
रॉकेट बना सरकारी कंपनी का शेयर, NSE के आईपीओ से क्या है कनेक्शन?
सरकारी कंपनी IFCI लिमिटेड के शेयर सोमवार को BSE में इंट्राडे के दौरान 18% से अधिक के उछाल के साथ 58.30 रुपये पर पहुंच गए। IFCI के शेयरों में यह उछाल उन रिपोर्ट्स के बीच आया है, जिनमें कहा गया है कि सेबी NSE के IPO को नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट देने पर विचार कर रहा है।
सरकारी कंपनी आईएफसीआई लिमिटेड के शेयर सोमवार को रॉकेट सा उड़ गए। आईएफसीआई लिमिटेड के शेयर सोमवार को BSE में इंट्राडे के दौरान 18 पर्सेंट से अधिक के उछाल के साथ 58.30 रुपये पर पहुंच गए। कारोबार के आखिर में आईएफसीआई लिमिटेड के शेयर 14.90 पर्सेंट की तेजी के साथ 56.30 रुपये पर बंद हुए हैं। आईएफसीआई लिमिटेड (IFCI) के शेयरों में यह उछाल उन रिपोर्ट्स के बीच आया है, जिनमें कहा गया है कि बाजार नियामक संस्था सेबी नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के IPO को नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) देने पर विचार कर रहा है। यह बात बिजनेस स्टैंडर्ड के मार्केट ब्लॉग में कही गई है।
NSE में IFCI की हिस्सेदारी
आईएफसीआई लिमिटेड (IFCI) की अपनी सहायक कंपनी स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (SHCIL) के जरिए नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में 4.4 पर्सेंट अप्रत्यक्ष हिस्सेदारी है। IFCI की स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया में 52.86 पर्सेंट हिस्सेदारी है। स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (SHCIL) के पास NSE के 11 करोड़ शेयर हैं। जुलाई 2025 की इकनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में SHCIL की इस हिस्सेदारी की वैल्यू करीब 25000 करोड़ रुपये है, उस समय NSE के अनलिस्टेड शेयरों की वैल्यू 2285 रुपये थी।
NSE का मार्च आखिर तक ड्रॉफ्ट प्रॉस्पेक्ट्स फाइल करने का प्लान
देश के सबसे बड़े एक्सचेंज, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (NSE) की मार्च आखिर तक अपने बहुप्रतीक्षित आईपीओ के लिए ड्रॉफ्ट प्रॉस्पेक्ट्स फाइल करने की योजना है। मामले की जानकारी रखने वाले 2 लोगों के हवाले से यह बात रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में कही गई है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने सबसे पहले 2016 में आईपीओ के लिए फाइलिंग की थी, इसमें एक्सचेंज की मौजूदा शेयरहोल्डर्स की तरफ से 22 पर्सेंट हिस्सा बेचकर 10000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना थी। नियामक बाधाओं और लंबित विवादों की वजह से इस प्रक्रिया में देरी हुई। हालांकि, ग्रे मार्केट में NSE के शेयर हाई डिमांड में रहे हैं।





