इतिहास की सबसे बड़ी विदेशी डील! IDBI बैंक से सरकार बेचने जा रही हिस्सेदारी? इस कंपनी से ₹53,000 करोड़ की डील
मुख्य बातें
- कनाडा की फेयरफैक्स होल्डिंग्स (Fairfax Holdings) ने ₹81 प्रति शेयर की संशोधित बोली देकर IDBI बैंक में बड़ी हिस्सेदारी खरीदने की दौड़ में बढ़त बना ली है
- सरकार और LIC मिलकर करीब 60% हिस्सेदारी बेच सकती हैं, जिससे लगभग ₹53,000 करोड़ जुटने की उम्मीद है

भारत के बैंकिंग सेक्टर में एक ऐतिहासिक सौदा होने जा रहा है। कनाडा की निवेश कंपनी फेयरफैक्स होल्डिंग्स (Fairfax Holdings) ने IDBI बैंक में बड़ी हिस्सेदारी खरीदने के लिए अपनी बोली बढ़ा दी है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार ने फेयरफैक्स (Fairfax) के संशोधित प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है और जल्द ही इस डील का आधिकारिक ऐलान किया जा सकता है। अगर यह डील पूरी होती है, तो यह भारतीय बैंकिंग इतिहास में किसी विदेशी कंपनी का सबसे बड़ा निवेश होगा। इस डील का साइज करीब 53,000 करोड़ रुपये (5.5 अरब डॉलर) बताया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, फेयरफैक्स (Fairfax) ने पहले 75 रुपये प्रति शेयर की पेशकश की थी, लेकिन अब उसने इसे बढ़ाकर 81 रुपये प्रति शेयर कर दिया है। यही संशोधित ऑफर सरकार को पसंद आया और अब सौदा अंतिम चरण में पहुंच गया है। इस कीमत पर केंद्र सरकार अपनी 30.48% हिस्सेदारी बेचकर करीब 26,620 करोड़ रुपये जुटा सकती है।
वहीं, भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC), जिसके पास बैंक में करीब 49% हिस्सेदारी है, वह भी अपनी 30.24% हिस्सेदारी बेचने की तैयारी में है। इस तरह सरकार और LIC दोनों की हिस्सेदारी मिलाकर कुल डील का साइज करीब 53,000 करोड़ रुपये हो जाएगा। इतना बड़ा विदेशी निवेश इससे पहले किसी भारतीय बैंक में नहीं हुआ है।
इस अधिग्रहण के बाद फेयरफैक्स (Fairfax) को भारतीय नियमों के तहत ओपन ऑफर भी लाना होगा, ताकि सार्वजनिक शेयरधारकों को भी अपने शेयर बेचने का अवसर मिल सके। हालांकि, डील पूरी होने से पहले भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की 'फिट एंड प्रॉपर' मंजूरी और भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) सहित कई नियामकीय स्वीकृतियां लेना जरूरी होगा।
बैंक का शेयर परफॉर्मेंस
इस खबर का असर शेयर बाजार पर भी देखने को मिला। मंगलवार को IDBI बैंक का शेयर 2.9% चढ़कर 86.54 रुपये पर बंद हुआ। वहीं, बुधवार को खबर लिखे जाते समय इसका शेयर 2.76% तेजी के साथ 88.93 रुपये पर कारोबार कर रहा था। पिछले कुछ महीनों में शेयर ने शानदार रिकवरी की है। मार्च में जब सरकार ने कम बोली मिलने के कारण विनिवेश प्रक्रिया रोक दी थी, तब शेयर 52 सप्ताह के निचले स्तर 61.01 रुपये तक पहुंच गया था। उसके बाद से इसमें करीब 42% की तेजी आ चुकी है।
इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, फेयरफैक्स पहले से ही भारत के बैंकिंग सेक्टर में मौजूद है। उसकी भारतीय इकाई के पास CSB बैंक में करीब 40% हिस्सेदारी है। ऐसे में एक्सपर्ट का मानना है कि भविष्य में RBI दोनों बैंकों को लेकर कुछ शर्तें या समयसीमा तय कर सकता है। हालांकि, इस पर अंतिम फैसला नियामकों की मंजूरी के बाद ही होगा।
गौरतलब है कि 2019 में LIC ने 21,624 करोड़ रुपये निवेश कर IDBI बैंक में 51% हिस्सेदारी खरीदी थी, जिसके बाद बैंक को निजी क्षेत्र के बैंक का दर्जा मिला था। अब इस डील से LIC को करीब 26,440 करोड़ रुपये मिलने की संभावना है।
सरकार के लिए भी यह डील बेहद अहम माना जा रहा है। चालू वित्त वर्ष में सरकार ने 80,000 करोड़ रुपये के एसेट मॉनेटाइजेशन का लक्ष्य रखा है। अभी तक सरकार करीब 20,272 करोड़ रुपये ही जुटा पाई है। ऐसे में IDBI Bank की बिक्री से लक्ष्य हासिल करने में बड़ी मदद मिलेगी। इसके अलावा सरकार भविष्य में LIC और कोल इंडिया (Coal India) जैसी कंपनियों में भी हिस्सेदारी बेचने की योजना पर काम कर रही है।


