HDFC बैंक में 3,300 से ज्यादा नौकरियां कम…वजह जानकर चौंक जाएंगे!
मुख्य बातें
- HDFC बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 में अपनी कुल कर्मचारी संख्या 3,343 घटाकर 2,11,178 कर दी है
- बैंक ने इस बदलाव के पीछे AI और ऑटोमेशन के बढ़ते इस्तेमाल को वजह बताई है
- आइए इसकी डिटेल्स जानते हैं

देश के सबसे बड़े निजी बैंक HDFC बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान अपने कर्मचारियों की संख्या में बड़ा बदलाव किया है। बैंक की ताजा वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक, एक साल में 3,343 कर्मचारियों की संख्या कम हो गई है। 31 मार्च 2026 तक बैंक में कुल 2,11,178 कर्मचारी कार्यरत थे, जबकि इससे एक साल पहले यह संख्या इससे अधिक थी। खास बात यह है कि यह कमी बड़े पैमाने पर ऑटोमेशन (Automation) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल की वजह से आई है। बैंक अब अपने कर्मचारियों को बैक-ऑफिस के बजाय सीधे ग्राहकों से जुड़े कामों में लगाने की रणनीति पर काम कर रहा है।
Ai ऑटोमेशन खा रहा नौकरी?
HDFC बैंक की रिपोर्ट बताती है कि इस दौरान नई भर्तियों की रफ्तार भी धीमी रही। पिछले साल की तुलना में 3,811 कम लोगों की भर्ती की गई। सबसे ज्यादा असर नॉन-सुपरवाइजरी (Non-Supervisory) कर्मचारियों पर पड़ा, जिनकी संख्या 8,000 से अधिक घटकर 1,62,797 रह गई। इस वर्ग में आमतौर पर क्लेरिकल स्टाफ, बैक-ऑफिस कर्मचारी और ऑपरेशनल टीम शामिल होती है, यानी बैंक ने ऐसे कामों में कर्मचारियों की जरूरत कम कर दी है, जिन्हें अब तकनीक और Ai ऑटोमेशन के जरिए तेजी से पूरा किया जा सकता है।
बैंक में कहां हो रही भर्ती?
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि बैंक पूरी तरह भर्ती रोक रहा है। HDFC बैंक ने मिडिल और जूनियर मैनेजमेंट में नई नियुक्तियां भी की हैं। रिपोर्ट के अनुसार, मिडिल लेवल पर 1,252 और जूनियर लेवल पर 3,543 कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई गई। इसके अलावा सीनियर मैनेजमेंट में 15 नई नियुक्तियां भी हुई हैं। इससे साफ है कि बैंक उन क्षेत्रों में निवेश बढ़ा रहा है, जहां ग्राहकों को बेहतर सलाह, रिलेशनशिप मैनेजमेंट और हाई-वैल्यू सर्विस की जरूरत होती है।
CEO ने क्या कहा?
HDFC बैंक के एमडी और CEO शशिधर जगदीशन ने कहा कि बैंक तेजी से टेक्नोलॉजी-ड्रिवन और कस्टमर-सेंट्रिक मॉडल की ओर बढ़ रहा है। ऐसे में कर्मचारियों को भी नई तकनीकों के साथ खुद को अपडेट करना होगा। उनका कहना है कि AI और ऑटोमेशन का उद्देश्य कर्मचारियों की जगह लेना नहीं, बल्कि उनकी उत्पादकता बढ़ाना और उन्हें ज्यादा महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में लगाना है।
किस दिशा में काम कर रहे कई बड़े बैंक?
दरअसल, सिर्फ HDFC बैंक ही नहीं बल्कि दुनिया के कई बड़े बैंक इसी दिशा में काम कर रहे हैं। JPMorgan Chase, Citigroup और Standard Chartered जैसे वैश्विक बैंक भी पहले ही संकेत दे चुके हैं कि आने वाले सालों में AI के कारण कई पारंपरिक नौकरियों की जरूरत कम होगी, जबकि नई तकनीकी और ग्राहक-केंद्रित भूमिकाओं की मांग बढ़ेगी।
इस बीच HDFC बैंक बीते कुछ महीनों में एक अन्य कारण से भी चर्चा में रहा। बैंक के तत्कालीन पार्ट-टाइम चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने अचानक इस्तीफा देकर कुछ प्रशासनिक और नैतिक मुद्दों पर सवाल उठाए थे, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई थी और बैंक के मार्केट वैल्यू में बड़ी गिरावट आई थी। बाद में बैंक ने देश और विदेश की स्वतंत्र लॉ फर्मों से जांच कराई, जिसमें इन आरोपों के समर्थन में कोई ठोस सबूत नहीं मिला। CEO शशिधर जगदीशन ने इसे बैंक के लिए चुनौतीपूर्ण दौर बताया और कहा कि स्वतंत्र निदेशकों की एक विशेष समिति बनाकर पूरे मामले की पारदर्शी जांच कराई गई।
HDFC बैंक का यह कदम बैंकिंग सेक्टर में तेजी से बदलती तकनीक और AI आधारित कार्यशैली की ओर इशारा करता है। आने वाले समय में बैंकिंग नौकरियों का स्वरूप बदल सकता है, जहां पारंपरिक ऑपरेशनल भूमिकाओं की जगह डिजिटल, डेटा और ग्राहक-केंद्रित स्किल्स की मांग लगातार बढ़ने की संभावना है।
लेखक के बारे में
Sarveshwar Pathakसर्वेश्वर पाठक अक्टूबर 2022 से ‘लाइव हिंदुस्तान’ में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में बिजनेस और ऑटो सेक्शन के लिए
काम कर रहे हैं। सर्वेश्वर बिजनेस और ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की खबरों, रिव्यू और गहराई से किए गए एनालिसिस के लिए जाने जाते
हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्हें 7 साल से अधिक का अनुभव है, जिसमें उन्होंने अपनी मजबूत पकड़ और समझ के जरिए एक अलग
पहचान बनाई है। उन्होंने देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार से पत्रकारिता में मास्टर डिग्री हासिल की और वर्ष 2019 में
ईटीवी भारत के साथ अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने दैनिक जागरण और एडिटरजी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में
भी काम किया, जहां उन्होंने अपनी लेखन शैली और विश्लेषण क्षमता को और निखारा।
उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर से आने वाले सर्वेश्वर केवल एक पत्रकार ही नहीं, बल्कि सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भागीदारी
निभाते हैं। उन्हें बाल शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता से जुड़े अभियानों में विशेष रुचि है। अपने विश्वविद्यालय के
दिनों में उन्होंने महाराष्ट्र के गोंदिया में दो महीने से अधिक समय तक सोशल वेलफेयर से जुड़े कार्य किए, जहां उन्होंने कई
स्कूलों और विश्वविद्यालयों के छात्रों को उच्च शिक्षा के प्रति प्रेरित किया। लेखन के अलावा सर्वेश्वर को बचपन से ही
क्रिकेट खेलने और डांस का शौक है, जो उनके व्यक्तित्व को संतुलित और ऊर्जावान बनाता है। उनका उद्देश्य सिर्फ खबरें लिखना ही
नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक और प्रेरित करना भी है।


