16.50 रुपये के भाव पर प्याज खरीदेगी सरकार, किसानों के लिए बड़ा अपडेट
मुख्य बातें
- केंद्र सरकार ने किसानों को राहत देते हुए बफर स्टॉक के लिए प्याज खरीदने की कीमत बढ़ा दी है
- अब सरकार किसानों से प्याज 16.50 रुपये प्रति किलो की दर से खरीदेगी
- पहले यह कीमत 15.80 रुपये प्रति किलो थी
सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से बफर स्टॉक प्रोग्राम के तहत प्याज का खरीद मूल्य बढ़ाकर 16.50 रुपये प्रति किलोग्राम कर दिया है, जो पहले 15.80 रुपये प्रति किलो था। यह संशोधित दर शनिवार से प्रभावी होगी। इससे पहले केंद्र सरकार ने कीमत को 12.70 रुपये प्रति किलो से बढ़ाकर 15.80 रुपये प्रति किलो किया था। सरकार का ताजा कदम बाजार में दामों को संतुलित रखने के साथ-साथ किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने के प्रयासों का हिस्सा है।
बता दें कि बाजार में दखल देने के मकसद से प्राइस स्टेबिलाइजेशन फंड (पीएसएफ) के तहत हर साल बफर स्टॉक बनाए रखा जाता है। सरकार ने इस साल के लिए दो लाख टन खरीद का लक्ष्य रखा है, जो वित्त वर्ष 2025-26 में की गई तीन लाख टन खरीद से कम है। मौजूदा सत्र के लिए प्याज की खरीद 15 मई को शुरू हुई थी।
केंद्रीय मंत्री ने की थी बैठक
बीते गुरुवार को केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रल्हाद जोशी ने उपभोक्ता मामलों के विभाग के अधिकारियों के साथ एक बैठक की, ताकि प्याज की खरीद को बेहतर बनाया जा सके और किसानों को बेहतर लाभ मिल सके। जोशी ने शुक्रवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा- मौजूदा मंडी कीमतों और भंडारण-योग्य प्याज की गुणवत्ता की जरूरतों के आधार पर, मिनिमम गारंटीड परचेज प्राइस (एमएपीपी) को 13 जून 2026 से संशोधित कर 1,650 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है।''
उन्होंने कहा कि खरीद प्रक्रिया को बाजार की स्थितियों के हिसाब से और बेहतर बनाने के लिए कीमत तय करने के तरीके में भी सुधार किया गया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, फसल वर्ष 2024-25 में 307.67 लाख टन की तुलना में फसल वर्ष 2025-26 में प्याज का उत्पादन 307.37 लाख टन होने का अनुमान है।
महाराष्ट्र के किसानों की क्या थी मांग?
महाराष्ट्र के किसान 3,000 रुपये प्रति क्विंटल (30 रुपये प्रति किलो) की न्यूनतम खरीद कीमत की मांग कर रहे थे। उनका कहना था कि भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन महासंघ लिमिटेड (नैफेड) और भारतीय राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ (एनसीसीएफ) की ओर से दी जा रही लगभग 1,580 रुपये प्रति क्विंटल की खरीद दर, बाजार की मौजूदा उम्मीदों से कम थी और खेती की लागत निकालने के लिए भी काफी नहीं थी।
क्यों प्याज खरीदती है सरकार?
सरकार हर साल प्याज खरीदकर बफर स्टॉक बनाती है। इसका मकसद बाजार में प्याज की कीमतों को नियंत्रित रखना और जरूरत पड़ने पर स्टॉक जारी करके उपभोक्ताओं को राहत देना होता है। इसके साथ ही किसानों को भी उनकी उपज का उचित दाम मिल सके, इसके लिए सरकार खरीदारी करती है।
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Deepak Kumarहिन्दुस्तान डिजिटल में करीब 5 साल से कार्यरत दीपक कुमार यहां बिजनेस की खबरें लिखते हैं। दीपक को स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस के अलावा बिजनेस से जुड़े तमाम विषयों की गहरी समझ है। वह जटिल आर्थिक और कारोबारी मुद्दों को सरल, संतुलित और आम बोलचाल की भाषा में पाठकों तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं। उनकी बिजनेस सेक्शन के अलावा एंटरटेनमेंट, स्पोर्ट्स और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरों पर भी मजबूत पकड़ है। दीपक को उनके बेहतरीन काम के लिए विभिन्न स्तरों पर सम्मानित भी किया जा चुका है। मूल रूप से बिहार के सीवान जिले से ताल्लुक रखने वाले दीपक के पास पत्रकारिता का करीब 13 साल का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला से की। इसके बाद दैनिक भास्कर, आजतक और इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम किया। इसका अगला पड़ाव हिन्दुस्तान डिजिटल था, जहां वह वर्तमान में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। दीपक ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की जबकि हिमाचल प्रदेश सेंट्रल यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएट हुए हैं। जहां एक तरफ वह सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं तो वहीं नई तकनीकों से खुद को अपडेट रखते हैं। खाली समय में फिल्में देखना, खाना बनाना और क्रिकेट खेलना पसंद है।
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