Wipro के शेयरों में तेजी का तूफान, अमेरिका में 20% की रिकॉर्ड उछाल, आज भारत में दिखेगा असर
मुख्य बातें
- भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को छुट्टी होने की वजह से विप्रो के घरेलू शेयर इस घोषणा पर तुरंत प्रतिक्रिया नहीं दे पाए
- आज इसका असर घरेलू शेयर मार्केट में देखने को मिल सकता है
- दरअसल, कंपनी ने सर्विसनाउ के साथ अपनी साझेदारी के विस्तार का ऐलान किया, जिसने निवेशकों का भरोसा तेजी से बढ़ाया

अमेरिकी शेयर मार्केट में गुरुवार, 28 मई को बेंगलुरु की IT कंपनी विप्रो के एडीआर (अमेरिकन डिपॉजिटरी रिसीट) में तेजी का भयंकर तूफान देखने को मिला। एक समय यह तेजी 20 फीसदी तक पहुंच गई, जो अक्टूबर 2008 के बाद कंपनी के यूएस-लिस्टेड शेयरों में एक दिन की सबसे बड़ी छलांग है। पिछले दस कारोबारी सेशन में से आठ में इस एडीआर ने बढ़त दर्ज की है।
भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को छुट्टी होने की वजह से विप्रो के घरेलू शेयर इस घोषणा पर तुरंत प्रतिक्रिया नहीं दे पाए। आज इसका असर घरेलू शेयर मार्केट में देखने को मिल सकता है। दरअसल, कंपनी ने सर्विसनाउ के साथ अपनी साझेदारी के विस्तार का ऐलान किया, जिसने निवेशकों का भरोसा तेजी से बढ़ाया। बता दें बुधवार को घरेलू शेयर मार्केट में विप्रो के शेयर 201.70 रुपये पर बंद हुए थे।
सर्विसनाउ के साथ साझेदारी का मकसद
विप्रो ने सर्विसनाउ के साथ मिलकर एजेंटिक एआई वर्कफ्लो को बड़े पैमाने पर लागू करने की योजना बनाई है। यह साझेदारी उद्यमों के विभिन्न मुख्य कार्यों में मैन्युअल को-आर्डिनेशन को घटाने, परिचालन पारदर्शिता में सुधार करने और काम की रफ्तार बढ़ाने पर केंद्रित है।
इस गठजोड़ की बुनियाद विप्रो इंटेलिजेंस और सर्विसनाउ एआई प्लेटफॉर्म का इंटीग्रेशन है। विप्रो इंटेलिजेंस कंपनी का एआई-संचालित प्लेटफॉर्म और समाधानों का इंटीग्रेटेड सूट है, जो सर्विसनाउ के साथ जुड़कर संगठनों को एंटरप्राइज सिस्टम में काम शुरू करने, संचालित करने और पूरा करने की प्रक्रिया को सरल बनाएगा।
किन क्षेत्रों में दिखेगा असर
इस सहयोग का सीधा लाभ प्रोक्योरमेंट प्रॉसेस में आने वाली रुकावटों को कम करने में मिलेगा। टेलीकॉम सेक्टर में समस्या का समाधान तेज होगा और सेवा की गुणवत्ता बेहतर होगी। साइबर सुरक्षा के दायरे में कमजोरियों की पहचान और घटना प्रतिक्रिया कार्यप्रवाह को मजबूत कर सुरक्षा संचालन को और सशक्त किया जाएगा।
विप्रो की अमेरिका-1 रणनीतिक बाजार इकाई के सीईओ मलय जोशी का कहना है कि सर्विसनाउ के साथ बढ़ाई गई साझेदारी का उद्देश्य परामर्श-आधारित और एआई-संचालित आउटलुक के जरिए व्यावसायिक प्राथमिकताओं को उद्योग के अनुरूप एआई सॉल्यूशन में बदलना है।
ग्राहकों को मिलने वाले प्रमुख फायदे
इस पहल के तहत पूरे उद्यम में काम के अनुरोध सबमिट करने और प्रबंधित करने का एक समान अनुभव मिलेगा। प्रशासन और ऑडिटेबिलिटी सीधे वर्कफ्लो डिजाइन में शामिल होगी। मैन्युअल को-ऑर्डिनेशन और अनावश्यक हैंडऑफ को हटाकर वर्क साइकिल समय में सुधार होगा।
शेयर बायबैक रिकॉर्ड डेट और निवेशकों के लिए अवसर
विप्रो के भारतीय शेयरों ने भी हाल ही में लगातार आठ दिनों की बढ़त दर्ज की थी, हालांकि बुधवार को यह सिलसिला टूट गया। अब निवेशकों की नजर शेयर बायबैक की रिकॉर्ड डेट पर है, जो 5 जून तय की गई है। अमेरिकी एडीआर धारक भी इस बायबैक में हिस्सा लेने के पात्र हैं। पिछले दस कारोबारी सत्रों में विप्रो का एडीआर करीब 31 फीसदी चढ़ चुका है। ध्यान देने वाली बात यह है कि भारत में लिस्अेड शेयरों की तुलना में एडीआर में लिक्विडिटी अपेक्षाकृत कम होती है।
(डिस्क्लेमर: एक्सपर्ट्स की सिफारिशें, सुझाव, विचार और राय उनके अपने हैं, लाइव हिन्दुस्तान के नहीं। शेयर मार्केट में निवेश जोखिमों के अधीन है और निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)
लेखक के बारे में
Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें


