हॉस्पिटल बिल होगा कम? IRDAI ने बनाई एक सब कमेटी, जानें क्या है इसका काम
मौजूदा समय में बढ़ता हॉस्पिटल बिल लोगों के लिए एक बड़ी समस्या है। यह चुनौती उस समय और बड़ी हो जाती है जब इंश्योरेंस कंपनियों की तरफ से क्लेम ढिलाई देखने को मिलती है। इसकी को देखते हुए IRDAI ने सब-कमेटी बनाई है।

बढ़ता मेडिकल इंश्योरेंस प्रीमियम और जरूरत के समय में कंपनियों के द्वारा की जाने वाली ढिलाई की वजह से अक्सर लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बड़ी संख्या में पॉलिसी होल्डर्स की शिकायत करते रहते हैं। इसी को देखते हुए IRDAI ने एक सब कमेटी बनाने का फैसला किया है। आइए जानते हैं कि यह कमेटी किन बातों पर रिपोर्ट देगी
क्या करेगी यह IRDAI की सब-कमेटी
यह नई कमेटी हेल्थ इंश्योरेंस के जरिए वित्तीय सुरक्षा में सुधार, अधिक रिस्क मैनेजमेंट की व्यवस्था, ज्यादा पॉलिसी कवरेज और इनोवेशन पर जुड़ी अपनी सलाह IRDAI को देगी। इस कमेटी का फोकस कंज्यूर के विश्वास और उपयोगिता को बढ़ाना है। जिससे पॉलिसी होल्डर्स को जब इसकी सबसे ज्यादा जरूरत हो तब की स्थिति में इसका लाभ आसानी से मिल सके।
क्या होगा मुख्य फोकस
मौजूदा समय में जब आप कोई हेल्थ इंश्योरेंस खरीदते हैं तब आपको बहुत ढेर सारे नियमों को पढ़ना होता है। यह काफी कंफ्यूजन भरा होता है। इसके साथ ही क्लेम के वक्त देखा जाता है कि कंपनियां नियमों के आड़ में पॉलिसी होल्डर्स के साथ अच्छे से पेश नहीं आती हैं। इन सभी समस्यों पर भी कमेटी अपनी राय देगी। साथ ही मौजूदा नियमों को और सरल बनाने की कोशिश किया जाएगा। जिससे पॉलिसी होल्डर्स आसानी से सभी नियमों को समझ सकें।
इन सबके अलावा डिजिटल इकोसिस्टम को बेहतर करना। जिससे फ्रॉड से लोगों को बचाया जा सके। साथ ही आसानी से पॉलिसी पोर्ट की सुविधा के साथ-साथ सरकारी हेल्थ स्कीम और प्राइवेट इंश्योरेंस कंपनियों के बीच बेहतर कॉर्डिनेशन से जुड़े भी कंपनी सुझाव देगी।
पॉलिसी होल्डर्स को कैसे मिलेगा लाभ
हेल्थ इंश्योरेंस का मौजूदा सिस्टम काफी पेचीदा है। जिसकी वजह से पॉलिसी होल्डर्स को क्लेम के वक्त अनेकों समस्याओं का सामना करना पड़ता है। देखा गया है कि कई मामलों में कंपनियों क्लेम देने से बचने की प्रयास करती नजर आती है। अगर इंश्योरेंस देने वाली कंपनियों और हॉस्पिटल को लेकर कोई ज्वाइंट कोड ऑफ कंडक्ट आता है तब की स्थिति में पॉलिसी होल्डर्स को तेजी के साथ अपनी बिलिंग करवाने में आसानी होगी।
लेखक के बारे में
Tarun Pratap Singhतरुण प्रताप सिंह, लाइव हिन्दुस्तान के साथ अक्टूबर 2020 से कार्यरत हैं। मौजूदा समय में बिजनेस टीम का हिस्सा हैं। लाइव हिन्दुस्तान के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबर पर लिखने के साथ-साथ आईपीओ पर वीडियो इंटरव्यू की भी जिम्मेदारी सम्भालते हैं। लाइव हिन्दुस्तान की वीडियो टीम के लिए 2022 में उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में टीम लीड करते हुए 200 विधानसभा सीट में ग्राउंड रिपोर्टिंग, इंटरव्यू और स्पेशल स्टोरीज कर चुके हैं। श्री राम जन्मभूमि प्राण प्रतिष्ठा समारोह, 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान भी उत्तर प्रदेश में ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव है। साल 2025 में प्रयागराज में सम्पन्न हुए महाकुंभ में 40 दिन से अधिक दिन तक कुंभ नगरी में रहकर अनेकों वीडियो इंटरव्यू और स्पेशल स्टोरिज किए थे।
शिक्षा
बी.ए (ऑनर्स) और एम.ए की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय वाराणसी से पूरा किया है। भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है।
अनुभव -
HT का हिस्सा बनने से पहले स्वतंत्र तौर पर 2019 में लोकसभा चुनाव, 2019 में हरियाणा विधानसभा, 2020 दिल्ली विधानसभा चुनाव और 2020 में दिल्ली दंगा की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव प्राप्त है। श्री राम मंदिर भूमि पूजन (साल 2020) के दौरान भी बतौर स्वतंत्र पत्रकार अपनी सेवाएं दिए हैं।
दैनिक जागरण के एक स्पेशल कार्यक्रम के तहत वाराणसी में दो अलग-अलग साल में 100-100 बच्चों को संसदीय कार्यप्रणाली की 15 दिनों की ट्रेनिंग भी देने का अनुभव प्राप्त है।
विशेषताएं -
वीडियो रिपोर्टिंग में दक्षता हासिल है। कई इंटरव्यू और ग्राउंड ओपनियन वीडियो नेशनल लेवल पर विमर्श का केंद्र बने हैं। बिजनेस और राजनीति के अलावा क्रिकेट, धर्म और साहित्य पर लिखना-पढ़ना पसंद है।


