सोना-चांदी, शेयर मार्केट सब क्रैश, युद्ध खत्म होने के बाद भी क्यों बेपटरी है बाजार?
मुख्य बातें
- Why Market Crashed: शेयर मार्केट में गिरावट का तूफान है और निवेशक हैरान
- सोने-चांदी के बाजार में मायूसी है और कीमतें धराशायी
- आइए समझते हैं कि सेंसेक्स-निफ्टी, Gold Silver में गिरावट की वजह क्या है?

अमेरिका-ईरान के बीच जंग खत्म होने का सभी को इंतजार था। चाहे वो आम आदमी हो या सोना, चांदी और शेयर में पैसा लगाने वाले निवेश। उम्मीद थी कि घरेलू मार्केट के अच्छे दिन लौट आएंगे। सोने-चांदी की चमक बढ़ेगी, लेकिन आज यानी गुरुवार को ठीक इसके उल्टा हो रहा है। सोना-चांदी की रंगत उड़ी हुई है। शेयर मार्केट में गिरावट का तूफान है और निवेशक हैरान। आइए समझते हैं कि ऐसा हुआ क्यों?
शेयर मार्केट की 5 दिन की तेजी थमी, आई सुनामी
सबसे पहले आज बात शेयर मार्केट की। घरेलू शेयर मार्केट में पिछले 5 दिन से लगातार रैली जारी थी। आज शुक्रवार को तेजी का सिलसिला टूट गया और मार्केट धड़ाम हो गया। सेंसेक्स 800 अंक से अधिक लुढ़ककर 76557 के लेवल पर आ गया। निफ्टी भी गिरावट के दोहरे शतक के साथ 23,936 पर आ गया।
आज शेयर मार्केट क्यों हुआ क्रैश
आज बाजार पर सबसे बड़ा दबाव वैश्विक आईटी कंपनी Accenture के कमजोर आउटलुक का पड़ा, जिसके बाद निवेशकों ने टीसीएस, इंफोसिस, एचसीएल टेक और टेक महिंद्रा जैसे आईटी शेयरों में बिकवाली शुरू कर दी। मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार बाजार में गिरावट की दूसरी बड़ी वजह विदेशी निवेशकों की बिकवाली और हालिया तेजी के बाद मुनाफावसूली रही। इसके अलावा वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और भू-राजनीतिक चिंताओं ने भी निवेशकों का भरोसा कमजोर किया।
इंटरनेशनल से डोमेस्टिक मार्केट तक गिरे सोने-चांदी के दाम
आज MCX पर सोने का भाव 5350 रुपये की गिरावट के साथ 146240 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। चांदी के भाव 8899 रुपये का गोता लगाकर 228721 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गए। जबकि, इंटरनेशनल मार्केट में स्पॉट गोल्ड 0.6 फीसदी गिरकर 4,184.33 डॉलर प्रति औंस पर आ गया।
अगस्त डिलीवरी वाले अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर 1 फीसदी टूटकर 4,202.10 डॉलर पर पहुंच गए। स्पॉट सिल्वर 1.5 फीसदी गिरकर 64.83 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है।
क्यों गिरे सोने-चांदी के भाव
वैश्विक स्तर पर सोने की कीमतें गिरती रहीं और यह लगातार तीसरे सप्ताह गिरावट के साथ बंद होने की ओर बढ़ रही हैं। मजबूत डॉलर और फेड के कड़े रुख ने कीमतों पर दबाव बढ़ाया है। दूसरी ओर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है, जिससे मुद्रास्फीति को लेकर चिंताएं कम हुई हैं। इससे बुलियन मार्केट पर और दबाव बना है।
वहीं, अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने बुधवार को ब्याज दरों को स्थिर रखा। सीएमई फेडवॉच टूल के अनुसार, ट्रेडर्स अब दिसंबर में ब्याज दर बढ़ने की 87 फीसदी संभावना जता रहे हैं, जो फेड के फैसले से पहले 61 फीसदी थी। ब्याज दरें अधिक होने पर सोना निवेश के लिहाज से कम आकर्षक हो जाता है क्योंकि इस पर कोई ब्याज नहीं मिलता।
गोल्डमैन सैक्स ने घटाया अनुमान
प्रमुख वैश्विक बैंक गोल्डमैन सैक्स ने सोने के दिसंबर के भाव का अनुमान घटाकर 4,900 डॉलर प्रति औंस कर दिया है, जो इससे पहले 5,400 डॉलर प्रति औंस था। बैंक को अब इस साल फेड की ओर से ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद नहीं है।
आईटी सेक्टर में कमजोरी इतनी ज्यादा रही कि पूरे शेयर बाजार का सेंटीमेंट बिगड़ गया। कमोडिटी मार्केट में सोना-चांदी धड़ाम हो गए। इसकी वजह फेड के कड़े रुख, गोल्डमैन सैक्स के अनुमान और मजबूत डॉलर रही।


