दिल छू लेने वाली कहानी: अमेजन ने छीनी नौकरी मगर बेटी ने सिखाया जीने का अंदाज

Feb 17, 2026 08:09 pm ISTDrigraj Madheshia लाइव हिन्दुस्तान
share

Heart Touching Story: अमेजन साढ़े 11 साल तक मेरी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा था और अचानक वह सब खत्म हो गया। उन्होंने उस आधी रात को आए ईमेल को याद किया, जिसमें उन्हें बताया गया कि उनकी सीनियर सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट मैनेजर की नौकरी चली गई है।

दिल छू लेने वाली कहानी: अमेजन ने छीनी नौकरी मगर बेटी ने सिखाया जीने का अंदाज

वाशिंगटन में रहने वाले एक भारतीय मूल के टेक प्रोफेशनल ने साझा किया है कि कैसे उन्होंने अमेजन से निकाले जाने के बाद के कठिन समय को संभाला और इस मुश्किल घड़ी में उनकी किशोर बेटी ने कैसे उन्हें सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने में मदद की। बिजनेस इनसाइडर में प्रकाशित एक लेख में 47 वर्षीय हेमंत विरमानी ने बताया कि अक्टूबर 2025 में हुई यह छंटनी उनके लिए एक सदमे की तरह थी। उन्होंने लिखा, "अमेजन साढ़े 11 साल तक मेरी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा था और अचानक वह सब खत्म हो गया।" उन्होंने उस आधी रात को आए ईमेल को याद किया, जिसमें उन्हें बताया गया कि उनकी सीनियर सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट मैनेजर की नौकरी चली गई है।

विरमानी का मानना है कि छंटनी करने का कोई "सही या आसान तरीका" नहीं होता। हालांकि, उन्होंने 2023 में अपनी टीम के कुछ सदस्यों को नौकरी खोते देखा था, लेकिन खुद इस अनुभव से गुजरना बिल्कुल अलग था।

नौकरी जाने के अगले दिन सुबह, उनके मैनेजर के साथ एक अनिवार्य 30 मिनट की बैठक हुई, जिसमें उन्होंने समर्थन का भरोसा दिलाया और विरमानी के शब्दों में, "सकारात्मक और मानवीय अंदाज" में यह खबर दी। उनके एक पुराने मैनेजर ने भी उनसे संपर्क किया और उनका हालचाल जानने के लिए एक कॉफी शॉप पर मिले।

बेटी ने कैसे बदला नजरिया?

पहले कुछ दिनों तक विरमानी इस घटना को समझने के लिए संघर्ष करते रहे, लेकिन अपनी बेटी को देखकर, जो हाई स्कूल की आखिरी कक्षा में पढ़ती है और जिसने पिछले साल एक मुश्किल स्थिति को पार किया था, उनका नजरिया बदल गया।

उन्होंने बताया कि पिछले साल उनकी बेटी के साथ एक प्रतिकूल स्थिति घटी थी, जिससे उबरने की जरूरत थी। उस मुश्किल समय में उसकी प्रतिक्रिया ने उन्हें प्रेरित किया। उन्होंने कहा, "उसकी मानसिकता थी, 'चुनौतियां मुझे अपने लिए या दूसरों के लिए आगे आने से नहीं रोक सकतीं।' उसका सकारात्मक रवैया मेरे लिए भी ऐसा ही करने की प्रेरणा बना।"

विरमानी ने आगे कहा, "मैंने उससे कुछ हद तक यही सीखा कि मुझे इस नौकरी जाने को सकारात्मकता के साथ लेना है, अपना धैर्य बनाए रखना है और आगे क्या करना है उस पर ध्यान केंद्रित करना है।"

कुछ हफ्तों बाद, विरमानी को एक और व्यक्तिगत नुकसान झेलना पड़ा जब उनके पिता का निधन हो गया। वे अपने परिवार को सहारा देने के लिए भारत गए और करीब एक महीने का समय अपने करियर और प्राथमिकताओं पर विचार करने में बिताया।

एक छुपा हुआ आशीर्वाद

अब, वह कहते हैं कि इस ब्रेक ने एक "ताजगी भरा बदलाव" लाया है। वह कहते हैं, "मेरा ध्यान अब अगली कंपनी के आकार या नाम पर कम है, बल्कि इस बात पर अधिक है कि मैं वहां क्या करूंगा। मैं ऐसी किसी चीज के लिए इंजीनियरिंग का नेतृत्व करने की उम्मीद कर रहा हूं, जिसका ग्राहकों पर बड़ा प्रभाव हो।"

AI से स्किल डेवलप किया

विरमानी ने बताया कि उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में नए स्किल्स सीखने शुरू कर दिए हैं और टेक उद्योग के भविष्य के बारे में वे "प्रतिक्रियाशील नहीं, बल्कि सक्रिय" रहना चाहते हैं। उन्होंने व्यावहारिक अनुभव हासिल करने के लिए एक शौक के तौर पर AI प्रोजेक्ट पर काम करना शुरू कर दिया है और नेटवर्किंग के साथ-साथ हेड-ऑफ-इंजीनियरिंग भूमिकाओं के लिए आवेदन कर रहे हैं।

छंटनी ने बदल दी लाइफस्टाइल

इस छंटनी ने उनकी लाइफस्टाइल में भी बदलाव ला दिया है। 47 वर्षीय विरमानी अब अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता दे रहे हैं, हफ्ते में 4-5 दिन जिम जा रहे हैं और नौकरी के आवेदन और नए कौशल सीखने के बीच अपना समय व्यवस्थित कर रहे हैं।

लिंक्डइन पर अपनी छंटनी की घोषणा करने के बाद, विरमानी को दोस्तों, पूर्व सहकर्मियों और यहां तक कि दशकों से बात न करने वाले परिचितों से भी समर्थन भरे संदेश मिले। उन्होंने बताया कि इनमें से कुछ संपर्कों से पहले ही नौकरी के अवसर मिलने लगे हैं।

उन्होंने माना कि उन्हें अभी भी इस बात की चिंता है कि उन्हें अगली नौकरी कब मिलेगी, लेकिन उनका मानना है कि यह अनुभव "एक छिपे हुए आशीर्वाद" के रूप में सामने आ सकता है।

छंटनी का सामना कर रहे लोगों को उनकी सलाह

छंटनी का सामना कर रहे लोगों को उनकी सलाह है, "मेरी सलाह है कि यह समझें कि छंटनी आपके बारे में नहीं है। यह उस माहौल के बारे में है जो छंटनी को मजबूर कर रहा है। दूसरा, अब जब यह हो चुका है, तो आप अतीत में जाकर इसे नहीं बदल सकते। आगे देखें कि आप आगे क्या कर सकते हैं। आप कैसे प्रतिक्रिया देते हैं यह बहुत महत्वपूर्ण है।"

Drigraj Madheshia

लेखक के बारे में

Drigraj Madheshia

दृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। ​इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें

जानें Hindi News, Business News, Budget 2026, बजट 2026 Live, Income Tax Live Updates की लेटेस्ट खबरें, शेयर बाजार का लेखा-जोखा, Share Market के लेटेस्ट अपडेट्स Investment Tips के बारे में सबकुछ।,