इस IPO पर टूट पड़े लोग, पहले ही दिन हुआ फुल, 41% के ऊपर चल रहा GMP
मुख्य बातें
- Goldline Pharmaceutical IPO: गोल्डलाइन फार्मास्युटिकल का आईपीओ पहले ही दिन फुल हो गया है
- पहले ही दिन कंपनी के IPO पर 22 गुना से ज्यादा दांव लग गया है
- ग्रे मार्केट में भी कंपनी के शेयर 41% से ज्यादा के प्रीमियम पर कारोबार कर रहे हैं

Goldline Pharmaceutical IPO: एक छोटी कंपनी गोल्डलाइन फार्मास्युटिकल के आईपीओ पर निवेशक टूट पड़े हैं। गोल्डलाइन फार्मास्युटिकल के आईपीओ को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है। कंपनी का आईपीओ पहले ही दिन फुल हो गया है। ग्रे मार्केट में भी गोल्डलाइन फार्मास्युटिकल के शेयर धमाल मचाए हुए हैं। कंपनी के शेयर अभी से ग्रे मार्केट में 41 पर्सेंट से अधिक के प्रीमियम के साथ कारोबार कर रहे हैं। गोल्डलाइन फार्मास्युटिकल के आईपीओ पर दांव लगाने का मौका अभी बचा हुआ है, कंपनी का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए गुरुवार 14 मई तक खुला हुआ है।
41% के ऊपर पहुंच गया ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP)
गोल्डलाइन फार्मास्युटिकल के शेयर तगड़े प्रीमियम के साथ ग्रे मार्केट में कारोबार कर रहे हैं। कंपनी के शेयर 18 रुपये के फायदे के साथ ग्रे मार्केट में ट्रेड कर रहे हैं। आईपीओ में कंपनी के शेयर का दाम 43 रुपये है। अगर मौजूदा ग्रे मार्केट प्रीमियम के हिसाब से देखें तो गोल्डलाइन फार्मास्युटिकल के शेयर 61 रुपये पर बाजार में लिस्ट हो सकते हैं। यानी, जिन निवेशकों को आईपीओ में कंपनी के शेयर अलॉट होंगे, वह लिस्टिंग वाले दिन 41 पर्सेंट से अधिक के फायदे की उम्मीद कर सकते हैं। गोल्डलाइन फार्मास्युटिकल के आईपीओ का टोटल साइज 12 करोड़ रुपये तक का है।
पहले ही दिन IPO पर 22 गुना से ज्यादा दांव
गोल्डलाइन फार्मास्युटिकल का आईपीओ पहले ही दिन टोटल 22.35 गुना सब्सक्राइब हो गया है। कंपनी के आईपीओ में आम निवेशकों की कैटेगरी में 34.07 गुना दांव लगा है। वहीं, गैर संस्थागत निवेशकों (नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स या NII) की कैटेगरी में 24.46 गुना सब्सक्रिप्शन मिला है। गोल्डलाइन फार्मास्युटिकल के आईपीओ में क्वॉलीफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) का कोटा 1.31 गुना सब्सक्राइब हुआ है। कंपनी के आईपीओ में आम निवेशक कम से कम 2 लॉट के लिए दांव लगा सकते हैं। आईपीओ के दो लॉट में 6000 शेयर हैं। यानी, 2 लॉट के लिए आम निवेशकों को 2.58 लाख रुपये लगाने होंगे।
क्या करती है कंपनी
गोल्डलाइन फार्मास्युटिकल, गोल्डलाइन ब्रांड नेम के तहत फार्मास्युटिकल प्रॉडक्ट्स के मार्केटिंग के बिजनेस में है। कंपनी की प्रॉडक्ट रेंज 5 सेगमेंट्स में बंटी हुई है। गोल्डलाइन फार्मा कैटेगरी में 42 प्रॉडक्ट्स हैं। वहीं, गोल्डलाइन कार्डिनल कैटेगरी के तहत कंपनी 54 प्रॉडक्ट्स ऑफर करती है। गोल्डलाइन आयुष्मान के तहत कंपनी 18 प्रॉडक्ट्स उपलब्ध कराती है। वहीं, गोल्डलाइन इनलाइफ कैटेगरी में कंपनी के पास 22 प्रॉडक्ट्स हैं, जबकि गोल्डलाइन वेलनेस कैटेगरी में 10 प्रॉडक्ट्स हैं। कंपनी प्रॉडक्ट्स की मैन्युफैक्चरिंग नहीं करती है। दवाओं की मैन्युफैक्चरिंग के लिए कंपनी थर्ड-पार्टी मैन्युफैक्चरर्स के साथ साझेदारी करती है, जो कि कंपनी की मार्केट रिसर्च और प्रॉडक्ट स्पेसिफिकेशंस के हिसाब से मेडिसिन तैयार करती हैं।
IPO से पहले कंपनी में प्रमोटर की हिस्सेदारी 79.70%
अमोल लक्ष्मीकांत मजूमदार और स्वप्न प्रेमप्रकाश खंडेलवाल, गोल्डलाइन फार्मास्युटिकल के प्रमोटर हैं। आईपीओ से पहले कंपनी में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 79.70 पर्सेंट है। कंपनी आईपीओ से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल उधारी चुकाने और जनरल कॉरपोरेट से जुड़े काम में करेगी।
लेखक के बारे में
Vishnu Soniविष्णु सोनी लाइव हिन्दुस्तान में बिजनेस, गैजेट्स और ऑटो सेक्शन संभाल रहे हैं। वह दिसंबर 2020 से लाइव हिन्दुस्तान के साथ
हैं। वह शेयर बाजार, कॉरपोरेट, पर्सनल फाइनेंस, गैजेट्स और ऑटो की खबरें लिखते हैं। गैजेट्स और ऑटो रिव्यू में भी इनकी
दिलचस्पी है। बिजनेस से जुड़ी खबरों में विष्णु हमेशा इस बात पर फोकस करते हैं कि वह पाठकों के 'काम की बात' वाला एंगल
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विष्णु का ध्यान हमेशा रहा है।
पत्रकारिता में विष्णु को 20 साल पूरे होने को हैं। विष्णु के करियर का ज्यादातर हिस्सा बिजनेस जर्नलिज्म से जुड़ा रहा है।
वह दैनिक भास्कर, इकनॉमिक टाइम्स-हिंदी, अमर उजाला, नेटवर्क-18 और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर
चुके हैं। विष्णु ने पत्रकारिता की पढ़ाई इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मॉस कम्युनिकेशन (IIMC), दिल्ली से की है। विष्णु, इलाहाबाद
विश्वविद्यालय के गोल्ड मेडलिस्ट हैं। GST को लेकर बनाए गए विष्णु के एक वीडियो को अवॉर्ड भी मिल चुका है। कुकिंग,
ट्रेवलिंग, क्रिकेट देखने और खेलने में इनको मजा आता है। अपने वक्त का एक हिस्सा विष्णु ऐसे शेयरों को 'खोजने' में लगाते
हैं, जो कि आगे चलकर अच्छा रिटर्न दें।


