केवल 45 दिन का बचा है LPG का स्टॉक, रेट से लेकर सप्लाई तक क्या हैं आज के अपडेट
मुख्य बातें
- LPG Price 12 May: 14.2 किलो वाला सिलेंडर सबसे अधिक घरों में इस्तेमाल होता है
- आज दिल्ली में यह एलपीजी सिलेंडर 913 रुपये में मिल रहा है
- वहीं 5 किलोग्राम का सिलेंडर ₹339 में उपलब्ध है
- कमर्शियल सिलेंडर 3,071.50 रुपये का है

देश में एलपीजी की सप्लाई और रिजर्व को लेकर केंद्र सरकार ने साफ किया है कि दुनिया भर में उथल-पुथल के बावजूद भारत का ऊर्जा भंडार मजबूत है। देश के पास 60 दिनों का कच्चा तेल, 60 दिनों की नेचुरल गैस और 45 दिनों की एलपीजी (रसोई गैस) का 'रोलिंग स्टॉक' मौजूद है। आइए जानें आज एलपीजी सिलेंडर के रेट क्या हैं...
14.2 किलो वाला सिलेंडर सबसे अधिक घरों में इस्तेमाल होता है। आज दिल्ली में यह एलपीजी सिलेंडर ₹913 में मिल रहा है। वहीं छोटे परिवार या अस्थायी उपयोग के लिए 5 किलोग्राम का सिलेंडर ₹339 में उपलब्ध है। दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर ₹3,071.50 का है।
दिल्ली में इंडस्ट्रियल 425 किलो वाला सिलेंडर ₹69,000 के करीब है। XtraTeJ और Nanocut जैसे हाई-एफिशिएंसी विकल्प भी शामिल हैं। ये सिलेंडर बड़े उद्योगों और फैक्ट्रियों में उपयोग किए जाते हैं, जहां गैस की खपत बहुत ज्यादा होती है।
अन्य शहरों में क्या हैं एलपीजी सिलेंडर के रेट
देहरादून में घरेलू सिलेंडर ₹932 और कमर्शियल ₹3129 का है। जयपुर में एलपीजी घरेलू सिलेंडर ₹916.5 और 19 किलो वाला कमर्शियल ₹3099 में बिक रहा है।बेंगलुरु में घरेलू ₹915.50 और कमर्शियल ₹3152 में बिक रहा है। हैदराबाद में घरेलू एलपीजी सिलेंडर का रेट ₹965 और कमर्शियल ₹3315 है। अंडमान में घरेलू एलपीजी सिलेंडर के रेट ₹989 हैं तो कमर्शियल के ₹3490 है।
रायपुर में घरेलू सिलेंडर 984.5 रुपये और कमर्शियल 3294.5 रुपये में है। पटना में आज घरेलू सिलेंडर ₹1002.50 और कमर्शियल ₹3346.5 का है। आगरा में घरेलू सिलेंडर 924.50 , गोरखपुर में 975.00, लखनऊ में 950.50 और कानपुर में 928 रुपये का है।
सिलेंडर की सप्लाई पर क्या कह रही सरकार
पेट्रोलियम मंत्रालय के मुताबिक, घरेलू एलपीजी और घरेलू पीएनजी यूजर्स और सीएनजी की सप्लाई 100% जारी है। कमर्शियल एलपीजी के लिए अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर सिलेंडरों की सप्लाई की जा रही है। सरकार ने कहा कि फार्मास्यूटिकल्स, स्टील, ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्रिंग, कृषि और बीज उत्पादन जैसे क्षेत्रों को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
सरकार की क्या है योजना
सरकार अब ऊर्जा सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए 'समुद्र मंथन' योजना को तेजी से आगे बढ़ा रही है। अगले 3 से 6 महीनों में कच्चे तेल, गैस और LPG की भंडारण क्षमता बढ़ाने पर काम कर रही है। 30 दिनों के LPG स्ट्रैटेजिक रिजर्व बनाने की संभावना तलाश रही है।
सरकार का आश्वासन
सरकार ने स्पष्ट किया कि "घबराने की कोई जरूरत नहीं है, न ही किसी को पेट्रोल पंप पर जल्दबाजी करने की जरूरत है।" 40 से अधिक देशों से ईंधन आयात और स्पष्ट रणनीति के कारण भारत मौजूदा ऊर्जा चुनौतियों से निपटने में पूरी तरह सक्षम है।
इस साल कितना महंगा हुआ सिलेंडर
इस साल अबतक कमर्शियल सिलेंडर के दाम करीब 1500 रुपये बढ़ चुके हैं। जबकि, घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम केवल 60 रुपये ही बढ़े। कमर्शियल सिलेंडर के दाम में अबतक की सबसे बड़ी बढ़त मई में ₹993 की हुई। इससे पहले जनवरी में 111 रुपये, फरवरी में 49 रुपये, मार्च में कुल ₹144 की बढ़ोतरी हुई थी, इसके बाद 1 अप्रैल को करीब ₹200 का इजाफा किया गया इंडियन ऑयल के आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में 1 दिसंबर 2025 को कमर्शियल सिलेंडर की कीमत केवल 1580.50 रुपये थी।
लेखक के बारे में
Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें


