सोना-चांदी के भाव आज फिर चढ़े, गोल्ड ₹1.55 लाख और सिल्वर ₹2.37 लाख के पार
मुख्य बातें
- MCX Gold Silver Rates: आज के कारोबार के शुरुआत में MCX पर सोना ₹1,55,079 प्रति 10 ग्राम पर था और चांदी ₹2,37,678 प्रति किलो के स्तर पर कारोबार कर रही थी

MCX यानी घरेलू वायदा बाजार में सोमवार सुबह सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली। अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और सितंबर में अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीद कमजोर पड़ने से कीमती धातुओं को सपोर्ट मिला। हालांकि, अमेरिका-ईरान वार्ता में गतिरोध और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर जारी अनिश्चितता ने बाजार की तेजी पर कुछ अंकुश लगाया।
MCX पर सोना-चांदी के तेवर गरम
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सुबह 9:15 बजे तक अक्टूबर एक्सपायरी वाला सोना 0.37% बढ़कर 1,55,079 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। इसी तरह सितंबर वायदा चांदी 0.74% की तेजी के साथ 2,37,678 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी। यानी शुरुआती कारोबार में दोनों कीमती धातुओं में करीब 1% तक की तेजी देखने को मिली।
डॉलर कमजोर हुआ तो सोने को मिला सहारा
सोने की कीमतों में तेजी की प्रमुख वजहों में अमेरिकी डॉलर की कमजोरी और फेड की ब्याज दरों को लेकर बदलती उम्मीदें शामिल हैं। आम तौर पर डॉलर कमजोर होने पर डॉलर में कीमत वाला सोना दूसरे देशों के खरीदारों के लिए अपेक्षाकृत सस्ता हो जाता है। इससे सोने की मांग को समर्थन मिल सकता है। बाजार की नजर अब अमेरिकी महंगाई के अगले आंकड़ों पर है। फेड की पसंदीदा महंगाई मापने वाली PCE प्राइस इंडेक्स रिपोर्ट 26 अगस्त को जारी होनी है।
लेकिन कच्चा तेल बना सोने की तेजी के लिए खतरा
सोने में तेजी के बीच कच्चे तेल की कीमतों ने बाजार की चिंता बढ़ा दी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड करीब 1% चढ़कर 90 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया।महंगे कच्चे तेल से वैश्विक महंगाई बढ़ने का खतरा रहता है। अगर महंगाई लंबे समय तक ऊंची रहती है तो अमेरिकी फेडरल रिजर्व के लिए ब्याज दरों में कटौती करना मुश्किल हो सकता है। इसका असर सोने जैसे ऐसे निवेश पर पड़ सकता है, जिस पर ब्याज नहीं मिलता।
होर्मुज पर ईरान के बयान से बढ़ी चिंता
सोने और तेल दोनों के लिए इस समय अमेरिका-ईरान तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति बेहद महत्वपूर्ण है। ईरान के उप विदेश मंत्री काजिम गरीबाबादी ने दोहराया है कि होर्मुज पर ईरान का नियंत्रण है और इसे बंद या खोलने का फैसला ईरान के अधिकार में है। अगर इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से सप्लाई प्रभावित होती है तो कच्चे तेल की कीमतों में और तेजी आ सकती है। इसका असर वैश्विक महंगाई और केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीति पर पड़ सकता है।
अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों पर भी नजर
अमेरिका में जुलाई का CPI महंगाई आंकड़ा महीने-दर-महीने 0.1% बढ़ा, जबकि जून में इसमें 0.4% की गिरावट दर्ज हुई थी। सालाना आधार पर CPI महंगाई जून के 3.5% से घटकर जुलाई में 3.4% रही। अब बाजार की नजर 26 अगस्त को आने वाले PCE महंगाई आंकड़ों पर है। यह आंकड़ा फेड की आगामी ब्याज दर नीति को लेकर बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण हो सकता है।
सोने के लिए आगे क्या संकेत?
फिलहाल सोने के लिए दो विपरीत ताकतें काम कर रही हैं। डॉलर की कमजोरी और ब्याज दरों में नरमी की उम्मीद सोने के पक्ष में हैं, जबकि महंगा कच्चा तेल और उससे पैदा होने वाली महंगाई फेड की सख्त नीति की आशंका बढ़ा सकती है। इसके अलावा अमेरिका-ईरान वार्ता और होर्मुज की स्थिति में कोई बड़ा बदलाव सोने और चांदी दोनों की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव ला सकता है।


