
गोल्ड-सिल्वर की उछलती कीमतों पर ब्रेक, चांदी में 11,000 रुपये से ज्यादा की गिरावट
Gold Silver Rate 10 Feb.: घरेलू वायदा बाजार में सोने-चांदी के भाव में गिरावट दर्ज की गई। एमसीएक्स पर अप्रैल माह के सोने के वायदा 1.6% या लगभग 2,500 रुपये गिरकर 155546 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गए। वहीं, चांदी के वायदा 4% से अधिक या 11,000 रुपये से ज्यादा गिरकर 2,51,544 रुपये पर पहुंच गए।
Gold Silver Rate 10 Feb.:दो दिन की बढ़त के बाद सोने में गिरावट दर्ज की गई है, क्योंकि निवेशकों ने उतार-चढ़ाव वाले बाजार में मुनाफा वसूला। वहीं, निवेशकों ने मुनाफावसूली भी कर रहे हैं। मंगलवार की सुबह घरेलू वायदा बाजार में सोने-चांदी के भाव में गिरावट दर्ज की गई। एमसीएक्स पर अप्रैल माह के सोने के वायदा 1.6% या लगभग 2,500 रुपये गिरकर 1,55,546 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गए। वहीं, चांदी के वायदा 4% से अधिक या 11,000 रुपये से ज्यादा गिरकर 2,51,544 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गए।
इंटरनेशनल मार्केट का हाल
इंटरनेशनल मार्केट में सोने की कीमत शुरुआती कारोबार में 1.4% तक की गिरावट आई और यह थोड़ी देर के लिए 5,000 डॉलर प्रति औंस से नीचे चला गया, इसके बाद कुछ नुकसान की भरपाई हुई। 29 जनवरी को अपने रिकॉर्ड शिखर को छूने के बाद से सोना लगभग 10% गिर चुका है, लेकिन इस साल अभी भी मजबूती से ऊपर है। सिंगापुर में सुबह 8:00 बजे तक स्पॉट गोल्ड 0.5% गिरकर 5,032.53 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। चांदी 1.8% गिरकर 81.92 डॉलर पर आ गई। प्लैटिनम और पैलेडियम भी कमजोर रहे।
गिरावट की वजह
अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में बढ़त, जो 96.82 से बढ़कर 97.01 पर पहुंच गया। इससे विदेशी खरीदारों के लिए डॉलर-आधारित सोना महंगा हो गया। निवेशकों द्वारा इस सप्ताह आने वाले अमेरिकी रोजगार और मुद्रास्फीति के महत्वपूर्ण आंकड़ों से पहले सतर्क रुख अपनाना। इन आंकड़ों से भविष्य के ब्याज दर रुख के संकेत मिलने की उम्मीद है।
आगे की राह
जनवरी के अंत में कीमती धातुओं में भारी गिरावट आई थी, जब सट्टा व्यापार से प्रेरित रिकॉर्ड तोड़ तेजी ने बाजारों को गर्म कर दिया था। हालांकि, वे कई कारक जो बहु-वर्षीय तेजी का आधार रहे हैं , बढ़े हुए भू-राजनीतिक जोखिम, केंद्रीय बैंकों की बढ़ी हुई खरीदारी और सरकारी बांड व मुद्राओं से निवेशकों का पलायन अभी भी प्रभावी हैं।
बना हुआ है वित्तीय संस्थानों का भरोसा
ब्लूमबर्ग के मुताबिक डॉयचे बैंक एजी और गोल्डमैन सैक्स ग्रुप इंक जैसे कई बैंकों और परिसंपत्ति प्रबंधकों ने इन लंबी अवधि की मांग संचालकों के कारण बुलियन के उबरने का समर्थन किया है। जनवरी में चीनी केंद्रीय बैंक ने अपनी सोने की खरीदारी को 15वें महीने तक बढ़ा दिया, जो आधिकारिक मांग की मजबूती को रेखांकित करता है।

लेखक के बारे में
Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया:-लाइव हिन्दुस्तान में पिछले 6 साल से बिजनेस टीम का अहम हिस्सा हैं। दृगराज को पत्रकारिता में 21 वर्षों का लंबा अनुभव है। इन्होंने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी स्पेशल खबरों से खास पहचान बनाई है। शेयर मार्केट, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी पर विशेष पकड़। मैथ्स से ग्रेजुएट, मास कम्युनिकेशन और कंप्यूटर साइंस में पीजी डिप्लोमा। दृगराज, रिसर्च और एनॉलिस के जरिए मार्केट डेटा को आसान भाषा में 'कुछ अलग' पाठकों तक पहुंचाते हैं। लाइव हिन्दुस्तान से पहले साढ़े सात साल तक हिन्दुस्तान अखबार में बतौर सीनियर रिपोर्टर काम किया। इसके अलावा सहारा समय, दैनिक जागरण, न्यूज नेशन में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
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