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अधिक फैमिली पेंशन 67 की उम्र तक ही मिलेगी, दो पत्नी के मामले में भी नियम स्पष्ट

अधिक फैमिली पेंशन 67 की उम्र तक ही मिलेगी, दो पत्नी के मामले में भी नियम स्पष्ट

संक्षेप:

अगर कोई भी केंद्रीय कर्मचारी 60 साल या फिर 65 साल की उम्र में रिटायरमेंट होता है और उसकी मृत्यु हो जाती है तो उसके आश्रितों को बढ़ी हुई दर पर पारिवारिक पेंशन उस तारीख तक देय होगी, जिस दिन दिवंगत कर्मचारी की आयु 67 वर्ष पूरी होती। इसके बाद सामान्य दर पर पेंशन मिलेगी।

Mon, 3 Nov 2025 06:00 AMDrigraj Madheshia हिन्दुस्तान टीम
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सरकार ने पेंशन संबंधी नियमों को लेकर महत्वपूर्ण आदेश जारी किए हैं। पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग ने स्पष्ट किया है कि रिटायरमेंट के बाद कर्मचारी की मृत्यु होने पर उसके परिवार को सात साल या कर्मचारी की 67 साल की उम्र तक (जो पहले हो) ही बढ़ी हुई दर पर पारिवारिक पेंशन मिलेगी। यह नियम सभी कर्मचारियों पर लागू होगा, चाहे वह किसी भी उम्र में रिटायरमेंट हुआ है।

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वर्तमान में कुछ मंत्रालयों और विभागों में यह असमंजस बना हुआ था कि जिन कर्मचारियों की रिटायरमेंट आयु 65 साल निर्धारित है तो क्या उनके आश्रितों को भी 67 वर्ष की आयु तक ही पूरी पारिवारिक पेंशन मिलेगी या उससे अधिक समय तक पेंशन मिल सकेगी। इसी भ्रम को दूर करने के लिए विभाग ने इस संबंध में विस्तृत स्पष्टीकरण आदेश जारी किया है।

विभाग के अनुसार, अगर कोई भी केंद्रीय कर्मचारी 60 साल या फिर 65 साल की उम्र में रिटायरमेंट होता है और उसकी मृत्यु हो जाती है तो उसके आश्रितों को बढ़ी हुई दर पर पारिवारिक पेंशन उस तारीख तक देय होगी, जिस दिन दिवंगत कर्मचारी की आयु 67 वर्ष पूरी होती। इसके बाद सामान्य दर पर पेंशन मिलेगी। गौरतलब है कि केंद्रीय जैसे डॉक्टर, प्रोफेसर, वैज्ञानिकों और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की सेवानिवृत्ति आयु वर्तमान में 65 साल है।

क्या है पेंशन की बढ़ी हुई दर

नियमानुसार, अगर पेंशनर की मृत्यु 67 वर्ष की आयु पूरी होने से पहले हो जाती है तो उसके आश्रितों को तय सामान्य दर से अधिक पारिवारिक पेंशन मिलती है। यह बढ़ी हुई दर परिस्थितियों के अनुसार अंतिम वेतन का 50 फीसदी से अधिक हो सकती है। उपरोक्त अवधि के बाद सामान्य दर लागू होती है, जो 30 फीसदी तक हो सकती है। 65 साल की उम्र में सेवानिवृत्ति होने वालों पर भी यह नियम लागू रहेगा।

माता-पिता को देना होगा जीवन प्रमाणपत्र

नए नियमों के अनुसार, मृतक कर्मचारी के माता-पिता को बढ़ी हुई दर पर पेंशन मिलती रहे, इसके लिए उन्हें जीवन प्रमाणपत्र देना जरूरी होगा। बढ़ी हुई पेंशन, जो आखिरी सैलरी का 75% है, अब तभी दी जाएगी जब माता-पिता दोनों जिंदा होंगे। एक माता-पिता की मृत्यु होने पर, पेंशन अपने आप 60% हो जाएगी।

पेंशन का वरीयता क्रम

1. सबसे पहला हक दिवंगत कर्मचारी की पत्नी या पति का है। इसमें सेवानिवृत्ति के बाद हुई शादी या न्यायिक रूप से अलग हुए पति-पत्नी भी शामिल हैं।

2. इसके बाद बच्चों को हक रहेगा। इनमें गोद लिए हुए और सौतेले बच्चे भी शामिल होंगे।

3. फिर आश्रित माता-पिता को। अंत में मानसिक या शारीरिक रूप से अक्षम भाई-बहनों का हक रहेगा।

दूसरी पत्नी को पेंशन का हक नहीं मिलेगा

यदि कर्मचारी हिन्दू विवाह अधिनियम-1955 के दायरे में आता है और पहली पत्नी के रहते दूसरी शादी करता है, तो यह शादी अवैध मानी जाएगी। ऐसे मामलों में दूसरी पत्नी को पेंशन का हक नहीं मिलेगा। सरकार ने सभी विभागों को निर्देश दिया है कि ऐसे मामलों में फैसला लेने से पहले कानूनी सलाह जरूर लें।

Drigraj Madheshia

लेखक के बारे में

Drigraj Madheshia
टीवी, प्रिंट और डिजिटल में कुल मिलाकर 20 साल का अनुभव। एचटी डिजिटल से पहले दृगराज न्यूज नेशन, दैनिक जागरण, हिंदुस्तान, सहारा समय और वॉच न्यूज एमपी /सीजी में रिपोर्टिग और डेस्क पर जिम्मेदारी निभा चुके हैं। स्पेशल स्टोरीज,स्पोर्ट्स, पॉलिटिक्स, सिनेमा, स्पोर्ट्स के बाद अब बिजनेस की खबरें लिख रहे हैं। दृगराज, लाइव हिन्दुस्तान में बतौर असिस्टेंट न्यूज एडिटर काम कर रहे हैं। और पढ़ें
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