दूध से लेकर स्वास्थ्य सेवाओं समेत यहां लग रहा GST? वित्त मंत्री ने दिया जवाब
मंत्री ने साफ कहा कि 2017 में जीएसटी लागू होने के बाद से दूध पूरी तरह टैक्स फ्री है। 3 सितंबर 2025 को हुई 56वीं जीएसटी काउंसिल बैठक में दूध से बने उत्पाद जैसे घी, पनीर और मक्खन पर टैक्स 12% से घटाकर 5% कर दिया गया है।

GST On Milk: लोकसभा में हाल ही में एक सांसद ने दूध, शिक्षा से जुड़ी सामग्री और स्वास्थ्य सेवाओं पर जीएसटी को लेकर सवाल उठाए, जिसके बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर और सदन में विस्तार से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया और यह कहना गलत है कि आम जरूरत की चीजों पर भारी जीएसटी लगाया गया है। मंत्री ने साफ कहा कि 2017 में जीएसटी लागू होने के बाद से दूध पूरी तरह टैक्स फ्री है। 3 सितंबर 2025 को हुई 56वीं जीएसटी काउंसिल बैठक में दूध से बने उत्पाद जैसे घी, पनीर और मक्खन पर टैक्स 12% से घटाकर 5% कर दिया गया है।
शिक्षा पर वित्त मंत्री
शिक्षा को लेकर भी वित्त मंत्री ने कहा कि प्री-स्कूल से लेकर हायर सेकेंडरी तक की पढ़ाई और मान्यता प्राप्त डिग्री या कोर्स पर कोई जीएसटी नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि किताबें, टेक्स्टबुक, नोटबुक, एक्सरसाइज बुक, बच्चों की ड्राइंग बुक और नक्शों पर 2017 से ही जीएसटी शून्य है। पेंसिल, शार्पनर और रबर जैसी बुनियादी स्टेशनरी पर भी कोई टैक्स नहीं है। हालांकि विशेषज्ञों के मुताबिक पेन, स्टेपलर, व्हाइटबोर्ड मार्कर और हाईलाइटर जैसे कुछ सामान पर जीएसटी लगता है। सीए आशीष निराज का कहना है कि औपचारिक शिक्षा टैक्स फ्री है, लेकिन प्राइवेट कोचिंग, गैर-मान्यता प्राप्त कोर्स और कुछ ऑनलाइन सर्टिफिकेट प्रोग्राम पर जीएसटी लागू होता है।
स्वास्थ्य सेवाओं पर सरकार
स्वास्थ्य सेवाओं पर भी सरकार का कहना है कि इलाज, जांच, डॉक्टर और नर्स की सेवाओं पर 1 जुलाई 2017 से ही 0% जीएसटी है। वित्त मंत्री ने बताया कि सितंबर 2025 के ‘नेक्स्ट जेन जीएसटी रिफॉर्म’ के तहत व्यक्तिगत हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस प्लान पर भी जीएसटी शून्य कर दिया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अंतिम संस्कार सेवाओं पर कभी भी जीएसटी नहीं लगाया गया। हालांकि जानकार बताते हैं कि 5,000 रुपये से अधिक के अस्पताल रूम रेंट (आईसीयू/सीसीयू को छोड़कर) पर जीएसटी लागू होता है और कुछ दवाओं पर भी टैक्स लिया जाता है, जबकि अधिकांश जीवनरक्षक दवाएं टैक्स फ्री हैं।
कुल मिलाकर सरकार का कहना है कि दूध, बुनियादी शिक्षा और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं जैसी जरूरी सुविधाओं पर जीएसटी नहीं है और विपक्ष द्वारा भ्रम फैलाया जा रहा है। वहीं टैक्स विशेषज्ञों का मानना है कि तस्वीर पूरी तरह काली या सफेद नहीं है—कई जरूरी चीजें वाकई टैक्स फ्री हैं, लेकिन शिक्षा और स्वास्थ्य के कुछ व्यावसायिक हिस्सों पर जीएसटी लागू होता है। ऐसे में आम लोगों के लिए यह समझना जरूरी है कि किन सेवाओं और वस्तुओं पर छूट है और किन पर टैक्स देना पड़ता है।
लेखक के बारे में
Varsha Pathakवर्षा पाठक लाइव हिन्दुस्तान में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं और पिछले 4 सालों से इस संस्थान से जुड़ी हुई हैं। मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें लगभग 8 साल का अनुभव है। उन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। बिहार की रहने वाली वर्षा वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के बिजनेस सेक्शन के लिए खबरें लिखती हैं। उन्हें स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, यूटिलिटी, टैक्स, बजट, एक्सप्लेनर, इंटरव्यूज और कॉरपोरेट सेक्टर से जुड़ी खबरों की समझ है। जटिल आर्थिक विषयों को सरल, तथ्यात्मक और पाठकों के लिए उपयोगी भाषा में प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की विशेषता है। हिन्दुस्तान से पहले वर्षा दैनिक भास्कर (प्रिंट), मनी भास्कर और नेटवर्क18 जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम कर चुकी हैं। उन्हें फील्ड रिपोर्टिंग का अनुभव भी है। डिजिटल पत्रकारिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए वर्षा को मनी भास्कर में सबसे अधिक UVs-PVs का पुरस्कार मिल चुका है। इसके अलावा, लाइव हिन्दुस्तान में भी वर्षा का टॉप परफॉर्मेंस रहा है और इसके लिए पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।
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