43 रुपये का शेयर, अभी से 25 रुपये का फायदा, दांव लगाने का आज है आखिरी मौका
मुख्य बातें
- गोल्डलाइन फार्मास्युटिकल के आईपीओ में शेयर का दाम 43 रुपये है
- कंपनी के शेयर ग्रे मार्केट में 25 रुपये के प्रीमियम के साथ ट्रेड कर रहे हैं
- शुरुआती दो दिन में कंपनी का आईपीओ 100 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हो गया है

गोल्डलाइन फार्मास्युटिकल के आईपीओ पर दांव लगाने का आज आखिरी मौका है। कंपनी के आईपीओ को शुरुआती दो दिन में जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है। दो दिन में गोल्डलाइन फार्मास्युटिकल के आईपीओ पर 100 गुना से ज्यादा दांव लग गया है। गोल्डलाइन फार्मास्युटिकल के शेयर ग्रे मार्केट में भी दहाड़ रहे हैं। कंपनी के शेयर ग्रे मार्केट में 58 पर्सेंट से ज्यादा के फायदे के साथ कारोबार कर रहे हैं। गोल्डलाइन फार्मास्युटिकल का आईपीओ दांव लगाने के लिए 12 मई 2026 को खुला था।
43 रुपये का शेयर, अभी से 25 रुपये पहुंच गया GMP
गोल्डलाइन फार्मास्युटिकल के आईपीओ में कंपनी के शेयर का दाम 43 रुपये है। वहीं, गोल्डलाइन फार्मास्युटिकल के शेयर ग्रे मार्केट में 25 रुपये के प्रीमियम के साथ ट्रेड कर रहे हैं। अगर मौजूदा ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) के हिसाब से देखें तो गोल्डलाइन फार्मास्युटिकल के शेयर 68 रुपये पर बाजार में लिस्ट हो सकते हैं। यानी, आईपीओ में जिन निवेशकों को कंपनी के शेयर अलॉट होंगे, वह लिस्टिंग वाले दिन 58 पर्सेंट से ज्यादा के फायदे की उम्मीद कर सकते हैं। गोल्डलाइन फार्मास्युटिकल के आईपीओ का टोटल साइज 12 करोड़ रुपये तक का है।
2 दिन में IPO पर लगा 100 गुना से ज्यादा दांव
गोल्डलाइन फार्मास्युटिकल के आईपीओ (Goldline Pharmaceutical IPO) को निवेशकों से बेहतरीन रिस्पॉन्स मिल रहा है। कंपनी का आईपीओ शुरुआती 2 दिन में 100.14 गुना सब्सक्राइब हो गया है। कंपनी के आईपीओ में शुरुआती दो दिन में आम निवेशकों की कैटेगरी में 139.51 गुना दांव लगा है। वहीं, गैर संस्थागत निवेशकों (नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स या NII) की कैटेगरी में 146.12 गुना सब्सक्रिप्शन मिला है। गोल्डलाइन फार्मास्युटिकल के आईपीओ में क्वॉलीफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स का कोटा 1.31 गुना सब्सक्राइब हुआ है। कंपनी के आईपीओ में आम निवेशक 2 लॉट के लिए दांव लगा सकते हैं। आईपीओ की 2 लॉट में 6000 शेयर हैं। यानी, आम निवेशकों को गोल्डलाइन फार्मास्युटिकल के आईपीओ में कम से कम 2.58 लाख रुपये का निवेश करना होगा।
क्या करती है कंपनी
गोल्डलाइन फार्मास्युटिकल, गोल्डलाइन (Goldline) ब्रांड नेम के तहत फार्मास्युटिकल्स प्रॉडक्ट्स की मार्केटिंग के बिजनेस में है। कंपनी की प्रॉडक्ट रेंज को गोल्डलाइन फार्मा, गोल्डलाइन कार्डिनल, गोल्डलाइन आयुष्मान, गोल्डलाइन इनलाइफ और गोल्डलाइन वेलनेस इन 5 सेगमेंट्स में बांटा गया है। कंपनी खुद प्रॉडक्ट्स की मैन्युफैक्चरिंग नहीं करती है। कंपनी अपनी मार्केट रिसर्च और प्रॉडक्ट स्पेसिफिकेशंस के आधार पर दवाएं तैयार कराने के लिए थर्ड पार्टी मैन्युफैक्चरर्स के साथ साझेदारी करती है। गोल्डलाइन फार्मा फिलहाल 15 मैन्युफैक्चरर्स और 7 डिस्ट्रीब्यूटर्स के साथ काम करती है। कंपनी अपने प्रॉडक्ट्स को महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, ओडिशा, झारखंड, तमिलनाडु, राजस्थान और बिहार में बेचती है।
लेखक के बारे में
Vishnu Soniविष्णु सोनी लाइव हिन्दुस्तान में बिजनेस, गैजेट्स और ऑटो सेक्शन संभाल रहे हैं। वह दिसंबर 2020 से लाइव हिन्दुस्तान के साथ
हैं। वह शेयर बाजार, कॉरपोरेट, पर्सनल फाइनेंस, गैजेट्स और ऑटो की खबरें लिखते हैं। गैजेट्स और ऑटो रिव्यू में भी इनकी
दिलचस्पी है। बिजनेस से जुड़ी खबरों में विष्णु हमेशा इस बात पर फोकस करते हैं कि वह पाठकों के 'काम की बात' वाला एंगल
प्रमुखता से खबर में ला सकें, ताकि उनकी वित्तीय जागरूकता बढ़े। बिजनेस से जुड़ी खबरों में भाषा की सरलता और सहजता पर भी
विष्णु का ध्यान हमेशा रहा है।
पत्रकारिता में विष्णु को 20 साल पूरे होने को हैं। विष्णु के करियर का ज्यादातर हिस्सा बिजनेस जर्नलिज्म से जुड़ा रहा है।
वह दैनिक भास्कर, इकनॉमिक टाइम्स-हिंदी, अमर उजाला, नेटवर्क-18 और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर
चुके हैं। विष्णु ने पत्रकारिता की पढ़ाई इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मॉस कम्युनिकेशन (IIMC), दिल्ली से की है। विष्णु, इलाहाबाद
विश्वविद्यालय के गोल्ड मेडलिस्ट हैं। GST को लेकर बनाए गए विष्णु के एक वीडियो को अवॉर्ड भी मिल चुका है। कुकिंग,
ट्रेवलिंग, क्रिकेट देखने और खेलने में इनको मजा आता है। अपने वक्त का एक हिस्सा विष्णु ऐसे शेयरों को 'खोजने' में लगाते
हैं, जो कि आगे चलकर अच्छा रिटर्न दें।


