शेयर बाजार पस्त, सरकारी स्कीम मस्त! 2 साल से Nifty और म्युच्युअल फंड पर भी भारी पड़े ये ‘गारंटीड प्लान’
मुख्य बातें
- पिछले दो सालों में जहां निफ्टी 100, मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स ने सीमित रिटर्न दिया है, वहीं PPF, SCSS, NSC और सुकन्या समृद्धि योजना जैसी छोटी बचत योजनाओं ने 7% से 8.2% तक का सेफ रिटर्न देकर निवेशकों को राहत दी है
- आइए इसे जरा विस्तार से समझते हैं

निवेश की दुनिया से एक बेहद दिलचस्प और आंखें खोलने वाली रिपोर्ट सामने आई है। पिछले दो सालों में जहां शेयर बाजार (Equity) में पैसा लगाने वाले निवेशक उतार-चढ़ाव और सुस्त रिटर्न से परेशान रहे हैं, वहीं सरकारी छोटी बचत योजनाओं (Small Savings Schemes) में निवेश करने वालों की चांदी रही है। इस दौरान छोटी बचत योजनाओं ने बिना किसी जोखिम के 7% से लेकर 8.2% तक का पक्का और सुरक्षित रिटर्न दिया है, जिसने पिछले दो सालों के प्रदर्शन के मामले में शेयर बाजार को भी पीछे छोड़ दिया है।
छोटी बचत योजनाओं का शानदार प्रदर्शन
आमतौर पर माना जाता है कि सरकारी स्कीम में रिटर्न कम मिलता है, लेकिन मौजूदा दौर में तस्वीर बिल्कुल अलग है। आइए मुख्य योजनाओं के ब्याज पर नजर डालते हैं।
सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) और सुकन्या समृद्धि योजना:- इन दोनों लोकप्रिय योजनाओं पर इस समय 8.2% का शानदार और सुरक्षित ब्याज मिल रहा है।
नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC):- इस पर 7.70% की दर से रिटर्न मिल रहा है।
पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF):- यहां निवेशकों को 7.1% का ब्याज मिल रहा है।
सबसे अच्छी बात यह है कि कई आर्थिक संकेतकों द्वारा ब्याज दरों में कटौती की आशंका जताए जाने के बावजूद सरकार ने जनवरी 2025 से इन दरों में कोई बदलाव नहीं किया है, जिससे निवेशकों को स्थिर कमाई हो रही है।
स्मॉल सेविंग स्कीम की ब्याज दरें
| लघु बचत योजना | ब्याज दर |
|---|---|
| पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट | 4.00% |
| पोस्ट ऑफिस आरडी (Recurring Deposit) | 6.70% |
| पोस्ट ऑफिस एमआईएस (Monthly Income Scheme) | 7.40% |
| वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (SCSS) | 8.20% |
| पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) | 7.10% |
| सुकन्या समृद्धि योजना (SSA) | 8.20% |
| पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट (5 वर्ष) | 7.50% |
| किसान विकास पत्र (KVP) | 7.50% |
| महिला सम्मान बचत प्रमाणपत्र (MSSC) | 7.50% |
| राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (NSC) | 7.70% |
पिछले दो साल में क्यों हांफता दिखा शेयर बाजार?
लॉन्ग टर्म में भले ही शेयर बाजार को महंगाई को मात देने वाला सबसे बेहतरीन जरिया माना जाता है, लेकिन शॉर्ट टर्म (कम समय) में इसका प्रदर्शन काफी डरावना हो सकता है। 'निफ्टी इंडेक्स' की वेबसाइट के आंकड़ों के मुताबिक, भारत की टॉप 100 कंपनियों का प्रतिनिधित्व करने वाले Nifty 100 इंडेक्स ने पिछले दो सालों में 0% (कोई रिटर्न नहीं) दिया है। यही हाल निफ्टी नेक्स्ट 50, मिडकैप 100 और स्मॉलकैप 250 का भी रहा है, जिन्होंने बेहद मामूली रिटर्न दिया है।
म्यूचुअल फंड का रिटर्न भी पड़ा फीका
यही नहीं, जो लोग सीधे शेयर न खरीदकर म्यूचुअल फंड के जरिए निवेश करते हैं, उन्हें भी निराशा हाथ लगी है। फंड रेटिंग एजेंसी 'मॉर्निंगस्टार' के आंकड़े बताते हैं कि लार्जकैप, फ्लेक्सीकैप और मल्टीकैप जैसी बड़ी म्यूचुअल फंड कैटेगरीज ने पिछले एक साल में कोई रिटर्न नहीं दिया। अगर दो साल का ट्रैक रिकॉर्ड देखें, तो कोई भी म्यूचुअल फंड कैटेगरी 6% का सालाना रिटर्न भी नहीं छू सकी है, जबकि इसी दौरान पोस्ट ऑफिस की योजनाएं 8% से ज्यादा का पक्का रिटर्न दे रही थीं।
तो क्या शेयर बाजार को बेकार मान लिया जाए?
