काम की बात: PF खाताधारकों के लिए बड़ी खुशखबरी! मंत्री जी बोले, '15 जुलाई तक आएगा 8.25% ब्याज'
मुख्य बातें
- EPF Interest Rate: वित्त मंत्रालय ने हाल ही में ईपीएफओ की केंद्रीय ट्रस्टी बोर्ड की सिफारिश को मंजूरी दी है, जिसके तहत इस साल 8.25% की दर से ब्याज दिया जाएगा
- इससे पहले ब्याज दर घोषित होने के बाद अक्टूबर या नवंबर तक इंतजार करना पड़ता था, लेकिन इस बार प्रक्रिया बहुत तेज हो गई है

पीएफ के ब्याज का इंतजार कर रहे करोड़ों कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी EPFO मेंबर्स को केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने बड़ी खुशखबरी दी है। मांडविया ने बुधवार को बताया कि कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) जमा पर सालाना ब्याज 15 जुलाई तक सभी सदस्यों के खातों में डाल दिया जाएगा। इससे पहले ब्याज दर घोषित होने के बाद अक्टूबर या नवंबर तक इंतजार करना पड़ता था, लेकिन इस बार प्रक्रिया बहुत तेज हो गई है।
PF पर इस साल कितना मिलेगा ब्याज
वित्त मंत्रालय ने हाल ही में ईपीएफओ की केंद्रीय ट्रस्टी बोर्ड की सिफारिश को मंजूरी दी है, जिसके तहत इस साल 8.25% की दर से ब्याज दिया जाएगा। इस ब्याज के तहत कुल 1.44 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि देशभर के करोड़ों सदस्यों के खातों में जमा की जाएगी।
क्या है नई व्यवस्था?
मंत्री ने बताया कि नई प्रणाली (सेंट्रलाइज्ड आईटी इनेबल्ड सर्विसेज - CITES प्रोजेक्ट) के तहत ब्याज को ऑटो-प्रोसेस किया जाएगा और फिर मैदानी अधिकारियों द्वारा इसकी जांच की जाएगी, उसके बाद ही यह सदस्यों के खातों में जमा होगा। अब सदस्य अपने पासबुक में 15 जुलाई तक ब्याज की एंट्री देख सकेंगे।
पूरा डेटाबेस हुआ अपडेट
ईपीएफओ ने अपने सभी सदस्यों के रिकॉर्ड को नए सेंट्रलाइज्ड डेटाबेस में शिफ्ट करने का काम पूरा कर लिया है। इसका मतलब है कि अब किसी भी सदस्य की सेवा संबंधी मांग देश के किसी भी अधिकृत केंद्र से प्रोसेस की जा सकेगी। इससे सदस्यों को सुविधा होगी और ईपीएफओ का काम भी अधिक पारदर्शी और कुशल बनेगा।
क्लेम में कम होंगी परेशानियां
मंत्री ने बताया कि अब किसी भी क्लेम को प्रोसेस करने से पहले ऑटोमेटेड प्री-वैलिडेशन किया जाएगा। अगर किसी क्लेम में कोई कमी या गड़बड़ी होगी, तो वह पहले ही पहचान ली जाएगी और सदस्य को सही मार्गदर्शन दिया जाएगा। इससे क्लेम रिजेक्ट होने के मामले घटेंगे और पहली बार में ही क्लेम स्वीकार होने की संभावना बढ़ जाएगी। सदस्य यह भी देख पाएँगे कि वे अलग-अलग तरह की निकासी के लिए अपने पीएफ खाते से कितनी राशि निकाल सकते हैं।
PF निकासी के नियम हुए आसान
मंत्री ने यह भी बताया कि आंशिक निकासी के नियमों को सरल बनाकर तीन कैटेगरी में बांट दिया गया है। जैसे आवश्यक जरूरतें (जैसे बीमारी, शिक्षा, शादी), आवास संबंधी जरूरतें और विशेष परिस्थितियां। अब सदस्य अपनी कुल पीएफ राशि का 75% तक निकाल सकेंगे, जिससे निकासी की प्रक्रिया बहुत आसान और समझने में सरल हो गई है।
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Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें


