
सरकार ने बढ़ाई GSTR-3B रिटर्न दाखिल करने की डेडलाइन, दिवाली से पहले इन टैक्सपेयर्स को राहत
सरकार ने बताया कि कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से यह आग्रह किया गया था कि सर्वर की धीमी गति और पोर्टल पर बढ़े हुए लोड के कारण करदाताओं को GSTR-3B दाखिल करने में कठिनाइयाँ आ रही हैं।
GSTR-3B Filing Deadline: वस्तु एवं सेवा कर (GST) करदाताओं के लिए राहत भरी खबर आई है। केंद्र सरकार ने GSTR-3B रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि को 20 अक्टूबर से बढ़ाकर अब 25 अक्टूबर 2025 तक कर दिया है। यह निर्णय मुख्य रूप से उन व्यवसायों और टैक्सपेयर्स के हित में लिया गया है जिन्हें तकनीकी कारणों या अन्य दिक्कतों के चलते रिटर्न दाखिल करने में परेशानी हो रही थी।

क्या है डिटेल
सरकार ने बताया कि कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से यह आग्रह किया गया था कि सर्वर की धीमी गति और पोर्टल पर बढ़े हुए लोड के कारण करदाताओं को GSTR-3B दाखिल करने में कठिनाइयाँ आ रही हैं। इसके मद्देनजर वित्त मंत्रालय ने करदाताओं को राहत प्रदान करते हुए यह विस्तार किया है। यह अधिसूचना केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) द्वारा जारी की गई है।
GSTR-3B क्या है
GSTR-3B एक मासिक रिटर्न है जिसे प्रत्येक रजिस्टर्ड GST करदाता को दाखिल करना अनिवार्य होता है। इसमें व्यवसायों को अपनी बिक्री, इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) और देय टैक्स की जानकारी देनी होती है। समय पर रिटर्न दाखिल न करने पर पेनल्टी और ब्याज का प्रावधान होता है। इसलिए, सरकार द्वारा दी गई यह अतिरिक्त अवधि करदाताओं को समय पर अनुपालन सुनिश्चित करने का अवसर प्रदान करेगी।
एनालिस्ट की राय
जानकारों का कहना है कि अक्टूबर माह के अंत तक अनेक छोटे और मध्यम उद्यम (SMEs) त्योहारी सीजन की तैयारियों में व्यस्त रहते हैं। ऐसे में यह विस्तार उन्हें राहत देगा और अनुपालन को सुगम बनाएगा। टैक्स विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय डिजिटल पोर्टल पर लोड कम करने और करदाताओं के अनुभव को बेहतर बनाने में भी मदद करेगा। CBIC ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह तिथि विस्तार केवल GSTR-3B फाइलिंग के लिए है, अन्य रिटर्न या कंप्लायंस की समय-सीमा पूर्ववत रहेगी। विभाग ने करदाताओं से अपील की है कि वे अंतिम तिथि तक अपना रिटर्न दाखिल कर दें ताकि सिस्टम पर अंतिम समय में अधिक दबाव न पड़े। वित्त मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि सरकार करदाताओं को सुगम और पारदर्शी कर प्रणाली प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। GSTR-3B की तिथि में यह बढ़ोतरी उसी दिशा में उठाया गया एक कदम है, जिससे कारोबारियों को अनुपालन के लिए पर्याप्त समय मिल सके और GST व्यवस्था को और अधिक कुशल बनाया जा सके। इस फैसले से देशभर के लाखों व्यापारियों, टैक्स कंसल्टेंट्स और अकाउंटेंट्स को राहत मिलने की उम्मीद है।





