
इन कर्मचारियों की बढ़ेगी पेंशन! लंबे समय से थी मांग, अब सरकार ने संसद में दिया जवाब
यह सवाल शिवसेना (UBT) के सांसद बाल्या मामा सुरेश गोपीनाथ म्हात्रे ने पूछा था। उन्होंने जानना चाहा कि क्या सरकार EPS-95 के तहत न्यूनतम पेंशन को ₹1,000 से बढ़ाकर ₹7,500 करने पर विचार कर रही है?
EPS-95 Pension: ईपीएस-95 पेंशनर्स की लंबे समय से चली आ रही मांग (न्यूनतम पेंशन ₹1,000 से बढ़ाकर ₹7,500 करने की) फिलहाल तो पूरी होती नहीं दिख रही। यह स्पष्ट हुआ जब श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने लोकसभा में पूछे गए प्रश्न का जवाब देते हुए बताया कि EPS फंड के साल 2019 के वैल्यूएशन के अनुसार फंड में एक्चुरियल डेफिसिट है। यानी फंड की वित्तीय स्थिति इतनी मजबूत नहीं है कि अभी पेंशन बढ़ाई जा सके। इससे पेंशनर्स में एक बार फिर निराशा बढ़ी है, क्योंकि वे लगातार महंगाई और बढ़ते खर्चों के बीच पेंशन राशि बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।

क्या है जवाब
यह सवाल शिवसेना (UBT) के सांसद बाल्या मामा सुरेश गोपीनाथ म्हात्रे ने पूछा था। उन्होंने जानना चाहा कि क्या सरकार EPS-95 के तहत न्यूनतम पेंशन को ₹1,000 से बढ़ाकर ₹7,500 करने पर विचार कर रही है? जवाब में शोभा करंदलाजे ने बताया कि EPS-95 स्कीम एक “परिभाषित अंशदान - परिभाषित लाभ” मॉडल पर चलती है। इस फंड में 8.33% योगदान नियोक्ता देता है और 1.16% हिस्सा केंद्र सरकार वेतन सीमा ₹15,000 तक सपोर्ट के रूप में देती है। मंत्री ने दोहराया कि सभी पेंशन और लाभ इसी जमा फंड से दिए जाते हैं, और 31 मार्च 2019 के वैल्यूएशन के अनुसार फंड घाटे में है, इसलिए तत्काल बढ़ोतरी संभव नहीं है।
सांसद ने उठाए सवाल
सांसद ने EPS को लेकर कई और महत्वपूर्ण सवाल उठाए—जैसे पेंशनर्स को महंगाई भत्ते (DA) का लाभ क्यों नहीं दिया जाता, क्या सरकार पेंशन राशि बढ़ाने पर कोई ठोस कदम उठाएगी, और क्या EPS-95 पेंशनर्स के संगठनों की मांगों पर ध्यान दिया गया है? इन सवालों पर मंत्री ने कहा कि सरकार इस समय भी बजटरी सपोर्ट के जरिए ₹1,000 की न्यूनतम पेंशन सुनिश्चित करती है, जो 1.16% वार्षिक योगदान के अलावा दिया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार EPS फंड की सेहत और भविष्य की देनदारियों को देखते हुए कर्मचारियों को अधिकतम लाभ देने के लिए प्रतिबद्ध है। यानी मांगों पर विचार तो हो रहा है, लेकिन तत्काल कोई बड़ा कदम उठने की संभावना कम है।
सामाजिक सुरक्षा योजना
EPS-95 एक महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा योजना है, जो कर्मचारियों और उनके परिवार को बुढ़ापे, विकलांगता और मृत्यु जैसी स्थितियों में सुरक्षित रखने के लिए बनाई गई है। इसमें 58 साल पर सुपरएनुएशन पेंशन, 50 साल पर अर्ली पेंशन, स्थायी विकलांगता पर डिसएबिलिटी पेंशन, विधवा/विधुर पेंशन, बच्चों और अनाथों के लिए विशेष पेंशन, नामिनी पेंशन और माता-पिता के लिए भी सहायता शामिल है। EPS सदस्य कम सेवा काल होने पर विदड्रॉल बेनिफिट भी ले सकते हैं। हालांकि पेंशनर्स का कहना है कि ₹1,000 की न्यूनतम पेंशन बढ़ती महंगाई में बिल्कुल पर्याप्त नहीं है, इसलिए केंद्र सरकार से बार-बार राशि बढ़ाने की मांग की जा रही है। लेकिन फिलहाल, सरकार द्वारा दिए गए ताज़ा जवाब से यह साफ है कि न्यूनतम पेंशन बढ़ाने की उम्मीद कुछ और समय तक टल सकती है।





