ITR फाइल करने के बाद कर रहे रिफंड का इंतजार तो पढ़ें यह खबर

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मुख्य बातें

  • ITR Refund: रिफंड की प्रक्रिया रिटर्न को ई-वेरिफाई करने के बाद ही शुरू होती है, और करदाता के खाते में राशि जमा होने में 4-5 सप्ताह लगते हैं
  • आइए समझें क्यों लटक जाता है रिफंड.

ITR फाइल करने के बाद कर रहे रिफंड का इंतजार तो पढ़ें यह खबर

ITR Refund: अगर आप ITR फाइल कर चुके हैं तो आपको टैक्स रिफंड का इंतजार होगा? वैसे तो रिफंड की प्रक्रिया रिटर्न को ई-वेरिफाई करने के बाद ही शुरू होती है, और करदाता के खाते में राशि जमा होने में 4-5 सप्ताह लगते हैं। रिफंड के लिए केवल वे टैक्सपेयर्स ही पात्र हैं, जिनका निर्धारित टैक्स से अधिक टैक्स कटा हो। इसमें स्रोत पर कर कटौती (TDS), स्रोत पर एकत्र कर (TCS) के साथ करदाता द्वारा पेमेंट किए गए एडवांस टैक्स और सेल्फ असेसमेंट टैक्स शामिल होते हैं। यह जानकारी सीए संतोष मिश्रा ने दी।

सीए अजय बगड़िया इनकम टैक्स रिफंड में होने वाली देरी के कारण पर लाइव हिन्दुस्तान को बताया कि रिफंड में देरी की वजह तो कई हो सकती हैं, लेकिन प्रमुख कारणों की बात करें तो बैंक खाते का गलत डिटेल, बैंक खाते को पहले वेरीफाई नहीं किया जाना, आईटीआर में सही जानकारी नहीं देना, आयकर विभाग द्वारा आईटीआर की जांच करना या किसी टैक्सपेयर पर पिछला टैक्स बकाया हो।

क्या है Restricted Refund: बगड़िया बताते हैं कि यह एरर तब आता है, जब आपके पैन से जुड़ा नाम आपके बैंक खाते से जुड़े नाम से मेल नहीं खाता। इस समस्या को हल करने के लिए सुनिश्चित करें कि दोनों रिकॉर्ड एक जैसे हों। आपको अपने पैन पर अपना नाम अपडेट करने या अपने बैंक के साथ अपने नाम के डिटेल को मॉडिफाई करने की जरूरत हो सकती है।

रिफंड में देरी होने पर क्या करें

सीए अभिनंदन पांडेय ने रिफंड में देरी होने पर टैक्सपेयर्स द्वारा क्या कदम उठाए जाने चाहिए के सवाल पर बताया कि सबसे पहले अपना ई-मेल जांचें। आयकर विभाग रिफंड या किसी तरह की कोई नोटिस तो नहीं भेजा है। अगर आईटीआर स्टेटस में रिफंड क्लेम खारिज हो गया है तो टैक्सपेयर रिफंड दोबारा जारी करने के लिए अनुरोध कर सकते हैं। अगर क्लेम पेंडिंग है तो ई-फाइलिंग पोर्टल/आकलन अधिकारी से संपर्क कर इसके शीघ्र निपटारे के लिए अनुरोध कर सकते हैं।

अगर फिर भी देरी हो तो उठाएं ये दो जरूरी कदम

  1. आप आयकर विभाग की हेल्पलाइन 1800-103-4455 पर कॉल करके या उन्हें ask@incometax.gov.in पर ईमेल करके उनसे संपर्क कर सकते हैं। वे आपके रिफंड की स्थिति के बारे में सहायता कर सकते हैं।

2. रिफंड की स्थिति के बारे में सीधे पूछताछ करने के लिए स्थानीय इनकम टैक्स ऑफिस जा सकते हैं। अपने साथ संबंधित जरूरी डॉक्यूमेंट्स अवश्य ले जाएं।

Drigraj Madheshia

लेखक के बारे में

Drigraj Madheshia

दृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। ​इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें

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