
13 जनवरी से खुलने जा रहा एनर्जी कंपनी का IPO, प्राइस बैंड ₹105, GMP में अभी से ही तेजी
जीआरई रिन्यू एनर्टेक की स्थापना साल 2008 में हुई थी और अगस्त 2025 तक कंपनी में 46 कर्मचारी कार्यरत थे। फिलहाल IPO का GMP, कोस्टक रेट और सब्जेक्ट टू सौदा रेट उपलब्ध नहीं है। ऐसे में निवेशकों की नजर लिस्टिंग से पहले ग्रे मार्केट की हलचल पर रहेगी।
GRE Renew Enertech IPO: रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की गुजरात स्थित कंपनी जीआरई रिन्यू एनर्टेक अब शेयर बाजार में कदम रखने जा रही है। कंपनी का आईपीओ 13 जनवरी से 16 जनवरी 2026 तक खुलेगा। यह एक SME IPO होगा, जिसकी लिस्टिंग BSE SME प्लेटफॉर्म पर की जाएगी। ग्रे मार्केट में कंपनी के शेयर ₹9 प्रीमियम पर उपलब्ध हैं।
बता दें कि जीआरई रिन्यू एनर्टेक सोलर पावर सॉल्यूशंस देने वाली कंपनी है, जो खासतौर पर इंडस्ट्रियल और कमर्शियल ग्राहकों के लिए सोलर प्रोजेक्ट्स डिजाइन करने, लगाने और चालू करने का काम करती है। कंपनी ने बीते दो दशकों में खुद को एक इलेक्ट्रिकल कंपोनेंट्स बिजनेस से एक मजबूत रिन्यूएबल एनर्जी प्लेयर के रूप में स्थापित किया है।
कितना है प्राइस बैंड
IPO की बात करें तो जीआरई रिन्यू एनर्टेक का प्राइस बैंड ₹100 से ₹105 प्रति शेयर तय किया गया है। यह पूरी तरह से फ्रेश इश्यू है, जिसमें कंपनी करीब 37.68 लाख नए शेयर जारी करेगी। इसके जरिए कंपनी ₹37.68 करोड़ से ₹39.56 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है। इस इश्यू में ऑफर फॉर सेल (OFS) नहीं है, यानी प्रमोटर्स कोई शेयर नहीं बेचेंगे। IPO में एक लॉट में 1,200 शेयर होंगे और रिटेल निवेशकों को कम से कम 2 लॉट यानी 2,400 शेयर के लिए बोली लगानी होगी, जिसके लिए करीब ₹1.52 लाख का निवेश करना पड़ेगा।
कंपनी का कारोबार
कंपनी के कारोबार की बात करें तो जीआरई रिन्यू एनर्टेक अब तक देशभर में 61 मेगावाट से ज्यादा के सोलर EPC प्रोजेक्ट्स पूरे कर चुकी है। इनमें करीब 52 मेगावाट ग्राउंड-माउंटेड और 9 मेगावाट रूफटॉप सोलर प्रोजेक्ट्स शामिल हैं। कंपनी इंडस्ट्रियल, कमर्शियल और संस्थागत ग्राहकों को कस्टमाइज्ड सोलर सॉल्यूशंस देती है। साथ ही, भारत सरकार की ₹19,500 करोड़ की PLI स्कीम और 2029–30 तक रिन्यूएबल एनर्जी की हिस्सेदारी 44% तक बढ़ाने के लक्ष्य से कंपनी को आगे चलकर फायदा मिलने की उम्मीद है।
जीआरई रिन्यू एनर्टेक की स्थापना साल 2008 में हुई थी और अगस्त 2025 तक कंपनी में 46 कर्मचारी कार्यरत थे। फिलहाल IPO का GMP, कोस्टक रेट और सब्जेक्ट टू सौदा रेट उपलब्ध नहीं है। ऐसे में निवेशकों की नजर लिस्टिंग से पहले ग्रे मार्केट की हलचल पर रहेगी। रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में बढ़ती मांग और सरकारी सपोर्ट को देखते हुए यह IPO उन निवेशकों के लिए दिलचस्प हो सकता है, जो SME सेगमेंट में सोलर एनर्जी से जुड़ी कंपनियों में निवेश के मौके तलाश रहे हैं।





