CGHS में 15 साल बाद बड़े बदलाव, केंद्रीय कर्मचारियों को कैसे मिलेगा फायदा,समझें

CGHS में 15 साल बाद बड़े बदलाव, केंद्रीय कर्मचारियों को कैसे मिलेगा फायदा,समझें

संक्षेप:

सरकार ने करीब 2,000 चिकित्सा प्रक्रियाओं की पैकेज दरों में संशोधन किया है, जो 13 अक्टूबर 2025 से लागू होंगी। इस फैसले से लाखों केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनधारी लाभान्वित होंगे। आइए जानते हैं कि क्या बदलाव हो रहे हैं।

Oct 09, 2025 09:18 pm ISTDeepak Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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बीते कुछ दिनों में केंद्रीय सरकार ने अपने कर्मचारियों को कई बड़े तोहफे दिए हैं। पहले महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की गई और बाद में केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजना यानी CGHS में बदलाव किए गए। दरअसल, सरकार ने करीब 2,000 चिकित्सा प्रक्रियाओं की पैकेज दरों में संशोधन किया है, जो 13 अक्टूबर 2025 से लागू होंगी। इस फैसले से लाखों केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनधारी लाभान्वित होंगे, जिन्हें अब इलाज के लिए जेब से भारी रकम नहीं चुकानी पड़ेगी।

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क्या थी शिकायत?

दरअसल, कई वर्षों से कर्मचारियों और पेंशनर्स की शिकायत थी कि CGHS से मान्यता प्राप्त अस्पताल कैशलेस इलाज देने से इनकार करते थे। मरीजों को मजबूरन इलाज के लिए अपनी जेब से भुगतान करना पड़ता था और उसके बाद महीनों तक रिइम्बर्समेंट का इंतजार करना पड़ता था। अस्पतालों का कहना था कि सरकार की तय दरें पुरानी हैं और वास्तविक लागत से बहुत कम हैं। इसके अलावा उन्हें समय पर भुगतान नहीं मिलता था, जिससे वे सीजीएचएस कार्डधारकों के लिए कैशलेस सेवाएं देने से कतराते थे।

अब सरकार द्वारा किए गए नए सुधारों के तहत, अस्पतालों और शहरों की श्रेणी के आधार पर नई दरें तय की गई हैं। टियर-II शहरों में दरें बेस रेट से 19% कम होंगी तो टियर-III शहरों के लिए दरें 20% कम तय की गई हैं। NABH से मान्यता प्राप्त अस्पतालों को बेस रेट पर भुगतान किया जाएगा। गैर-मान्यता प्राप्त अस्पतालों को 15% कम दरें मिलेंगी जबकि 200 से अधिक बेड वाले सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों को 15% अधिक दरें दी जाएंगी।

क्या है संशोधन का मकसद?

इन संशोधनों का उद्देश्य अस्पतालों को व्यावहारिक और लाभकारी दर प्रदान करना है ताकि वे CGHS लाभार्थियों को बिना हिचकिचाहट कैशलेस सुविधा दे सकें। इससे मरीजों को अग्रिम भुगतान से राहत मिलेगी और रिइम्बर्समेंट की जटिल प्रक्रिया भी काफी हद तक खत्म हो जाएगी। वर्तमान में CGHS के तहत लगभग 80 शहरों में यह सुविधा उपलब्ध है, जिससे करीब 46 लाख से अधिक केंद्रीय कर्मचारी, पेंशनर्स और उनके परिजन लाभान्वित होते हैं।

Deepak Kumar

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दीपक कुमार, हिन्दुस्तान डिजिटल में बिजनेस की खबरें लिखते हैं। वह स्टॉक मार्केट, यूटिलिटी समेत बिजनेस सेक्शन से जुड़ी हर खबरों की ना सिर्फ समझ रखते हैं, बल्कि आम बोलचाल की भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। दीपक की बिजनेस सेक्शन के अलावा एंटरटेनमेंट, स्पोर्ट्स और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरों पर भी जबरदस्त पकड़ है। उन्हें बेहतरीन काम की सराहना मिलती रही है और सम्मानित भी किया जा चुका है। मूल रूप से सीवान (बिहार) के रहने वाले दीपक के पास करीब 11 साल का अनुभव है। करियर की बात करें तो अमर उजाला से शुरू हुआ सफर दैनिक भास्कर,आजतक, इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप होते हुए हिन्दुस्तान डिजिटल तक पहुंच चुका है। फिलहाल, वह हिन्दुस्तान डिजिटल में बतौर असिस्टेंट न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं, पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई के लिए हिमाचल यूनिवर्सिटी चले गए। दीपक सोशल मीडिया पर भी सक्रिय रहते हैं। उन्हें नई-नई तकनीक से रूबरू होना अच्छा लगता है। खाली वक्त में फिल्में देखना या क्रिकेट खेलना पसंद करते हैं। और पढ़ें
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