77 रुपये वाले शेयर में 60% उछाल का अनुमान, एक साल में 28000 अंक तक जाएगा निफ्टी!
मुख्य बातें
- श्रीराम प्रॉपर्टीज के शेयर की पिछली क्लोजिंग ₹77.91 थी तो टारगेट प्राइस ₹125 है
- यह टारगेट प्राइस अगले एक साल तक के लिए है
- बता दें कि रियल एस्टेट कंपनी श्रीराम प्रॉपर्टीज का चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में मुनाफा 46 प्रतिशत घटकर 11.04 करोड़ रुपये रह गया

रियल एस्टेट कंपनी श्रीराम प्रॉपर्टीज का मुनाफा जून तिमाही में भले ही कम हो गया हो लेकिन इसके शेयर को लेकर एक्सपर्ट बुलिश नजर आ रहे हैं। ICICI सिक्योरिटीज का मानना है कि इस शेयर में 60 पर्सेंट से ज्यादा का उछाल आएग। बता दें कि वर्तमान में यह शेयर 100 रुपये से नीचे का है। आइए डिटेल में जान लेते हैं।
क्या है टारगेट प्राइस?
श्रीराम प्रॉपर्टीज के शेयर की पिछली क्लोजिंग ₹77.91 थी तो टारगेट प्राइस ₹125 है। यह टारगेट प्राइस अगले एक साल तक के लिए है। शेयर के 52 हफ्ते का हाई 99.50 रुपये है। वहीं, शेयर के 52 हफ्ते का लो 60.80 रुपये है। ICICI सिक्योरिटीज ब्रोकरेज के पंकज पांडे ने कहा कि कंपनी FY27 के लिए ₹3,300-₹3,500 करोड़ की प्री-सेल्स (साल-दर-साल 40-49% बढ़ोतरी) का लक्ष्य रख रही है। इसमें लगभग ₹6,000 करोड़ की मजबूत लॉन्च पाइपलाइन और लगभग ₹1,400-₹1,500 करोड़ की सस्टेनेंस सेल्स (मौजूदा प्रोजेक्ट्स से बिक्री) शामिल है।
कैसे रहे जून तिमाही के नतीजे?
रियल एस्टेट कंपनी श्रीराम प्रॉपर्टीज का चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में मुनाफा 46 प्रतिशत घटकर 11.04 करोड़ रुपये रह गया। वित्त वर्ष 2025-26 की पहली (अप्रैल-जून) तिमाही में कंपनी का मुनाफा 20.59 करोड़ रुपये था। इस अवधि में कुल आय मामूली बढ़कर 271.04 करोड़ रुपये हो गई जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 261.54 करोड़ रुपये थी। कंपनी के परिचालन खर्च और कर व्यय अप्रैल-जून तिमाही में बढ़े।
इसके अलावा, संयुक्त उद्यम वाली परियोजनाओं में भी कंपनी को नुकसान हुआ। परिचालन प्रदर्शन के मोर्चे पर श्रीराम प्रॉपर्टीज की पहली तिमाही में बिक्री बुकिंग 10 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 484 करोड़ रुपये रही। श्रीराम प्रॉपर्टीज की बेंगलुरु, चेन्नई, पुणे और कोलकाता में मौजूदगी है।
निफ्टी का क्या हाल?
ब्रोकरेज ICICI सिक्योरिटीज के मुताबिक घरेलू शेयर बाजार फिलहाल कंसोलिडेशन के दौर से गुजर रहा है। अगस्त में अब तक निफ्टी 50 करीब 0.60% नीचे है और अगर यही रुझान बना रहा तो इंडेक्स लगातार दो महीने की तेजी के बाद अगस्त में गिरावट के साथ बंद हो सकता है। ब्रोकरेज के हेड ऑफ रिसर्च पंकज पांडे के मुताबिक, निफ्टी 50 की कमाई उम्मीद से बेहतर रही है। पंकज पांडे के मुताबिक Q1FY27 लगातार चौथी तिमाही है, जब कंपनियों की कमाई में डबल डिजिट ग्रोथ देखने को मिली है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि FY26-FY28 के दौरान निफ्टी 50 की कमाई करीब 16% CAGR से बढ़ सकती है। ब्रोकरेज ने 12 महीने का निफ्टी टारगेट 28,000 अंक और सेंसेक्स का टारगेट 93,000 अंक रखा है।