इस आंकड़े को देखकर कोई भी सोच सकता है कि जब बिना किसी रिस्क के 8% का सरकारी रिटर्न मिल रहा है, तो शेयर बाजार का जोखिम क्यों उठाना? लेकिन यहीं पर एक बड़ा 'कैच' (ट्विस्ट) है। अगर आपका नजरिया केवल 1 या 2 साल का है, तो शेयर बाजार वाकई आपके लिए सही नहीं है। लेकिन अगर आप लंबे समय के लिए निवेश कर रहे हैं, तो इतिहास गवाह है कि इक्विटी (शेयर बाजार) के सामने कोई टिक नहीं पाता।
लॉन्ग टर्म का जादुई गणित
Nifty 100 (लार्जकैप):- इसने पिछले 10 सालों में 11.99% और 20 सालों में 10.64% का सालाना चक्रवृद्धि रिटर्न दिया है, यानी अगर किसी ने 20 साल पहले ₹1 लाख लगाए होते, तो आज उसकी वैल्यू ₹9.04 लाख होती।
Nifty Midcap 150:- इस इंडेक्स ने 10 साल में 17.96% और 20 साल में 13.67% का सालाना रिटर्न दिया है। इसका मतलब है कि 20 साल पहले का ₹1 लाख आज बढ़कर करीब ₹13 लाख हो चुका होता।
| इंडेक्स | 1 वर्ष CAGR | 2 वर्ष CAGR |
|---|---|---|
| Nifty 100 | -1.52% | -0.15% |
| Nifty Next 50 | 3.99% | -0.38% |
| Nifty Midcap 150 | 5.19% | 4.39% |
| Nifty Smallcap 250 | 9.50% | 1.12% |
इसका मतलब है कि लंबी अवधि के इस तगड़े मुनाफे के सामने छोटी बचत योजनाएं कहीं नहीं ठहरतीं। लेकिन, पिछले 2 साल से मार्केट काफी ज्यादा डाउन है, जिसका असर निवेशकों के रिटर्न पर भी दिखाई दे रहा है।
आपको कहां निवेश करना चाहिए?
इन्वेस्टवैल्यू (InvestValue) के सह-संस्थापक और मुख्य निवेश अधिकारी आदित्य अग्रवाल के अनुसार, केवल दो साल के डेटा को देखकर निवेश का फैसला करना भ्रामक हो सकता है। उन्होंने दोनों विकल्पों के लिए सही निवेशक की पहचान बताई है।
1- छोटी बचत योजनाएं किसके लिए हैं?
यह उन रूढ़िवादी (Conservative) निवेशकों के लिए बेस्ट है, जो ज्यादा मुनाफे के बजाय अपने पैसे की शत-प्रतिशत सुरक्षा चाहते हैं। रिटायर्ड लोग या करियर के बीच पड़ाव पर पहुंच चुके लोग, जिनका मुख्य लक्ष्य पूंजी को सुरक्षित रखना (Wealth Preservation) है, उन्हें यहां पैसा लगाना चाहिए।
2- शेयर बाजार (Equity) किसके लिए है?
यह उन निवेशकों के लिए है, जो बाजार के उतार-चढ़ाव को झेल सकते हैं और जिन्हें अगले 7 से 10 साल तक उस पैसे की जरूरत नहीं है। जो लोग केवल पैसे को सुरक्षित नहीं रखना चाहते, बल्कि बड़ी संपत्ति बनाना (Wealth Creation) चाहते हैं, उनके लिए इक्विटी ही एकमात्र जरिया है।
संक्षेप में कहें तो, छोटी बचत योजनाएं आपके 'बुरे वक्त की साथी' हैं, जो बाजार की मंदी में भी आपको स्थिर रिटर्न देती हैं, जबकि शेयर बाजार आपकी 'लंबी रेस का घोड़ा' है। निवेश करने से पहले हमेशा अपने वित्तीय लक्ष्य और समय-सीमा को जरूर ध्यान में रखें।
लेखक के बारे में
Sarveshwar Pathakसर्वेश्वर पाठक अक्टूबर 2022 से ‘लाइव हिंदुस्तान’ में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में बिजनेस और ऑटो सेक्शन के लिए
काम कर रहे हैं। सर्वेश्वर बिजनेस और ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की खबरों, रिव्यू और गहराई से किए गए एनालिसिस के लिए जाने जाते
हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्हें 7 साल से अधिक का अनुभव है, जिसमें उन्होंने अपनी मजबूत पकड़ और समझ के जरिए एक अलग
पहचान बनाई है। उन्होंने देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार से पत्रकारिता में मास्टर डिग्री हासिल की और वर्ष 2019 में
ईटीवी भारत के साथ अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने दैनिक जागरण और एडिटरजी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में
भी काम किया, जहां उन्होंने अपनी लेखन शैली और विश्लेषण क्षमता को और निखारा।
उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर से आने वाले सर्वेश्वर केवल एक पत्रकार ही नहीं, बल्कि सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भागीदारी
निभाते हैं। उन्हें बाल शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता से जुड़े अभियानों में विशेष रुचि है। अपने विश्वविद्यालय के
दिनों में उन्होंने महाराष्ट्र के गोंदिया में दो महीने से अधिक समय तक सोशल वेलफेयर से जुड़े कार्य किए, जहां उन्होंने कई
स्कूलों और विश्वविद्यालयों के छात्रों को उच्च शिक्षा के प्रति प्रेरित किया। लेखन के अलावा सर्वेश्वर को बचपन से ही
क्रिकेट खेलने और डांस का शौक है, जो उनके व्यक्तित्व को संतुलित और ऊर्जावान बनाता है। उनका उद्देश्य सिर्फ खबरें लिखना ही
नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक और प्रेरित करना भी है।


