सोने-चांदी के दाम धड़ाम, Gold के भाव आज ₹2000 टूटे, चांदी ₹6200 से अधिक फिसली
मुख्य बातें
- Gold Silver Rate Today: सोने-चांदी के दाम आज भी गिरे हैं
- पश्चिम एशिया में अशांति बढ़ने और कच्चे तेल की कीमतों में आग लगने की वजह से गोल्ड-सिल्वर के रेट धराशायी हो गए

Gold Silver Rate Today 8 June: सोने-चांदी के भाव में आज बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर आज 10 ग्राम गोल्ड का रेट 153596 रुपये पर आ गया। इसमें 2004 रुपये की गिरावट है। जबकि, चांदी के रेट 6200 से अधिक गिरकर 2.41 लाख रुपये प्रति किलो पर आ गए हैं। सुबह साढ़े नौ बजे के करीब सोने का वायदा भाव 0.90 प्रतिशत नीचे 154200 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी का वायदा भाव 1.70 प्रतिशत नीचे 2.44 लाख रुपये प्रति किलो चल रहा था।
अंतरराष्ट्रीय मार्केट में भी गिरावट
वैश्विक बाजार में सोमवार को सोने की कीमतों में लगातार दूसरे दिन गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी ब्याज दरों के लंबे समय तक ऊंचे बने रहने की बढ़ती आशंकाओं के कारण निवेशकों का रुझान सोने से दूर होता दिख रहा है।
स्पॉट गोल्ड 4,321 डॉलर प्रति औंस के करीब
स्पॉट गोल्ड 0.2 प्रतिशत गिरकर 4,321.49 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। इससे पहले शुक्रवार को सोने में करीब 3 प्रतिशत की बड़ी गिरावट आई थी और कीमतें 24 मार्च के बाद के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई थीं।
गोल्ड फ्यूचर्स भी फिसले: अगस्त डिलीवरी वाले अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स में भी कमजोरी देखने को मिली। यह 0.5 प्रतिशत गिरकर 4,345.60 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।
क्यों गिर रहे सोने-चांदी के दाम
मजबूत अमेरिकी रोजगार आंकड़ों का असर
विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका में उम्मीद से बेहतर रोजगार आंकड़े आने के बाद यह धारणा मजबूत हुई है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनाए रख सकता है या आगे और सख्ती कर सकता है। ऊंची ब्याज दरें आमतौर पर सोने जैसी गैर-ब्याज देने वाली संपत्तियों के लिए नकारात्मक मानी जाती हैं।
कच्चे तेल में तेजी से बढ़ी महंगाई की चिंता
दूसरी ओर, खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बनी हुई है। तेल महंगा होने से वैश्विक स्तर पर महंगाई बढ़ने की आशंका पैदा हो गई है, जिससे केंद्रीय बैंकों पर ब्याज दरें ऊंची रखने का दबाव बढ़ सकता है।
निवेशकों की नजर फेड की अगली चाल पर
बाजार की नजर अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी नीतियों और मुद्रास्फीति के आंकड़ों पर टिकी है। यदि महंगाई ऊंची बनी रहती है और तेल की कीमतों में तेजी जारी रहती है, तो सोने पर निकट अवधि में दबाव बना रह सकता है।
(डिस्क्लेमर: एक्सपर्ट्स की सिफारिशें, सुझाव, विचार और राय उनके अपने हैं, लाइव हिन्दुस्तान के नहीं। यहां सिर्फ Gold Silver के परफॉर्मेंस की जानकारी दी गई है, यह निवेश की सलाह नहीं है। कमोडिटी मार्केट में निवेश जोखिमों के अधीन है और निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)
लेखक के बारे में
Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें


