क्या IT शेयरों के आ गए अच्छे दिन? तीसरे दिन भी उछाल जारी, 8% तक चढ़ा इंडेक्स
It Stocks Boom: कोफोर्ज में लगभग 7% की बढ़त दर्ज की जा रही है। पर्सिटेंट में 4.75 प्रतिशत की तेजी है। एलटीआईमाइंडट्री में 4.68% और एम्फेसिस में 4.55 प्रतिशत की तेजी है। टेक महिंद्रा में 4.34, ओएफएसएस में 4.28, इन्फोसिस में 4.04 प्रतिशत की उछाल है।
आज आईटी शेयरों के दम पर शेयर बाजार में बहार है। निफ्टी आईटी इंडेक्स में 4% से अधिक की तेजी दर्ज की जा रही है और यह 29,566 के स्तर पर पहुंच गया। लगातार तीसरे दिन IT सेक्टर में बढ़त बनी रही, जिससे तीन दिनों में कुल मिलाकर 8% का उछाल आया है। इस तेजी को देखकर तो ऐसा लग रहा है कि आईटी शेयरों के अच्छे दिन लौट आए हैं। इस पर एक्सपर्ट्स से समझेंगे कि क्या आईटी शेयरों में पैसे लगाने का सही टाइम आ गया है या नहीं?
कौन से शेयर आज टॉप पर है?
निफ्टी आईटी के सभी शेयर हरे निशान पर रहे। कोफोर्ज सबसे तेज चढ़ा। इसमें लगभग 7% की बढ़त दर्ज की जा रही है। उसके बाद पर्सिटेंट का नंबर है, जिसमें 4.75 प्रतिशत की तेजी है। एलटीआईमाइंडट्री में 4.68% और एम्फेसिस में 4.55 प्रतिशत की तेजी है।
टेक महिंद्रा में 4.34, ओएफएसएस में 4.28, इन्फोसिस में 4.04 प्रतिशत की उछाल है। जबकि, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और टीसीएस में 3% से अधिक की तेजी आई है। विप्रो 2.38% ऊपर है।
क्यों चढ़ रहे हैं आईटी स्टॉक्स?
एनालिस्ट्स के मुताबिक, तीन मुख्य वजहों से निवेशकों की रुचि आईटी शेयरों में फिर से बढ़ी है...
1. रुपए में गिरावट: डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर हुआ है, जिससे डॉलर में कमाई करने वाली कंपनियों के मुनाफे बढ़ने की उम्मीद जागी है।
2. एआई लागत अभी भी ज्यादा: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की लागत इंसानी श्रम से कुछ ज्यादा है, इसलिए तत्काल खतरा कम।
3. मौजूदा कीमतों पर फायदा: पहले भारी बिकवाली के बाद शेयर काफी गिर चुके हैं, और टीसीएस जैसी कंपनियों में डिविडेंड यील्ड आकर्षक स्तर पर आ गई है।
कांतिलाल छगनलाल सिक्योरिटीज के महेश एम ओझा कहते हैं, “आईटी सेक्टर में और तेजी की गुंजाइश है। थोड़ा ठहराव आ सकता है, लेकिन आगे भी बढ़त बनी रह सकती है।”
लिवलॉन्ग वेल्थ के फाउंडर हरिप्रसाद के अनुसार, “आईटी स्टॉक अब साइक्लिकल ग्रोथ से हटकर एक डिफेंसिव हेज बन रहे हैं। रुपया गिरने से फायदा और निर्यात से कमाई स्थिर बनी हुई है।”, लेकिन उन्होंने चेतावनी भी दी कि एआई से खतरा और दुनिया भर में कमजोर आईटी खर्च बड़ी तेजी पर रोक लगा सकता है।
2026 में आईटी सेक्टर का खराब प्रदर्शन
हालांकि, पिछले कुछ दिनों में रिकवरी दिखी है, लेकिन साल 2026 में अब तक आईटी शेयरों में 22% से अधिक की गिरावट आ चुकी है। बड़ी वजह क्लॉउड कोड और OpenAI जैसे AI टूल्स का तेजी से आना, जिससे पारंपरिक आईटी सेवाओं के बिजनेस मॉडल पर खतरा बढ़ गया है।
मार्च 2026 तिमाही के नतीजे भी निराशाजनक रहे। ज्यादातर आईटी कंपनियां ग्रोथ के अनुमान से कम रही। TCS ने 1.2% तिमाही बढ़त दर्ज की। यह टॉप कंपनियों में सबसे ज्यादा रही। वहीं, टेक महिंद्रा 0.6% पर रहा।
Infosys, HCL, Wipro की तिमाही इनकम घट गई। कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के मुताबिक, “एआई से होने वाली डिफ्लेशन, प्रतिस्पर्धा से कीमतों पर दबाव, मिडिल ईस्ट जंग जैसी समस्याएं, ये सब आगे भी चुनौती पैदा करेंगे।”
क्या अब आईटी शेयरों में निवेश करना सही है?
विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा कीमतों पर डिविडेंड और रुपए की गिरावट से शॉर्ट टर्म में फायदा मिल सकता है, लेकिन लंबी अवधि के लिए AI के असर और दुनिया भर के टेक खर्च पर नजर रखनी जरूरी है। पूरी तरह से सुरक्षित निवेश कहना अभी जल्दबाजी होगी।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी केवल शैक्षिक उद्देश्य के लिए है। शेयर बाजार में निवेश जोखिम पर आधारित है, कृपया निर्णय लेने से पहले अपने सलाहकार से जरूर सलाह लें।
लेखक के बारे में
Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें


