क्रूड ऑयल के गिरते ही रॉकेट बने HPCL समेत ये स्टॉक्स, इन तेल कंपनियों को झटका! निवेशकों के लिए बड़ा संकेत
अमेरिका-ईरान सीजफायर के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट आई, जिससे डाउनस्ट्रीम कंपनियों जैसे HPCL, IOC और BPCL के शेयरों में तेजी आई, जबकि ONGC और Oil India जैसे अपस्ट्रीम स्टॉक्स पर दबाव देखने को मिला। निवेशकों के लिए यह बदलाव सेक्टर के अनुसार अलग-अलग अवसर और जोखिम लेकर आया है।

वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में आई तेज गिरावट ने भारतीय ऑयल कंपनियों के शेयरों में बड़ा उतार-चढ़ाव पैदा कर दिया है। हाल ही में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) द्वारा ईरान के साथ दो हफ्ते के सीजफायर (ceasefire) की घोषणा के बाद कच्चे तेल की कीमतों में करीब 15–17% की भारी गिरावट देखी गई। इसका सीधा असर भारतीय शेयर बाजार में ऑयल सेक्टर पर पड़ा, जहां कुछ कंपनियों के शेयर उछल गए तो कुछ में गिरावट देखने को मिली। आइए इसको जरा विस्तार से समझते हैं।
इन कंपनियों के शेयरों में 10% तक की तेजी
तेल की कीमतों में गिरावट का सबसे ज्यादा फायदा डाउनस्ट्रीम कंपनियों को हुआ, जैसे HPCL (Hindustan Petroleum Corporation Limited), IOC (Indian Oil Corporation) और BPCL (Bharat Petroleum Corporation Limited)। इन कंपनियों का काम कच्चे तेल को रिफाइन करके पेट्रोल-डीजल बनाना होता है। जब कच्चा तेल सस्ता होता है, तो इनकी लागत घटती है और मुनाफा बढ़ता है। यही वजह है कि इनके शेयरों में 6% से 10% तक की तेजी देखी गई। वहीं रिलायंस (Reliance Industries) के शेयरों में भी बढ़त दर्ज हुई, क्योंकि इसका रिफाइनिंग बिजनेस भी इस ट्रेंड से फायदा उठाता है।
HPCL में जबरदस्त तेजी
HPCL (Hindustan Petroleum Corp Ltd) में जबरदस्त तेजी देखी गई। खबर लिखे जाते समय इस कंपनी के शेयर 8 अप्रैल 2026 को 10.09% उछलकर ₹364.85 पर कारोबार कर रहे थे।
किसको हुआ नुकसान?
दूसरी ओर अपस्ट्रीम कंपनियों के लिए यह गिरावट नुकसानदायक साबित हुई। ऑयल और नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन (Oil and Natural Gas Corporation) और ऑयल इंडिया (Oil India) जैसी कंपनियों के शेयर 8 अप्रैल 2026 को 3.43% तक गिर गए। ये कंपनियां सीधे कच्चे तेल का उत्पादन करती हैं, इसलिए तेल की कीमत गिरने से उनकी कमाई पर असर पड़ता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कच्चे तेल में हर 1 डॉलर की गिरावट से ONGC के राजस्व पर 300-400 करोड़ रुपये का असर पड़ सकता है।
3.59% गिरकर ऑयल इंडिया का शेयर
8 अप्रैल 2026 को ऑयल इंडिया (Oil India Ltd) के शेयर 3.59% गिरकर ₹464.60 पर आ गए। कच्चे तेल की कीमतों में हालिया गिरावट का सीधा असर कंपनी पर पड़ा है, क्योंकि यह एक अपस्ट्रीम कंपनी है और इसकी कमाई तेल की कीमतों पर निर्भर करती है। ऐसे में क्रूड सस्ता होने से निवेशकों का सेंटीमेंट कमजोर हुआ है, जिसके चलते शेयर पर दबाव बना हुआ है। हालांकि, लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए यह गिरावट एक अवसर भी बन सकती है, लेकिन फिलहाल स्टॉक में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है।
इस पूरे घटनाक्रम की जड़ स्ट्रेट ऑफ हॉर्मोज (Strait of Hormuz) है, जो दुनिया के करीब 20% तेल सप्लाई का प्रमुख मार्ग है। इस क्षेत्र में तनाव कम होने से सप्लाई को लेकर डर घटा और कीमतें तेजी से नीचे आ गईं। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि तेल की कीमतें अभी भी अस्थिर रह सकती हैं। अगर मिडिल ईस्ट में फिर से तनाव बढ़ता है, तो कीमतें दोबारा उछल सकती हैं। कुछ ब्रोकरेज फर्म्स का अनुमान है कि आने वाले समय में कच्चा तेल 85–90 डॉलर प्रति बैरल के बीच हो सकता है।
आपको बता दें कि ईरान के प्रमुख ऊर्जा निर्यात केंद्र खारग द्वीप पर अमेरिकी हमलों की खबरों के बाद मंगलवार को WTI की कीमत 116.9 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी।
यह स्थिति निवेशकों के लिए एक साफ संदेश देती है। ऑयल सेक्टर में निवेश करते समय यह समझना जरूरी है कि कौन सी कंपनी अपस्ट्रीम है और कौन डाउनस्ट्रीम, क्योंकि तेल की कीमतों में हर बदलाव इन दोनों पर बिल्कुल अलग असर डालता है।
नोट- शेयर बाजार जोखिमों के अधीन है। विशेषज्ञों द्वारा दिए गए सुझाव, विचार और राय उनकी अपनी हैं। ये लाइव हिंदुस्तान के विचारों का प्रतिनिधित्व नहीं करती हैं। निवेश से पहले एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
लेखक के बारे में
Sarveshwar Pathakसर्वेश्वर पाठक अक्टूबर 2022 से ‘लाइव हिंदुस्तान’ में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में बिजनेस और ऑटो सेक्शन के लिए
काम कर रहे हैं। सर्वेश्वर बिजनेस और ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की खबरों, रिव्यू और गहराई से किए गए एनालिसिस के लिए जाने जाते
हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्हें 7 साल से अधिक का अनुभव है, जिसमें उन्होंने अपनी मजबूत पकड़ और समझ के जरिए एक अलग
पहचान बनाई है। उन्होंने देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार से पत्रकारिता में मास्टर डिग्री हासिल की और वर्ष 2019 में
ईटीवी भारत के साथ अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने दैनिक जागरण और एडिटरजी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में
भी काम किया, जहां उन्होंने अपनी लेखन शैली और विश्लेषण क्षमता को और निखारा।
उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर से आने वाले सर्वेश्वर केवल एक पत्रकार ही नहीं, बल्कि सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भागीदारी
निभाते हैं। उन्हें बाल शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता से जुड़े अभियानों में विशेष रुचि है। अपने विश्वविद्यालय के
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स्कूलों और विश्वविद्यालयों के छात्रों को उच्च शिक्षा के प्रति प्रेरित किया। लेखन के अलावा सर्वेश्वर को बचपन से ही
क्रिकेट खेलने और डांस का शौक है, जो उनके व्यक्तित्व को संतुलित और ऊर्जावान बनाता है। उनका उद्देश्य सिर्फ खबरें लिखना ही
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