बढ़ेगी EMI और महंगा होगा लोन! FD, RD जैसी स्कीम पर मिलेगा ज्यादा ब्याज, गोल्डमैन सैक्स ने जारी की रिपोर्ट
अमेरिकी निवेश बैंक गोल्डमैन सैक्स (Goldman Sachs) ने एक रिपोर्ट जारी की है, जिसमें साल 2026 के लिए भारत की ग्रोथ का अनुमान घटाया है। साथ ही ब्याज दर बढ़ने की आशंका भी जताई है। आइए इसकी डिटेल्स जानते हैं।

वैश्विक आर्थिक हालात के बीच भारत के लिए एक बड़ी चेतावनी सामने आई है। अमेरिकी निवेश बैंक गोल्डमैन सैक्स (Goldman Sachs) ने साल 2026 के लिए भारत की ग्रोथ का अनुमान घटा दिया है और साथ ही ब्याज दर बढ़ने की आशंका भी जताई है। यह बदलाव महंगाई और आर्थिक हालात को लेकर नई चिंताओं को दर्शाता है। इससे लोगों की होम और कार लोन की EMI बढ़ सकती है और लोन लेना महंगा हो सकता है। इसका असर FD, RD जैसी स्कीम की ब्याज दरों पर भी पड़ेगा। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं।
ग्रोथ अनुमान में बड़ी कटौती
अमेरिकी निवेश बैंक गोल्डमैन सैक्स (Goldman Sachs) के मुताबिक, 2026 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर अब 5.9% रहने का अनुमान है, जो पहले 7% आंकी गई थी। इससे पहले मार्च में भी इसे घटाकर 6.5% किया गया था, यानी लगातार दूसरी बार ग्रोथ फोरकास्ट में कटौती की गई है।
तेल की कीमतें बनी सबसे बड़ी चिंता
इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें हैं। पश्चिम एशिया में तनाव और सप्लाई में रुकावट के कारण तेल महंगा हो रहा है। मार्च में ब्रेंट क्रूड औसतन $105 प्रति बैरल रहा है और अप्रैल में $115 प्रति बैरल तक जाने का अनुमान है। भारत जैसे देश, जो तेल का बड़ा आयातक है, उसके लिए यह स्थिति महंगाई और अर्थव्यवस्था दोनों पर दबाव डालती है।
रुपये पर बढ़ता दबाव
2026 में अब तक भारतीय रुपये में करीब 4% की गिरावट देखी गई है। कमजोर होता रुपया आयात को महंगा बनाता है, जिससे महंगाई बढ़ने का खतरा रहता है।
महंगाई और ब्याज दर पर असर
गोल्डमैन सैक्स (Goldman Sachs) ने 2026 के लिए महंगाई (CPI) का अनुमान बढ़ाकर 4.6% कर दिया है। हालांकि, यह अभी भी RBI के 2–6% के टारगेट रेंज में है। लेकिन, बढ़ती महंगाई और कमजोर रुपये को देखते हुए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (Reserve Bank of India - RBI) 2026 में 50 बेसिस पॉइंट (0.50%) तक ब्याज दर बढ़ा सकता है।
EMI पर पड़ेगा असर
ब्याज दर बढ़ने से सबसे पहले आपकी EMI पर असर पड़ सकता है। जैसे ही ब्याज दरें बढ़ती हैं होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन महंगे हो जाते हैं, क्योंकि ज्यादातर लोन फ्लोटिंग रेट पर होते हैं, इसलिए आपकी मासिक EMI भी बढ़ जाती है। इसका सीधा मतलब है कि नया घर खरीदना या लोन लेना मुश्किल हो जाता है, और जिन लोगों ने पहले से लोन लिया हुआ है, उनकी हर महीने की फाइनेंशियल टेंशन बढ़ जाती है।
FD, RD जैसी स्कीम्स पर बढ़ेंगी ब्याज दरें
दूसरा असर आपकी बचत पर देखने को मिलता है। FD, RD और पोस्ट ऑफिस स्कीम्स पर ब्याज दरें बढ़ती हैं, जिससे रिटर्न थोड़ा बेहतर जरूर होता है। लेकिन अगर उसी समय महंगाई भी ज्यादा हो, तो असली फायदा सीमित ही रह जाता है।
नौकरी और कमाई पर असर
तीसरा और सबसे बड़ा असर नौकरी और कमाई पर पड़ता है। जब कंपनियों के लिए लोन महंगा हो जाता है, तो वे नए प्रोजेक्ट्स और हायरिंग को धीमा कर देती हैं। इसका असर सैलरी हाइक, बोनस और जॉब के अवसरों पर साफ दिखाई देता है। खासकर छोटे बिजनेस और MSME सेक्टर पर इसका ज्यादा दबाव पड़ता है। अगर निवेश की बात करें, तो शेयर बाजार और रियल एस्टेट दोनों में उतार-चढ़ाव बढ़ जाता है। ऊंची ब्याज दरों के कारण स्टॉक्स और प्रॉपर्टी की मांग कमजोर पड़ सकती है।
चालू खाता घाटा भी बढ़ेगा
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का करंट अकाउंट डेफिसिट (CAD) 2026 में GDP का 2% तक पहुंच सकता है, जो अर्थव्यवस्था के लिए एक और चुनौती है। गोल्डमैन सैक्स (Goldman Sachs) की रिपोर्ट साफ बताती है कि वैश्विक तनाव, महंगा तेल और कमजोर रुपया मिलकर भारत की ग्रोथ को प्रभावित कर सकते हैं।
भारत की अर्थव्यवस्था अभी भी मजबूत है, लेकिन बाहरी दबाव बढ़ रहे हैं। आने वाले समय में महंगाई, ब्याज दर और रुपये की चाल पर नजर रखना बेहद जरूरी होगा।
लेखक के बारे में
Sarveshwar Pathakसर्वेश्वर पाठक अक्टूबर 2022 से ‘लाइव हिंदुस्तान’ में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में बिजनेस और ऑटो सेक्शन के लिए
काम कर रहे हैं। सर्वेश्वर बिजनेस और ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की खबरों, रिव्यू और गहराई से किए गए एनालिसिस के लिए जाने जाते
हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्हें 7 साल से अधिक का अनुभव है, जिसमें उन्होंने अपनी मजबूत पकड़ और समझ के जरिए एक अलग
पहचान बनाई है। उन्होंने देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार से पत्रकारिता में मास्टर डिग्री हासिल की और वर्ष 2019 में
ईटीवी भारत के साथ अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने दैनिक जागरण और एडिटरजी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में
भी काम किया, जहां उन्होंने अपनी लेखन शैली और विश्लेषण क्षमता को और निखारा।
उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर से आने वाले सर्वेश्वर केवल एक पत्रकार ही नहीं, बल्कि सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भागीदारी
निभाते हैं। उन्हें बाल शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता से जुड़े अभियानों में विशेष रुचि है। अपने विश्वविद्यालय के
दिनों में उन्होंने महाराष्ट्र के गोंदिया में दो महीने से अधिक समय तक सोशल वेलफेयर से जुड़े कार्य किए, जहां उन्होंने कई
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