
ग्रो के शेयरों में 11% की तेजी, जेफरीज ने दी 'Buy' रेटिंग, निवेशकों में मची लूट
Groww Share Price: ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने हाल ही में लिस्टेड कंपनी ग्रो (बिलियनब्रेन्स गैराज वेंचर्स) के शेयरों पर कवरेज शुरू की और आज उन्हें 'खरीदें' की रेटिंग दी। जेफरीज ने शेयर के लिए 180 रुपये का टार्गेट प्राइस निर्धारित किया है, जो मौजूदा कीमत से लगभग 25% अधिक है।
Groww Share Price: ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने हाल ही में लिस्टेड कंपनी ग्रो (बिलियनब्रेन्स गैराज वेंचर्स) के शेयरों पर कवरेज शुरू की और आज उन्हें 'खरीदें' की रेटिंग दी। जेफरीज ने शेयर के लिए 180 रुपये का टार्गेट प्राइस निर्धारित किया है, जो मौजूदा कीमत से लगभग 25% अधिक है। इस घोषणा के बाद ग्रो के शेयरों में 10% से 13% तक की उछाल देखी गई और यह 162.65 रुपये तक पहुंच गए।
भारत का रॉबिनहुड बनने की राह पर ग्रो
जेफरीज का मानना है कि ग्रो का व्यवसाय मॉडल अमेरिकी ऑनलाइन ब्रोकरेज दिग्गज रॉबिनहुड के समान है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ग्रो अपने उत्पादों को तेजी से लॉन्च और विस्तार करने में रॉबिनहुड जैसी ही गति दिखा रहा है।
इसके बावजूद, जेफरीज के अनुसार ग्रो, रॉबिनहुड की तुलना में 30% सस्ता है। फर्म ने घरेलू प्रतियोगी एंजल वन की तुलना में ग्रो को प्रीमियम वैल्यूएशन दिया है, क्योंकि ग्रो की विकास दर अधिक है, मार्जिन बेहतर है और इसका फ्यूचर्स एंड ऑप्शन (F&O) एक्सपोजर कम है।
शानदार ग्रोथ और मजबूत वित्तीय स्थिति
ग्रो भारत का सबसे बड़ा स्टॉक ब्रोकर बन गया है और इसकी बाजार हिस्सेदारी 26% से अधिक है। कंपनी का शानदार विकास इसके म्यूचुअल फंड फनल, आसान इंटरफेस और मजबूत मुंहजबानी के कारण हुआ है। पिछले महीने जारी सितंबर तिमाही के नतीजों में कंपनी का शुद्ध लाभ 12% बढ़कर 471.33 करोड़ रुपये हो गया।
हालांकि, इस दौरान कंपनी का परिचालन राजस्व 1,018.74 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की समान अवधि से कम है। कंपनी के कुल ग्राहक संपत्ति (कस्टमर एसेट्स) में 33% की वृद्धि हुई है और अब यह 2.7 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को छू रही है।
आईपीओ और भविष्य की योजनाएं
ग्रो ने नवंबर में 100 रुपये प्रति शेयर के इश्यू प्राइस के साथ आईपीओ लॉन्च किया था और लिस्टिंग के दिन इसने 31% के प्रीमियम के साथ 131 रुपये पर क्लोज किया था। इस आईपीओ में 1,060 करोड़ रुपये के नए इश्यू के साथ-साथ 55.72 करोड़ शेयरों की ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) भी शामिल थी।
कंपनी, जिसमें पीक एक्सवी, टाइगर ग्लोबल और माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्य नडेला जैसे निवेशक शामिल हैं, आईपीओ से प्राप्त राशि का उपयोग प्रौद्योगिकी विकास और व्यापार विस्तार में करेगी।
(डिस्क्लेमर: एक्सपर्ट्स की सिफारिशें, सुझाव, विचार और राय उनके अपने हैं, लाइव हिन्दुस्तान के नहीं। शेयर मार्केट में निवेश जोखिमों के अधीन है और निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)

लेखक के बारे में
Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया:-लाइव हिन्दुस्तान में पिछले 6 साल से बिजनेस टीम का अहम हिस्सा हैं। दृगराज को पत्रकारिता में 21 वर्षों का लंबा अनुभव है। इन्होंने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी स्पेशल खबरों से खास पहचान बनाई है। शेयर मार्केट, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी पर विशेष पकड़। मैथ्स से ग्रेजुएट, मास कम्युनिकेशन और कंप्यूटर साइंस में पीजी डिप्लोमा। दृगराज, रिसर्च और एनॉलिस के जरिए मार्केट डेटा को आसान भाषा में 'कुछ अलग' पाठकों तक पहुंचाते हैं। लाइव हिन्दुस्तान से पहले साढ़े सात साल तक हिन्दुस्तान अखबार में बतौर सीनियर रिपोर्टर काम किया। इसके अलावा सहारा समय, दैनिक जागरण, न्यूज नेशन में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
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