₹590 करोड़ की धोखाधड़ी के बाद इस बैंक का बुरा हाल, 20% गिरा भाव, 66 रुपये तक आया शेयर
590 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामले सामने आने के बाद आईडीएफसी फर्स्ट बैंक (IDFC First Bank) के शेयरों का बुरा हाल है। कंपनी के शेयरों की कीमतों में 15 प्रतिशत की गिरावट आज सुबह दर्ज की गई है।
590 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामले सामने आने के बाद आईडीएफसी फर्स्ट बैंक (IDFC First Bank) के शेयरों का बुरा हाल है। कंपनी के शेयरों की कीमतों में 20 प्रतिशत की गिरावट आज सुबह दर्ज की गई है। इस प्राइवेट सेक्टर के बैंक ने रविवार को हरियाणा सरकार के खातों में अपने कर्मचारियों और अन्य लोगों द्वारा की गई 590 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का खुलासा किया था।
निवेशकों में शेयर बेचने की होड़
बीएसई में IDFC First Bank के शेयर सोमवार की सुबह 10 प्रतिशत के भारी-भरकम गिरावट के बाद 75.21 रुपये के स्तर पर ओपन ही हुए हैं। लेकिन इसके बाद बैंक के शेयरों में और गिरावट देखने को मिली। 20 प्रतिशत टूटने के बाद आईडीएफसी फर्स्ट बैंक का शेयर 66.85 रुपये के लेवल पर आ गया।
क्या कुछ बताया है कि IDFC First Bank ने?
शेयर बाजार को दी जानकारी में आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने कहा कि उसने बैंकिंग रेगुलेटरी को मामले की जानकारी दी है और पुलिस में भी शिकायत दर्ज कराई गई है। बैंक ने बताया, “शुरुआती जांच में पाया गया कि चंडीगढ़ की एक स्पेशल ब्रांड में कुछ कर्मचारियों ने हरियाणा सरकार के खातों में बिना अनुमति और धोखाधड़ी की गतिविधियां कीं, जिसमें अन्य व्यक्ति/इकाइयां भी शामिल हो सकते हैं।” आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने कहा कि वर्तमान में धोखाधड़ी की राशि 590 करोड़ रुपये अनुमानित है। बैंक ने बताया कि उक्त शाखा में पहचाने गए खातों में कुल राशि लगभग 590 करोड़ रुपये के आसपास है।
हरियाणा सरकार ने IDFC First Bank के साथ बंद किया कारोबार
590 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी का मामला सामने आने के बाद हरियाणा सरकार ने कड़ा एक्शन लिया है। हरियाणा सरकार ने IDFC First Bank और एयू स्मॉल बैंक के साथ सभी सरकारी बिजनेस को तत्काल प्रभाव से रोक दिया है। कोई भी सरकारी फंड IDFC First Bank में ना जमा होगा, ना ही इन्वेस्ट होगा और ना ही उनके साथ कोई ट्रांजैक्शन होगा।
IDFC First Bank के शेयरों का प्रदर्शन कैसा?
पिछले एक साल में इस प्राइवेट बैंक के शेयरों की कीमतों में 24 प्रतिशत की तेजी आई है। वहीं, तीन साल में इस बैंकिंग स्टॉक ने 39 प्रतिशत का रिटर्न पोजीशनल निवेशकों को दिया है। बता दें, IDFC First Bank ने आखिरी बार 2025 में डिविडेंड दिया था। तब कंपनी ने एक शेयर पर 0.25 रुपये का डिविडेंड बांटा था।
(भाषा के इनपुट के साथ)
(यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।)
लेखक के बारे में
Tarun Pratap Singhतरुण प्रताप सिंह, लाइव हिन्दुस्तान के साथ अक्टूबर 2020 से कार्यरत हैं। मौजूदा समय में बिजनेस टीम का हिस्सा हैं। लाइव हिन्दुस्तान के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबर पर लिखने के साथ-साथ आईपीओ पर वीडियो इंटरव्यू की भी जिम्मेदारी सम्भालते हैं। लाइव हिन्दुस्तान की वीडियो टीम के लिए 2022 में उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में टीम लीड करते हुए 200 विधानसभा सीट में ग्राउंड रिपोर्टिंग, इंटरव्यू और स्पेशल स्टोरीज कर चुके हैं। श्री राम जन्मभूमि प्राण प्रतिष्ठा समारोह, 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान भी उत्तर प्रदेश में ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव है। साल 2025 में प्रयागराज में सम्पन्न हुए महाकुंभ में 40 दिन से अधिक दिन तक कुंभ नगरी में रहकर अनेकों वीडियो इंटरव्यू और स्पेशल स्टोरिज किए थे।
शिक्षा
बी.ए (ऑनर्स) और एम.ए की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय वाराणसी से पूरा किया है। भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है।
अनुभव -
HT का हिस्सा बनने से पहले स्वतंत्र तौर पर 2019 में लोकसभा चुनाव, 2019 में हरियाणा विधानसभा, 2020 दिल्ली विधानसभा चुनाव और 2020 में दिल्ली दंगा की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव प्राप्त है। श्री राम मंदिर भूमि पूजन (साल 2020) के दौरान भी बतौर स्वतंत्र पत्रकार अपनी सेवाएं दिए हैं।
दैनिक जागरण के एक स्पेशल कार्यक्रम के तहत वाराणसी में दो अलग-अलग साल में 100-100 बच्चों को संसदीय कार्यप्रणाली की 15 दिनों की ट्रेनिंग भी देने का अनुभव प्राप्त है।
विशेषताएं -
वीडियो रिपोर्टिंग में दक्षता हासिल है। कई इंटरव्यू और ग्राउंड ओपनियन वीडियो नेशनल लेवल पर विमर्श का केंद्र बने हैं। बिजनेस और राजनीति के अलावा क्रिकेट, धर्म और साहित्य पर लिखना-पढ़ना पसंद है।


