सोने की चमक फीकी, चांदी भी लुढ़की, जानें कैसे तय होते हैं गोल्ड-सिल्वर के रेट
Glod Silver Rate MCX: एमसीएक्स पर चांदी का भाव करीब 0.07% गिरकर 2,42,439 रुपये प्रति किलोग्राम के दिन के निचले स्तर पर आ गया। एमसीएक्स गोल्ड की कीमत में 0.04% की गिरावट आई और यह 1,55,116 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया।

एमसीएक्स पर आज यानी गुरुवार 19 फरवरी को शुरुआती कारोबार में सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। इसकी मुख्य वजह अमेरिकी डॉलर का मजबूत होना है। दरअसल, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की पिछली बैठक के मिनट्स जारी हुए हैं, जिनसे पता चलता है कि नीति निर्माता ब्याज दरों को लेकर एकमत नहीं हैं। डॉलर इंडेक्स बढ़कर 97.73 के स्तर पर पहुंच गया, जो एक सप्ताह से अधिक का हाई है। इससे डॉलर में कारोबार होने वाली कीमती धातु दूसरे देशों की मुद्रा वाले निवेशकों के लिए महंगी हो जाती है।
एमसीएक्स पर आज के भाव
एमसीएक्स पर चांदी का भाव करीब 0.07% गिरकर 2,42,439 रुपये प्रति किलोग्राम के दिन के निचले स्तर पर आ गया। एमसीएक्स गोल्ड की कीमत में 0.04% की गिरावट आई और यह 1,55,116 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का हाल
अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट सिल्वर 0.5% गिरकर 76.83 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। इससे पिछले सत्र में इसमें 5% से अधिक की गिरावट आई थी। स्पॉट गोल्ड में 0.4% की गिरावट आई और यह 4,961.57 डॉलर प्रति औंस पर था। अमेरिकी गोल्ड वायदा (अप्रैल डिलीवरी) 0.6% की गिरावट के साथ 4,981 डॉलर पर था। अन्य कीमती धातुओं में स्पॉट प्लैटिनम 0.1% फिसलकर 2,069.35 डॉलर प्रति औंस और पैलेडियम 0.5% की गिरावट के साथ 1,707.53 डॉलर प्रति औंस पर आ गया।
फेड नीति को लेकर अनिश्चितता का माहौल
फेडरल रिजर्व की जनवरी बैठक के मिनट्स बताते हैं कि अधिकारियों के बीच राय बंटी हुई है। कुछ अधिकारी अगर महंगाई दर और कम होती है तो रेट कट की संभावना देख रहे हैं, जबकि कुछ का मानना है कि अगर कीमतों का दबाव बना रहा तो रेट बढ़ाने की जरूरत पड़ सकती है।
सीएमई के फेडवॉच टूल के मुताबिक, बाजार में इस साल 0.25% की तीन दर कटौती की उम्मीद जताई जा रही है। अब सबकी नजर आज आने वाले साप्ताहिक बेरोजगारी दावों के आंकड़ों और शुक्रवार को जारी होने वाले फेड के पसंदीदा महंगाई के आंकड़े पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर (पीसीई) डेटा पर टिकी है।
गोल्ड-सिल्वर के रेट कैसे तय होते हैं और शहर-शहर अलग क्यों होते हैं?
अंतरराष्ट्रीय बाजार से तय होता है बेस प्राइस
सोना-चांदी ग्लोबल कमोडिटी हैं। इनके दाम लंदन (LBMA) और न्यूयॉर्क (COMEX) जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों से तय होते हैं।
भारत में कीमत = अंतरराष्ट्रीय कीमत + डॉलर-रुपया (USD/INR) रेट
अगर डॉलर मजबूत या रुपया कमजोर होता है, तो भारत में दाम बढ़ जाते हैं।
डिमांड-सप्लाई, ब्याज दर, महंगाई, भू-राजनीतिक तनाव जैसी चीजें भी कीमतों को प्रभावित करती हैं।
भारत में अलग-अलग शहरों में रेट अलग क्यों होते हैं?
GST और लोकल टैक्स/चार्ज: GST समान है, लेकिन स्थानीय हैंडलिंग और अन्य खर्च अलग हो सकते हैं।
ट्रांसपोर्ट व इंश्योरेंस लागत: दूर के शहरों में सप्लाई खर्च ज्यादा।
डिमांड-सप्लाई: शादी-सीजन या त्योहारों में ज्यादा मांग वाले शहरों में दाम थोड़ा ऊंचा।
ज्वेलर्स का मार्जिन: हर सर्राफा बाजार का अपना प्रीमियम/मार्जिन होता है।
मेकिंग चार्ज (आभूषण में): डिजाइन और शहर के अनुसार अलग-अलग।
सरल शब्दों में कहें तो बेस रेट देशभर में लगभग एक जैसा होता है, लेकिन लोकल खर्च + मांग + ज्वेलर मार्जिन के कारण शहर-शहर थोड़ा फर्क दिखता है।
लेखक के बारे में
Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया:-लाइव हिन्दुस्तान में पिछले 6 साल से बिजनेस टीम का अहम हिस्सा हैं। दृगराज को पत्रकारिता में 21 वर्षों का लंबा अनुभव है। इन्होंने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी स्पेशल खबरों से खास पहचान बनाई है। शेयर मार्केट, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी पर विशेष पकड़। मैथ्स से ग्रेजुएट, मास कम्युनिकेशन और कंप्यूटर साइंस में पीजी डिप्लोमा। दृगराज, रिसर्च और एनॉलिस के जरिए मार्केट डेटा को आसान भाषा में 'कुछ अलग' पाठकों तक पहुंचाते हैं। लाइव हिन्दुस्तान से पहले साढ़े सात साल तक हिन्दुस्तान अखबार में बतौर सीनियर रिपोर्टर काम किया। इसके अलावा सहारा समय, दैनिक जागरण, न्यूज नेशन में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
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