सरकारी बैंकों में FDI 49% करने पर विचार, मुनाफा दो लाख करोड़ के पार होगा
वित्त मंत्रालय सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की सीमा को मौजूदा 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 49 प्रतिशत करने पर विचार कर रहा है। वित्तीय सेवा सचिव एम नागराजू ने कहा, हम अभी भी विचार कर रहे हैं।

वित्त मंत्रालय सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की सीमा को मौजूदा 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 49 प्रतिशत करने पर विचार कर रहा है। वित्तीय सेवा सचिव एम नागराजू ने कहा, हम अभी भी विचार कर रहे हैं, और एफडीआई सीमा को 49 प्रतिशत तक बढ़ाने के लिए अंतर-मंत्रालयी परामर्श जारी है।
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की बेहतर स्थिति से उत्साहित वित्तीय सेवा सचिव एम नागराजू ने भरोसा जताया है कि मौजूदा वित्त वर्ष में इन बैंकों का संयुक्त मुनाफा दो लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर जाना चाहिए। भारतीय बैंकिंग क्षेत्र के अच्छी स्थिति में होने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि इस साल सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की ऋण वृद्धि 12 प्रतिशत और जमा वृद्धि 10 प्रतिशत है, जो काफी उत्साहजनक है।
बैंकों का संयुक्त मुनाफा तीन साल में दोगुना होगा
उन्होंने कहा, बैंक अर्थव्यवस्था की मजबूती के संकेत हैं। इसलिए, वे लचीले हैं। हमारे पास नियामक आरबीआई के तहत बहुत ही विवेकपूर्ण प्रबंधन प्रणाली मौजूद है। इसलिए हम अपने बैंकिंग क्षेत्र पर नकारात्मक प्रभाव डालने वाले बाहरी कारकों के बारे में बहुत चिंतित नहीं हैं। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का संयुक्त मुनाफा तीन साल में दोगुना हो जाएगा। संपत्ति की गुणवत्ता में महत्वपूर्ण सुधार, ऋण वृद्धि, स्वस्थ पूंजी पर्याप्तता अनुपात और संपत्तियों पर बढ़ते प्रतिफल के कारण सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का मुनाफा वित्त वर्ष 2022-23 में एक लाख करोड़ रुपये को पार कर 1.05 लाख करोड़ रुपये हो गया था।
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Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया:-लाइव हिन्दुस्तान में पिछले 6 साल से बिजनेस टीम का अहम हिस्सा हैं। दृगराज को पत्रकारिता में 21 वर्षों का लंबा अनुभव है। इन्होंने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी स्पेशल खबरों से खास पहचान बनाई है। शेयर मार्केट, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी पर विशेष पकड़। मैथ्स से ग्रेजुएट, मास कम्युनिकेशन और कंप्यूटर साइंस में पीजी डिप्लोमा। दृगराज, रिसर्च और एनॉलिस के जरिए मार्केट डेटा को आसान भाषा में 'कुछ अलग' पाठकों तक पहुंचाते हैं। लाइव हिन्दुस्तान से पहले साढ़े सात साल तक हिन्दुस्तान अखबार में बतौर सीनियर रिपोर्टर काम किया। इसके अलावा सहारा समय, दैनिक जागरण, न्यूज नेशन में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
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