₹45 करोड़ पेमेंट केस में बढ़ी HDFC बैंक की मुश्किल, जांच की खबर से शेयर हुआ धड़ाम, जानिए पूरा मामला

लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
Follow us on Google News
share

मुख्य बातें

  • HDFC बैंक में ₹45 करोड़ के कथित भुगतान को लेकर इंटरनल जांच की खबर सामने आने के बाद शेयरों में गिरावट दर्ज की गई
  • हालांकि, एचडीएफसी बैंक ने पेमेंट संबंधित गड़बड़ी की आशंकाओं और रिपोर्ट्स को पूरी तरह से खारिज कर दिया है
  • आइए जरा विस्तार से इस मामले को समझते हैं
₹45 करोड़ पेमेंट केस में बढ़ी HDFC बैंक की मुश्किल, जांच की खबर से शेयर हुआ धड़ाम, जानिए पूरा मामला
HDFC Bank Share Performance

भारत के सबसे बड़े निजी बैंक HDFC (HDFC Bank) को लेकर एक नई रिपोर्ट सामने आने के बाद शेयर बाजार में हलचल तेज हो गई है। बुधवार को बैंक के शेयर करीब 2% तक टूट गए और इंट्राडे कारोबार में ₹761 के स्तर तक पहुंच गए। गिरावट की वजह एक कथित आंतरिक जांच बताई जा रही है, जिसमें ₹45 करोड़ के भुगतान को लेकर कई गंभीर सवाल उठे हैं। यह मामला बैंकिंग सिस्टम में पारदर्शिता, कॉरपोरेट गवर्नेंस और नियमों के पालन को लेकर चर्चा का बड़ा विषय बन गया है। हालांकि, HDFC बैंक ने पेमेंट संबंधित गड़बड़ी की आशंकाओं और मीडिया रिपोर्ट्स को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। आइए जरा विस्तार से इस मामले की गहराई को समझते हैं।

इंडियन एक्सप्रेस और इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट्स के अनुसार, यह पूरा मामला महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (Maharashtra State Road Development Corporation) यानी MSRDC से जुड़ा है। आरोप है कि बैंक ने इस सरकारी एजेंसी को तय ब्याज दर से ज्यादा रिटर्न देने के लिए कथित तौर पर एक अलग व्यवस्था बनाई। कहा जा रहा है कि अतिरिक्त ब्याज सीधे खाते में देने के बजाय इसे मार्केटिंग खर्च के रूप में दिखाया गया और रोड सेफ्टी कैंपेन के नाम पर कुछ वेंडर्स के जरिए भुगतान किया गया।

बताया जा रहा है कि बैंक के मार्केटिंग विभाग की FY25 की इंटरनल ऑडिट के दौरान इस लेनदेन पर सवाल उठे। ऑडिट रिपोर्ट में विभाग की कार्यप्रणाली को असंतोषजनक बताया गया, जिसके बाद बैंक की ऑडिट कमेटी ने आंतरिक सतर्कता जांच (Internal Vigilance Investigation) शुरू करने का फैसला लिया।

इस मामले में सबसे ज्यादा ध्यान इस बात पर गया कि कथित फैसलों में वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में बताई जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बैंक के CEO शशिधर जगदीशन (Sashidhar Jagdishan) उन चर्चाओं में शामिल थे, जिनमें MSRDC को अतिरिक्त रिटर्न देने के विकल्पों पर विचार हुआ था। हालांकि, अभी तक बैंक की ओर से किसी भी तरह की आधिकारिक गलती स्वीकार नहीं की गई है।

जानकारी के अनुसार साल 2021 में HDFC बैंक ने MSRDC के बड़े डिपॉजिट को आकर्षित करने की कोशिश की थी। उस समय बैंक सेविंग अकाउंट पर लगभग 3.5% ब्याज दे रहा था, जबकि दूसरी वित्तीय संस्थाएं 6% या उससे ज्यादा रिटर्न ऑफर कर रही थीं। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि MSRDC ने लगभग 6.01% रिटर्न की मांग रखी थी, जिसके बाद बैंक के अंदर विशेष व्यवस्था तैयार की गई।

बताया जा रहा है कि बैंक ने कुछ समय के लिए 4.5% तक का स्पेशल इंटरेस्ट रेट भी मंजूर किया था, लेकिन अपेक्षित डिपॉजिट नहीं आने के बाद यह व्यवस्था बंद कर दी गई। इसके बाद कथित तौर पर अतिरिक्त ब्याज को मार्केटिंग स्पेंड के जरिए एडजस्ट करने की योजना बनाई गई।

रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि कई दस्तावेज लीगल और कंप्लायंस टीम से बिना मंजूरी के तैयार किए गए थे। साथ ही RBI के नियमों के संभावित उल्लंघन की बात भी कही गई है। नियमों के मुताबिक बैंक किसी खास ग्राहक को अलग से तय ब्याज दर नहीं दे सकते। वहीं, बैंक की एंटी-ब्राइबरी और एंटी-करप्शन पॉलिसी के उल्लंघन की आशंका भी जताई गई है। फिलहाल, इस मामले बैंक ने खारिज कर दिया है।

मामले पर बैंक का आधिकारिक बयान

HDFC बैंक ने बुधवार को ₹45 करोड़ पेमेंट मामले को लेकर मीडिया रिपोर्ट्स में लगाए गए आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया। बैंक ने कहा कि उसके पास मजबूत आंतरिक निगरानी, ऑडिट और कंट्रोल सिस्टम मौजूद हैं, जो सभी प्रक्रियाओं को तय नियमों के तहत संचालित करते हैं। बैंक के प्रवक्ता ने कहा, “हम चुनिंदा जानकारी के आधार पर लगाए गए किसी भी गलत काम या जिम्मेदारी से जुड़े आरोपों को सख्ती से खारिज करते हैं। सभी मामलों को स्थापित नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार संभाला जाता है और किसी भी आंतरिक समीक्षा के बाद अंतिम निर्णय लेने से पहले पूरी प्रक्रिया का पालन किया जाता है।”

बैंक की यह सफाई उन मीडिया रिपोर्ट्स के बाद आई, जिसमें दावा किया गया था कि बैंक की ऑडिट कमेटी ने ₹45 करोड़ के भुगतान की औपचारिक आंतरिक सतर्कता जांच (Internal Vigilance Investigation) शुरू की है।

शेयर परफॉर्मेंस

हालिया इंटरनल जांच से जुड़ी खबरों के बाद निवेशकों में थोड़ी चिंता बढ़ी है, जिसका असर शेयर पर साफ दिखाई दिया। HDFC बैंक के शेयर में आज 27 मई 2026 दबाव देखने को मिला और NSE पर यह स्टॉक 2.22% की गिरावट के साथ ₹761.60 पर बंद हुआ।

इस खबर के सामने आने के बाद निवेशकों में चिंता बढ़ गई है, क्योंकि बैंकिंग सेक्टर में भरोसा सबसे बड़ा आधार माना जाता है। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अभी जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष आने से पहले किसी ठोस नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। फिर भी इस पूरे मामले ने कॉरपोरेट गवर्नेंस और बैंकिंग पारदर्शिता पर एक नई बहस जरूर शुरू कर दी है। (S&C-Indian Express/economic times)

Sarveshwar Pathak

लेखक के बारे में

Sarveshwar Pathak

सर्वेश्वर पाठक अक्टूबर 2022 से ‘लाइव हिंदुस्तान’ में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में बिजनेस और ऑटो सेक्शन के लिए काम कर रहे हैं। सर्वेश्वर बिजनेस और ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की खबरों, रिव्यू और गहराई से किए गए एनालिसिस के लिए जाने जाते हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्हें 7 साल से अधिक का अनुभव है, जिसमें उन्होंने अपनी मजबूत पकड़ और समझ के जरिए एक अलग पहचान बनाई है। उन्होंने देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार से पत्रकारिता में मास्टर डिग्री हासिल की और वर्ष 2019 में ईटीवी भारत के साथ अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने दैनिक जागरण और एडिटरजी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम किया, जहां उन्होंने अपनी लेखन शैली और विश्लेषण क्षमता को और निखारा।

उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर से आने वाले सर्वेश्वर केवल एक पत्रकार ही नहीं, बल्कि सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भागीदारी निभाते हैं। उन्हें बाल शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता से जुड़े अभियानों में विशेष रुचि है। अपने विश्वविद्यालय के दिनों में उन्होंने महाराष्ट्र के गोंदिया में दो महीने से अधिक समय तक सोशल वेलफेयर से जुड़े कार्य किए, जहां उन्होंने कई स्कूलों और विश्वविद्यालयों के छात्रों को उच्च शिक्षा के प्रति प्रेरित किया। लेखन के अलावा सर्वेश्वर को बचपन से ही क्रिकेट खेलने और डांस का शौक है, जो उनके व्यक्तित्व को संतुलित और ऊर्जावान बनाता है। उनका उद्देश्य सिर्फ खबरें लिखना ही नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक और प्रेरित करना भी है।

और पढ़ें
बिजनेस न्यूज, आज के पेट्रोल और डीजल के दाम, शेयर बाजार की ताज़ा खबरें, आईटीआर न्यूज से जुड़ी जरूरी जानकारी पढ़ने के लिए Live Hindustan App अभी डाउनलोड करें।