
बजट से पहले मोदी सरकार ने दी खुशखबरी, अटल पेंशन योजना पर बड़ा फैसला
इस फैसले से उन लोगों को खास फायदा होगा, जिनके पास रिटायरमेंट के बाद आय का कोई पक्का जरिया नहीं होता। बता दें कि इस साल का बजट 1 फरवरी 2026 को पेश किया जाएगा। इससे पहले सरकार का यह फैसला बेहद अहम माना जा रहा है।
Atal Pension Yojana: केंद्र सरकार ने करोड़ों गरीब, कम आय वाले और असंगठित क्षेत्र के कामगारों को बड़ी राहत दी है। बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में अटल पेंशन योजना (APY) को वित्त वर्ष 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दे दी गई। इसके साथ ही सरकार ने यह भी साफ किया कि योजना को सुचारु रूप से चलाने के लिए जागरूकता, विकास कार्य और फंडिंग सपोर्ट पहले की तरह जारी रहेगा। इस फैसले से उन लोगों को खास फायदा होगा, जिनके पास रिटायरमेंट के बाद आय का कोई पक्का जरिया नहीं होता। बता दें कि इस साल का बजट 1 फरवरी 2026 को पेश किया जाएगा। इससे पहले सरकार का यह फैसला बेहद अहम माना जा रहा है।
हर महीने ₹5,000 तक की गारंटीड पेंशन
अटल पेंशन योजना के तहत लोगों को 60 साल की उम्र के बाद हर महीने ₹1,000 से ₹5,000 तक की गारंटीड पेंशन मिलती है। पेंशन की राशि इस बात पर निर्भर करती है कि व्यक्ति ने कितने साल तक और कितना योगदान किया है। यह योजना खास तौर पर दिहाड़ी मजदूरों, घरेलू कामगारों, रेहड़ी-पटरी वालों, किसानों और छोटे दुकानदारों के लिए बनाई गई है, जो किसी सरकारी या निजी पेंशन स्कीम से जुड़े नहीं होते। सरकार का मानना है कि यह योजना बुजुर्गावस्था में आर्थिक सुरक्षा देने के साथ-साथ सामाजिक सम्मान भी सुनिश्चित करती है।
क्या है कैबिनेट का फैसला
कैबिनेट के फैसले में यह भी शामिल है कि सरकार आगे भी आउटरीच प्रोग्राम, क्षमता निर्माण और अन्य विकास गतिविधियों पर खर्च करेगी, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस योजना से जुड़ सकें। इसके अलावा, योजना को लंबे समय तक आर्थिक रूप से मजबूत बनाए रखने के लिए गैप फंडिंग भी जारी रहेगी। सरकार का कहना है कि जब तक असंगठित क्षेत्र के बड़े हिस्से को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में नहीं लाया जाता, तब तक इस तरह की योजनाओं का मजबूत बने रहना बेहद जरूरी है।
9 मई 2015 को शुरू की गई थी योजना
बता दें कि अटल पेंशन योजना की शुरुआत 9 मई 2015 को की गई थी, जिसका मकसद देश में “पेंशनयुक्त समाज” बनाना था। योजना के तहत छोटे-छोटे मासिक योगदान के जरिए लोगों को भविष्य के लिए बचत करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। 19 जनवरी 2026 तक इस योजना से 8.66 करोड़ से ज्यादा लोग जुड़ चुके हैं। सरकार का कहना है कि लगातार समर्थन से न सिर्फ योजना की पहुंच बढ़ेगी, बल्कि यह आने वाले वर्षों में देश की सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था की एक मजबूत रीढ़ बनी रहेगी।





