
पहले ही दिन कराया 75% का फायदा, अब शेयर के बुरे हाल, 47% से ज्यादा टूटा शेयर
70 रुपये के IPO प्राइस के मुकाबले हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयर पहले ही दिन 75% से ज्यादा उछल गए थे। हालांकि, अब कंपनी के शेयर काफी लुढ़क गए हैं और IPO प्राइस से नीचे जा पहुंचे हैं। कंपनी के शेयर बुधवार को 68.50 रुपये पर बंद हुए हैं।
हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयर करीब 3 महीने पहले बाजार में लिस्ट हुए हैं। हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयरों ने पहले ही दिन अपने निवेशकों को मालामाल कर दिया था। IPO में कंपनी के शेयर का दाम 70 रुपये था। हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयर 12 अगस्त 2025 को BSE में 117 रुपये पर लिस्ट हुए और लिस्टिंग वाले ही दिन कंपनी के शेयर उछाल के साथ 122.84 रुपये पर बंद हुए। 70 रुपये के IPO प्राइस के मुकाबले हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयर पहले ही दिन 75 पर्सेंट से ज्यादा उछल गए थे। हालांकि, अब कंपनी के शेयर काफी लुढ़क गए हैं और IPO प्राइस से भी नीचे जा पहुंचे हैं।

52 हफ्ते के हाई से 47% से ज्यादा टूट गए हैं कंपनी के शेयर
हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर (Highway Infrastructure) के शेयर 14 अगस्त 2025 को 134.89 रुपये पर पहुंच गए थे और 52 हफ्ते का अपना नया हाई बनाया था। हालांकि, कंपनी के शेयर अब 52 हफ्ते के हाई लेवल से 47 पर्सेंट से अधिक टूट गए हैं। हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयर बुधवार 19 नवंबर को BSE में 68.50 रुपये पर बंद हुए हैं। कंपनी के शेयर बुधवार को दिन के कारोबार के दौरान 67.10 रुपये पर भी पहुंचे और 52 हफ्ते का नया निचला स्तर बनाया। फिलहाल, कंपनी का मार्केट कैप 490 करोड़ रुपये से ज्यादा है।
कंपनी के IPO पर लगा था 67 गुना से ज्यादा दांव
हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर (Highway Infrastructure) का आईपीओ टोटल 67.91 गुना सब्सक्राइब हुआ था। कंपनी के आईपीओ में आम निवेशकों की कैटेगरी में 70.45 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था। वहीं, गैर-संस्थागत निवेशकों (नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स) की कैटेगरी में 89.10 गुना दांव लगा, जबकि क्वॉलीफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) का कोटा 6.46 गुना सब्सक्राइब हुआ था। आईपीओ से पहले कंपनी में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 94.95 पर्सेंट थी, जो कि अब 70.04 पर्सेंट रह गई है।
क्या करती है कंपनी
हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड की शुरुआत साल 1995 में हुई है। हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर एक इंफ्रास्ट्रक्चर डिवेलपमेंट और मैनेजमेंट कंपनी है, यह टोलवे कलेक्शन, इंजीनियरिंग, प्रेक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (EPC) प्रोजेक्ट्स और रियल एस्टेट डिवेलपमेंट में सक्रिय है। रोड, हाईवेज, ब्रिज और रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट्स के कंस्ट्रक्शन एंड मेंटीनेंस में कंपनी का स्पेशलाइजेशन है।





