
उदाहरण के लिए, सोने की बढ़ती वैश्विक मांग दर्शाती है कि निवेशक अभी भी अनिश्चितता से डरे हुए हैं। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ निर्णयों को लेकर भी चिंता जताई। क्रिस्टालिना जॉर्जीवा के अनुसार- इन टैरिफ का पूरा प्रभाव अभी सामने आना बाकी है। अमेरिका में कंपनियों के लाभ मार्जिन में कमी से कीमतें बढ़ सकती हैं, जिससे मुद्रास्फीति पर असर पड़ेगा और मौद्रिक नीति व विकास दर दोनों प्रभावित होंगे।
क्यों अहम है बयान?
क्रिस्टालिना जॉर्जीवा की यह टिप्पणी ऐसे दिन आई है जब सोने की कीमतें पहली बार 4,000 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई हैं। इसका मतलब है कि निवेशक कमजोर डॉलर और जियो पॉलिटिक्स में अनिश्चितता से बचने के लिए सुरक्षित निवेश की तलाश में हैं। इसके अलावा, अगले हफ्ते वाशिंगटन में आईएमएफ और विश्व बैंक की वार्षिक बैठकें भी होंगी। वैश्विक वित्तीय नेताओं और केंद्रीय बैंकरों के इकट्ठा होने पर ट्रंप के टैरिफ पर भी जोरदार चर्चा होने की उम्मीद है।





