इस बैंक पर सरकार का बदल रहा इरादा, 2 दिन में ही बिखरा शेयर, ₹75 के नीचे आया भाव
विनिवेश प्रक्रिया रद्द होने की आशंका के बीच सरकारी स्वामित्व वाले आईडीबीआई बैंक के शेयर को बेचने की होड़ सी मची हुई है। वर्तमान में, सरकार और सरकारी स्वामित्व वाली एलआईसी मिलकर आईडीबीआई बैंक में 94.71 प्रतिशत हिस्सेदारी रखती हैं।

IDBI Bank share: विनिवेश प्रक्रिया रद्द होने की आशंका के बीच सरकारी स्वामित्व वाले आईडीबीआई बैंक के शेयर को बेचने की होड़ सी मची हुई है। बैंक के शेयर में मंगलवार को एक बार फिर गिरावट देखी गई और सिर्फ दो कारोबारी दिन में यह शेयर 20 पर्सेंट टूटकर 75 रुपये के नीचे आ गया है। सोमवार को शेयर में 17% गिरावट दर्ज की गई तो मंगलवार को 3% से ज्यादा टूट गया। इस दो दिन की गिरावट के कारण निवेशकों को 18,900 करोड़ रुपये का बड़ा नुकसान हुआ है। हालांकि, शेयर अब भी 52 वीक लो से मामूली बढ़त बनाए हुए है। बता दें कि पिछले साल मार्च में शेयर 72.04 रुपये तक गया था। यह शेयर के 52 हफ्ते का लो है।
क्यों शेयर में आई है गिरावट
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक आईडीबीआई बैंक की रणनीतिक बिक्री की प्रक्रिया रद्द किए जाने की संभावना है, क्योंकि संभावित खरीदारों द्वारा लगाई गई वित्तीय बोलियां रिजर्व प्राइस से कम थीं। दरअसल, सरकार और एलआईसी मिलकर आईडीबीआई बैंक में 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की कोशिश कर रहे थे और अक्टूबर 2022 में रुचि की अभिव्यक्ति (ईओआई) जारी की थी। वित्तीय बोलियां छह फरवरी को प्राप्त हुईं।
प्रेम वातसा के नेतृत्व वाली फेयरफैक्स और एमिरेट्स एनबीडी ने आईडीबीआई बैंक की रणनीतिक बिक्री के लिए बोली लगाई है। इससे पहले फरवरी में, कोटक महिंद्रा बैंक ने स्पष्ट किया था कि उसने बोली प्रक्रिया में भाग नहीं लिया था। वर्तमान में, सरकार और सरकारी स्वामित्व वाली एलआईसी मिलकर आईडीबीआई बैंक में 94.71 प्रतिशत हिस्सेदारी रखती हैं। सरकार के पास 45.48 प्रतिशत और एलआईसी के पास 49.24 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इसमें से सरकार और एलआईसी आईडीबीआई बैंक में 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की कोशिश कर रहे हैं।
सरकार को झटका
बिक्री रद्द होने से वित्त वर्ष 2027 के 80,000 करोड़ रुपये के विनिवेश और परिसंपत्ति मुद्रीकरण लक्ष्य को पूरा करने के सरकार के प्रयासों में दिक्कत आ सकती है। बीते दिनों वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया था कि आईडीबीआई बैंक का रणनीतिक विनिवेश सही दिशा में है और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम में हिस्सेदारी की बिक्री की गति गैर-कर राजस्व की दिशा तय करेगी।
कैसे रहे तिमाही नतीजे
बैंक का दिसंबर 2025 को समाप्त चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही का मुनाफा लगभग स्थिर रहा। इस दौरान उसने 1,935 करोड़ रुपये का मुनाफा अर्जित किया है और पिछले साल की समान अवधि में 1,908 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था। तिमाही में बैंक की कुल आय घटकर 8,282 करोड़ रुपये रह गई, जो पिछले साल इसी अवधि में 8,565 करोड़ रुपये थी। वहीं, बैंक की ब्याज आय भी कम हुई है।
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