ICICI बैंक के शेयर में Q3 नतीजों के बाद 4% की गिरावट, क्या खरीदने का यही है मौका
ICICI Bank Share Price: देश के दूसरे सबसे बड़े प्राइवेट बैंक ICICI बैंक के शेयर में सोमवार के कारोबारी सत्र में 4% तक की गिरावट दर्ज की गई। यह गिरावट बैंक के मिले-जुले तीसरी तिमाही (Q3) के नतीजों के बाद आई है।
देश के दूसरे सबसे बड़े प्राइवेट बैंक ICICI बैंक के शेयर में सोमवार के कारोबारी सत्र में 4% तक की गिरावट दर्ज की गई। यह गिरावट बैंक के मिले-जुले तीसरी तिमाही (Q3) के नतीजों के बाद आई है। आईसीआईसीआई बैंक के शेयर की कीमत आज बीएसई पर 1,392.15 रुपये प्रति शेयर पर खुली। शेयर ने 1,399.85 रुपये का इंट्राडे हाई और 1,360 रुपये प्रति शेयर का इंट्राडे निचला स्तर छुआ।
आईसीआईसीआई बैंक ने तीसरी तिमाही (Q3 FY26) में 11,318 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 4% कम है। यह कमी मुख्य रूप से उच्च एकमुश्त प्रावधानों के कारण आई है।
आय और उधारी में वृद्धि: शुद्ध ब्याज आय में साल-दर-साल 7.7% की बढ़ोतरी हुई, जिसे 4.3% के स्थिर मार्जिन ने समर्थन दिया। वहीं, कॉर्पोरेट क्षेत्र में विशेष रूप से मजबूत रहते हुए ऋण वृद्धि दृढ़ बनी रही।
संपत्ति की गुणवत्ता में सुधार: इस तिमाही के दौरान संपत्ति की गुणवत्ता में सुधार देखा गया और सकल बैड लोन (एनपीए) अनुपात घटकर 1.53% हो गया। हालांकि, बढ़े हुए प्रावधानों ने समग्र लाभप्रदता को प्रभावित किया।
ब्रोकरेज फर्मों का रुख
ब्रोकरेज फर्मों ने बैंक की तीसरी तिमाही के प्रदर्शन के बाद आईसीआईसीआई बैंक के शेयरों पर अपना आशावादी नजरिया बनाए रखा है। उन्होंने एकमुश्त प्रावधानों के कारण आए मुनाफे की कमी को नजरअंदाज करते हुए लगातार चल रहे ऑपरेटिंग रुझानों, स्थिर मार्जिन और मजबूत हो रही जमा वृद्धि पर जोर दिया है। सीईओ संदीप बख्शी के कार्यकाल के विस्तार की घोषणा भी एक महत्वपूर्ण सकारात्मक बात सामने आई है, जिसने शेयर को लेकर एक लगातार बनी चिंता को कम कर दिया है।
क्या करें: खरीदें, बेचें या रोक कर रखें?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीएलएसए ने आईसीआईसीआई बैंक के लिए अपना 'आउटपरफॉर्म' रेटिंग दोहराया है और टार्गेट प्राइस 1,700 रुपये प्रति शेयर रखा है, जो 20% से अधिक की संभावित वृद्धि का संकेत देता है।
जेफरीज ने बढ़ाया टार्गेट प्राइस
जेफरीज ने भी अपनी 'Buy' रेटिंग बरकरार रखी है और अपना टार्गेट प्राइस बढ़ाकर 1,730 रुपये प्रति शेयर कर दिया है। उसने Q3 की कमाई में कमी का कारण कृषि पोर्टफोलियो पर उच्च प्रावधान और श्रम कानूनों से जुड़ी लागतों को बताया। उधार वृद्धि बढ़कर 12% हो गई, जो कॉर्पोरेट और होम लोन में वृद्धि से प्रेरित थी, हालांकि बिना सुरक्षा वाली रिटेल उधारी कमजोर रही।
बर्नस्टीन का रूझान
बर्नस्टीन, जिसका नजरिया अधिक रूढ़िवादी है, ने अपनी 'मार्केट परफॉर्म' रेटिंग बरकरार रखी है और टार्गेट प्राइस 1,550 रुपये प्रति शेयर रखा है। ब्रोकरेज ने कहा कि सीईओ की फिर से नियुक्ति से शेयर से जुड़ी एक बड़ी चिंता कम हुई है, हालांकि उसने तिमाही प्रदर्शन को लेकर निराशा जताई है।
नुवामा का विश्लेषण
नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने कहा कि आरबीआई के निर्देश पर कृषि पोर्टफोलियो पर 1,280 करोड़ रुपये के अप्रत्याशित प्रावधान, नए श्रम संहिता से जुड़े 150 करोड़ रुपये के एकमुश्त प्रावधान, और शुद्ध ब्याज आय तथा फीस में मामूली कमी के कारण आईसीआईसीआई का Q3 का नेट प्रॉफिट अपेक्षाओं से कम रहा।
SMC ग्लोबल सिक्योरिटीज की राय
एसएमसी ग्लोबल सिक्योरिटीज की वरिष्ठ रिसर्च एनालिस्ट सीमा श्रीवास्तव ने कहा कि आईसीआईसीआई बैंक के Q3 FY26 के नतीजे मिले-जुले हैं। नेट प्रॉफिट 11,318 करोड़ रुपये रहा। प्रावधान बढ़कर 2,556 करोड़ रुपये हो गए, जिसमें आरबीआई की निगरानी समीक्षा के कारण अतिरिक्त मानक संपत्ति प्रावधान 1,283 करोड़ रुपये शामिल हैं।
तकनीकी विश्लेषण
एंजल वन के इक्विटी टेक्निकल और डेरिवेटिव एनालिस्ट राजेश भोसले ने कहा कि आज के सत्र में स्टॉक में तेज गिरावट देखी गई और यह प्रमुख मूविंग एवरेज से नीचे खिसक गया। RSI में मंदी का क्रॉसओवर दिख रहा है। तकनीकी नजरिए से, कीमतों पर दबाव बना रह सकता है और यह हाल के 1,340-1,330 रुपये के स्तर का फिर से टेस्ट कर सकता है। ऊपर की ओर, 1,410-1,420 रुपये की रेंज तत्काल अवरोध का काम कर सकती है।
(डिस्क्लेमर: एक्सपर्ट्स की सिफारिशें, सुझाव, विचार और राय उनके अपने हैं, लाइव हिन्दुस्तान के नहीं। शेयर मार्केट में निवेश जोखिमों के अधीन है और निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)
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Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया:-लाइव हिन्दुस्तान में पिछले 6 साल से बिजनेस टीम का अहम हिस्सा हैं। दृगराज को पत्रकारिता में 21 वर्षों का लंबा अनुभव है। इन्होंने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी स्पेशल खबरों से खास पहचान बनाई है। शेयर मार्केट, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी पर विशेष पकड़। मैथ्स से ग्रेजुएट, मास कम्युनिकेशन और कंप्यूटर साइंस में पीजी डिप्लोमा। दृगराज, रिसर्च और एनॉलिस के जरिए मार्केट डेटा को आसान भाषा में 'कुछ अलग' पाठकों तक पहुंचाते हैं। लाइव हिन्दुस्तान से पहले साढ़े सात साल तक हिन्दुस्तान अखबार में बतौर सीनियर रिपोर्टर काम किया। इसके अलावा सहारा समय, दैनिक जागरण, न्यूज नेशन में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
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