Jio, NSE IPO का रास्ता हुआ आसान, सरकार ने बदल दिए नियम, मिली बड़ी छूट
IPO News: सरकार की तरफ से आईपीओ लाने की तैयारी में जुटी बड़ी कंपनियों को राहत दी गई है। केंद्र सरकार ने नियमों में ढील दी है। सरकार की तरफ से बदले गए नियम Jio, NSE जैसी दिग्गज कंपनियों के गुड न्यूज है।

IPO News: सरकार की तरफ से आईपीओ लाने की तैयारी में जुटी बड़ी कंपनियों को राहत दी गई है। केंद्र सरकार ने नियमों में ढील दी है। सरकार की तरफ से बदले गए नियम Jio, NSE जैसी दिग्गज कंपनियों के गुड न्यूज है। आइए जानते हैं कि सरकार ने कहां और कौन से नियमों में बदलाव किया है।
क्या-क्या हुआ है बदलाव?
1- अगर कोई कंपनी जिसका इश्यू के बाद मार्केट कैप 1600 करोड़ रुपये तक रहता है तो उन्हें कम से कम 25 प्रतिशत पब्लिक होल्डिंग को रखना होगा। छोटी कंपनियों के लिए लागू इस नियम में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
2- ऐसी कंपनियां जिनका मार्केट कैप इश्यू के बाद 1600 करोड़ रुपये से 4000 करोड़ तक रहता है उन्हें पब्लिक के लिए 400 करोड़ रुपये के शेयर ऑफर करने होंगे।
3- जिन कंपनियों का मार्केट कैप 4000 करोड़ रुपये से अधिक और 50,000 करोड़ रुपये तक रहेगा उन्हें लिस्टिंग के टाइम पर कम से कम 10 प्रतिशत हिस्सेदारी पब्लिक को ऑफर करनी होगी। ऐसी कंपनियों को 25 प्रतिशत पब्लिक शेयरहोल्डिंग के लिए तीन साल का समय मिलेगा।
4- ऐसी कंपनियां जिनका मार्केट कैप 50,000 करोड़ रुपये से अधिक रहेगा और एक लाख करोड़ रुपये तक होगा, उन्हें आईपीओ के समय पर 1000 करोड़ रुपये बराबर का हिस्सा पब्लिक को ऑफर करना होगा। ऐसी कंपनियों को 25 प्रतिशत पब्लिक शेयरहोल्डिंग के लिए कम से कम 5 साल का समय मिलेगा।
5- सरकार ने बड़ी कंपनियों के लिए नियमों में बड़ी ढील दी है। जिन कंपनियों का मार्केट कैप लिस्टिंग के बाद 1 लाख करोड़ रुपये से 5 लाख करोड़ रुपये तक रहेगा उन्हें अब 6250 करोड़ रुपये की कीमत के शेयर पब्लिक को ऑफर करने होंगे। जिसके बाद कंपनी में पब्लिक की शेयरहोल्डिंग 2.75 प्रतिशत के बराबर होगी। ऐसी कंपनियों को पब्लिक की शेयरहोल्डिंग 25 प्रतिशत करने के लिए 5 साल का समय मिलेगा।
6- वहीं, 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक के मार्केट कैप वाली कंपनियों को 15000 करोड़ रुपये के शेयर आईपीओ के वक्त ऑफर करने होंगे। इन कंपनियो को लिस्टिंग के समय पर कम से कम 1 प्रतिशत पब्लिक शेयरहोल्डिंग को रखना होगा।
(यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।)
लेखक के बारे में
Tarun Pratap Singhतरुण प्रताप सिंह, लाइव हिन्दुस्तान के साथ अक्टूबर 2020 से कार्यरत हैं। मौजूदा समय में बिजनेस टीम का हिस्सा हैं। लाइव हिन्दुस्तान के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबर पर लिखने के साथ-साथ आईपीओ पर वीडियो इंटरव्यू की भी जिम्मेदारी सम्भालते हैं। लाइव हिन्दुस्तान की वीडियो टीम के लिए 2022 में उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में टीम लीड करते हुए 200 विधानसभा सीट में ग्राउंड रिपोर्टिंग, इंटरव्यू और स्पेशल स्टोरीज कर चुके हैं। श्री राम जन्मभूमि प्राण प्रतिष्ठा समारोह, 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान भी उत्तर प्रदेश में ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव है। साल 2025 में प्रयागराज में सम्पन्न हुए महाकुंभ में 40 दिन से अधिक दिन तक कुंभ नगरी में रहकर अनेकों वीडियो इंटरव्यू और स्पेशल स्टोरिज किए थे।
शिक्षा
बी.ए (ऑनर्स) और एम.ए की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय वाराणसी से पूरा किया है। भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है।
अनुभव -
HT का हिस्सा बनने से पहले स्वतंत्र तौर पर 2019 में लोकसभा चुनाव, 2019 में हरियाणा विधानसभा, 2020 दिल्ली विधानसभा चुनाव और 2020 में दिल्ली दंगा की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव प्राप्त है। श्री राम मंदिर भूमि पूजन (साल 2020) के दौरान भी बतौर स्वतंत्र पत्रकार अपनी सेवाएं दिए हैं।
दैनिक जागरण के एक स्पेशल कार्यक्रम के तहत वाराणसी में दो अलग-अलग साल में 100-100 बच्चों को संसदीय कार्यप्रणाली की 15 दिनों की ट्रेनिंग भी देने का अनुभव प्राप्त है।
विशेषताएं -
वीडियो रिपोर्टिंग में दक्षता हासिल है। कई इंटरव्यू और ग्राउंड ओपनियन वीडियो नेशनल लेवल पर विमर्श का केंद्र बने हैं। बिजनेस और राजनीति के अलावा क्रिकेट, धर्म और साहित्य पर लिखना-पढ़ना पसंद है।


