IDBI बैंक शेयर में आया तूफान! 4 दिन में 27% की रैली, निवेशक हुए मालामाल
मुख्य बातें
- IDBIबैंक के शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिली और स्टॉक एक दिन में करीब 19% तक उछल गया
- लगातार चार कारोबारी सत्रों में शेयर लगभग 27% चढ़ चुका है
- यही वजह है कि IDBI बैंक हाल के दिनों में शेयर बाजार का सबसे चर्चित बैंकिंग स्टॉक बन गया है

भारत सरकार के स्वामित्व वाले IDBI बैंक के शेयरों में हाल के दिनों में जोरदार तेजी देखने को मिली है। बुधवार को बैंक का शेयर लगभग 19% तक उछल गया और लगातार चौथे कारोबारी सत्र में बढ़त दर्ज की। पिछले चार दिनों में शेयर करीब 27% चढ़ चुका है, जिससे निवेशकों के बीच उत्साह बढ़ गया है। इस तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण बैंक के निजीकरण को लेकर फिर से तेज हुई चर्चाएं मानी जा रही हैं। लंबे समय से IDBI बैंक में सरकार और LIC की हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन कई कारणों से यह प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई थी। अब खबरें हैं कि सरकार इस प्रक्रिया को दोबारा स्पीड देने के विकल्पों पर विचार कर रही है। इसी उम्मीद ने बाजार में सकारात्मक माहौल बनाया है।
बुधवार के कारोबार में IDBI बैंक के शेयरों में भारी खरीदारी देखने को मिली। बड़ी संख्या में शेयरों की खरीद-बिक्री हुई और बाजार में असाधारण वॉल्यूम दर्ज किया गया। निवेशकों का मानना है कि अगर निजीकरण प्रक्रिया आगे बढ़ती है, तो बैंक की वैल्यूएशन और बिजनेस संभावनाओं में बड़ा बदलाव आ सकता है।
बैंक के वित्तीय नतीजों ने भी निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। हाल ही में जारी तिमाही परिणामों में बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में मजबूत वृद्धि देखने को मिली। हालांकि, मुनाफे में हल्की गिरावट दर्ज हुई, लेकिन बैंक की आय और संचालन क्षमता में सुधार के संकेत मिले हैं।
एसेट क्वालिटी के मोर्चे पर भी IDBI बैंक ने अच्छा प्रदर्शन किया है। बैंक के ग्रॉस एनपीए (NPA) और नेट एनपीए दोनों में कमी आई है, जो यह दर्शाता है कि बैंक खराब ऋणों को कंट्रोल करने में सफल रहा है। बेहतर असेट क्वॉलिटी किसी भी बैंक के लिए सकारात्मक संकेत मानी जाती है और इससे निवेशकों का विश्वास मजबूत होता है।
निजीकरण की प्रक्रिया पूरी होने पर संभावित खरीदार को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) और अन्य नियामक संस्थाओं से मंजूरी लेनी होगी। इसके अलावा अल्पसंख्यक शेयरधारकों के लिए ओपन ऑफर की प्रक्रिया भी पूरी करनी होगी। इसलिए अभी अंतिम निर्णय आने में समय लग सकता है।
हालांकि, शेयर में हालिया तेजी ने निवेशकों को अच्छा रिटर्न दिया है, लेकिन यह भी ध्यान देने वाली बात है कि साल 2026 की शुरुआत से अब तक IDBI बैंक का शेयर कुल मिलाकर अभी भी निगेटिव सेक्टर में रहा है। इसके बावजूद निजीकरण और बेहतर वित्तीय प्रदर्शन की उम्मीदों ने शेयर में नई जान फूंक दी है।
IDBI बैंक के शेयरों में आई इस बड़ी तेजी के पीछे निजीकरण की संभावनाएं, बेहतर एसेट क्वॉलिटी और मजबूत बैंकिंग प्रदर्शन मुख्य वजहें हैं। आने वाले महीनों में सरकार के फैसले और निजीकरण प्रक्रिया की प्रगति पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी।
लेखक के बारे में
Sarveshwar Pathakसर्वेश्वर पाठक अक्टूबर 2022 से ‘लाइव हिंदुस्तान’ में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में बिजनेस और ऑटो सेक्शन के लिए
काम कर रहे हैं। सर्वेश्वर बिजनेस और ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की खबरों, रिव्यू और गहराई से किए गए एनालिसिस के लिए जाने जाते
हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्हें 7 साल से अधिक का अनुभव है, जिसमें उन्होंने अपनी मजबूत पकड़ और समझ के जरिए एक अलग
पहचान बनाई है। उन्होंने देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार से पत्रकारिता में मास्टर डिग्री हासिल की और वर्ष 2019 में
ईटीवी भारत के साथ अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने दैनिक जागरण और एडिटरजी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में
भी काम किया, जहां उन्होंने अपनी लेखन शैली और विश्लेषण क्षमता को और निखारा।
उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर से आने वाले सर्वेश्वर केवल एक पत्रकार ही नहीं, बल्कि सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भागीदारी
निभाते हैं। उन्हें बाल शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता से जुड़े अभियानों में विशेष रुचि है। अपने विश्वविद्यालय के
दिनों में उन्होंने महाराष्ट्र के गोंदिया में दो महीने से अधिक समय तक सोशल वेलफेयर से जुड़े कार्य किए, जहां उन्होंने कई
स्कूलों और विश्वविद्यालयों के छात्रों को उच्च शिक्षा के प्रति प्रेरित किया। लेखन के अलावा सर्वेश्वर को बचपन से ही
क्रिकेट खेलने और डांस का शौक है, जो उनके व्यक्तित्व को संतुलित और ऊर्जावान बनाता है। उनका उद्देश्य सिर्फ खबरें लिखना ही
नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक और प्रेरित करना भी है।


