
सरकारी कर्मचारियों के लिए एनपीएस-यूपीएस में निवेश के दो नए विकल्प मिलेंगे
NPS-UPS: पहले केंद्र सरकार के कर्मचारियों के पास सीमित विकल्प थे और इक्विटी (शेयर बाजार) में निवेश की सीमा कम थी। अब यह दायरा काफी बढ़ाया गया है। अब कर्मचारी अपनी जोखिम क्षमता और पसंद के हिसाब से निवेश की ज्यादा सटीक रणनीति तय कर सकेंगे।
राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) और एकीकृत पेंशन योजना (UPS) से जुड़े केंद्र सरकार के कर्मचारियों को अब निवेश के अधिक विकल्प मिलेंगे। पेंशन नियामक संस्था पीएफआरडीए ने दो नए ऑटो-चॉइस निवेश विकल्पों को मंज़ूरी दे दी है। इनकी शुरुआत के बाद सरकारी कर्मचारियों के लिए कुल छह निवेश विकल्प उपलब्ध हो गए हैं।
दो नए निवेश विकल्पों में ‘ऑटो चॉइस-लाइफ साइकिल 75-हाई (15ई/55वाई)’ और ‘ऑटो चॉइस-लाइफ साइकिल एग्रेसिव (35ई/55वाई)’ शामिल है। पीएफआरडीए का कहना है कि इनका मकसद कर्मचारियों को उनकी उम्र, जोखिम क्षमता और भविष्य की जरूरतों के हिसाब से पेंशन योजनाओं में बेहतर निवेश विकल्प देना है।
पहले केंद्र सरकार के कर्मचारियों के पास सीमित विकल्प थे और इक्विटी (शेयर बाजार) में निवेश की सीमा कम थी। अब यह दायरा काफी बढ़ाया गया है। अब कर्मचारी अपनी जोखिम क्षमता और पसंद के हिसाब से निवेश की ज्यादा सटीक रणनीति तय कर सकेंगे।
ऐसे फायदेमंद हो सकते हैं नए विकल्प
1. ऑटो चॉइस : लाइफ साइकिल 75-हाई
इस विकल्प में सदस्य के योगदान का 75% हिस्सा इक्विटी यानी शेयर बाजार में निवेश किया जाएगा, 35 वर्ष की आयु तक होगा। इसके बाद निवेश को 55 वर्ष की आयु तक धीरे-धीरे घटकर 15% तक लाया जाएगा। यह योजना से बाहर निकलने तक जारी रहेगा।
इनके लिए फायदेमंद : यह विकल्प उन ग्राहकों के लिए है, जो लंबी अवधि के लिए निवेश कर रहे हैं और बाज़ार के उतार-चढ़ाव के बीच अधिक जोखिम उठा सकते है।
2. ऑटो चॉइस : लाइफ साइकिल एग्रेसिव
इस विकल्प में 45 वर्ष की आयु तक कुल योगदान का 50% हिस्सा इक्विटी में निवेश होगा। इसके बदा 55 वर्ष की उम्र तक यह हिस्सा धीरे-धीरे कम होकर 35% तक पहुंच जाएगा। यह योजना से बाहर निकलने तक जारी रहेगा।
इनके लिए फायदेमंद : यह विकल्प उन कर्मचारियों के लिए बेहतर माना जा रहा है जो कम जोखिम लेकर मध्यम अवधि में बेहतर रिटर्न पाना चाहते हैं।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ
विशेषज्ञों का कहना है कि अधिक इक्विटी निवेश से रिटर्न की संभावना बढ़ती है, लेकिन साथ ही जोखिम भी बढ़ता है। इसलिए कर्मचारियों को नया विकल्प चुनने से पहले अपनी वित्तीय स्थिति और जोखिम क्षमता का सही आकलन करना चाहिए।
मौजूदा चार विकल्प
1. डिफाल्ट योजना : योगदान को तीन पेंशन फंडों द्वारा प्रबंधित पूर्वनिर्धारित पेंशन योजनाओं में निवेश किया जाता है।
2. सक्रिय विकल्प : पूरे योगदान को केवल सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश किया जाता है।
3. ऑटो चॉइस-लाइफ साइकिल 25: अंशदान को 25% हिस्सा 35 वर्ष की उम्र तक इक्विटी निवेश होता है। आगे 55 वर्ष की आयु तक इक्विटी आवंटन 5% तक कम होता जाता है।
4. ऑटो चॉइस-लाइफ साइकिल 25 (मध्यम) : 35 वर्ष की आयु तक 50% अंशदान इक्विटी में निवेशित, जो 55 वर्ष की आयु तक 10% तक पहुंच जाता है।





