एटीएम से बिना कॉर्ड के निकालें कैश, जानें UPI से कितना और कैसे निकाल सकेंगे पैसे
Good News: एटीएम से नकदी निकालने के लिए अब डेबिट कार्ड साथ रखना जरूरी नहीं है। दरअसल, कई बैंकों ने अपने एटीएम में यूपीआई आधारित नकद निकासी की सुविधा शुरू कर दी है। इसके तहत एटीएम मशीन पर एक क्यूआर कोड दिखाई देता है, जिसे फोन में मौजूद यूपीआई ऐप से स्कैन कर धनराशि निकाली जा सकती हैं।

एटीएम से नकदी निकालने के लिए अब डेबिट कार्ड साथ रखना जरूरी नहीं है। दरअसल, कई बैंकों ने अपने एटीएम में यूपीआई आधारित नकद निकासी की सुविधा शुरू कर दी है। इसके तहत एटीएम मशीन पर एक क्यूआर कोड दिखाई देता है, जिसे फोन में मौजूद यूपीआई ऐप से स्कैन कर धनराशि निकाली जा सकती हैं। यह प्रक्रिया काफी सरल और सुरक्षित मानी जाती है, क्योंकि इसमें किसी भौतिक कार्ड का इस्तेमाल नहीं करना पड़ता।
क्या है यूपीआई से कैश विड्रॉल
यूपीआई के माध्यम से एटीएम से कैश निकालने की सुविधा एक नई डिजिटल बैंकिंग व्यवस्था है। इसमें उपयोगकर्ता एटीएम पर यूपीआई कैश विड्रॉल का विकल्प चुनता है। इसके बाद मशीन एक क्यूआर कोड प्रदर्शित करती है। उपयोगकर्ता अपने फोन की यूपीआई ऐप से इस क्यूआर कोड को स्कैन करता है और फिर यूपीआई पिन दर्ज करके भुगतान की पुष्टि करता है। जैसे ही प्रक्रिया पूरी होती है एटीएम मशीन से नकदी निकल जाती है।
इसलिए फायदेमंद
इस सुविधा का सबसे बड़ा लाभ यह है कि लोगों को हर समय अपने साथ एटीएम कार्ड रखने की आवश्यकता नहीं रहती। यदि कार्ड खो जाए या चोरी हो जाए, तब भी पैसे निकालने में कोई परेशानी नहीं होती। साथ ही यह तरीका ठगी से भी काफी हद तक सुरक्षा प्रदान करता है। इसके अलावा बार-बार कार्ड डालने और पिन छिपाकर दर्ज करने की झंझट भी समाप्त हो जाता है।
कैश निकालने की प्रक्रिया
सबसे पहले उस एटीएम पर जाएं, जहां यूपीआई नकद निकासी का विकल्प उपलब्ध हो। एटीएम मशीन की स्क्रीन पर दिख रहे दिख रहे यूपीआई नकद निकासी विकल्प को चुनें। जितनी राशि निकाला चाहते हैं, उसे दर्ज करें।
एटीएम स्क्रीन पर क्यूआर कोड दिखाई देगा, जिसे फोन के यूपीआई एप से स्कैन करें। यूपीआई पिन दर्ज करके लेनदेन की पुष्टि करें, प्रक्रिया पूरी होते ही पैसे मिल जाएंगे।
इन बातों का रखें ध्यान
जिस एटीएम मशीन का उपयोग किया जा रहा है ,उसमें यूपीआई नकद निकासी की सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए। उपयोगकर्ता के फोन में सक्रिय यूपीआई ऐप के साथ इंटरनेट सेवा भी चालू होनी चाहिए। आमतौर पर एक बार में पांच हजार से दस हजार रुपये निकाले जा सकते हैं।
लेखक के बारे में
Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें


