सोने-चांदी के भाव आज फिर गिरे, ₹1.41 लाख पर आ गया गोल्ड, सिल्वर ₹2.20 लाख के नीचे
मुख्य बातें
- Gold Silver Rates Today: एमसीएक्स पर सोने के वायदा भाव 0.39% गिरकर 1,41,301 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गए
- वहीं, चांदी के वायदा भाव 0.44% की गिरावट के साथ 2,19,650 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रहे थे

MCX Gold Silver Rates Today: एमसीएक्स पर सोने और चांदी की कीमतों में आज भी गिरावट दर्ज की गई। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के चलते निवेशकों को महंगाई दर लंबे समय तक ऊंची बनी रहने की चिंता सता रही है, जिससे अमेरिकी फेडरल रिजर्व इस साल ब्याज दरें बढ़ाने पर मजबूर हो सकता है।
गुरुवार (16 जुलाई) सुबह 9:10 बजे के करीब एमसीएक्स पर सोने के वायदा भाव 0.39% गिरकर 1,41,301 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गए। वहीं, चांदी के वायदा भाव 0.44% की गिरावट के साथ 2,19,650 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रहे थे।
सोने-चांदी में आज की गिरावट के 5 कारण
डॉलर और कच्चे तेल: डॉलर इंडेक्स 100.5 के आसपास मंडरा रहा है, जबकि कच्चे तेल की कीमतों में मध्य पूर्व संघर्ष तेज होने के बावजूद हल्की गिरावट देखी जा रही है। निवेशक मुनाफावसूली कर रहे हैं, जिससे तेल की कीमतों पर दबाव बना हुआ है।
ईरान की सख्ती: मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान का फिलहाल अमेरिका के साथ बातचीत करने का कोई इरादा नहीं है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एस्माइल बघाई ने कहा कि अमेरिकी सैन्य हमलों के बीच ईरान अपनी रक्षा पर ध्यान केंद्रित कर रहा है और अमेरिकी हमलों का "मजबूती से" जवाब देता रहेगा।
अमेरिका ने जारी रखे हमले: अमेरिका ने ईरानी सेना पर दो नए हमले किए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि जब तक तेहरान बातचीत के लिए वापस नहीं आता, वे ईरान के पावर प्लांट्स और पुलों पर सैन्य हमले बढ़ा सकते हैं। इस बयान ने पूरे क्षेत्र में तनाव और बढ़ा दिया है।
महंगाई पर बढ़ा खतरा: मध्य पूर्व में बढ़ता संघर्ष इस खतरे को बढ़ा रहा है कि महंगाई दर वैश्विक केंद्रीय बैंकों के लक्ष्य से ऊपर बनी रहेगी। हालांकि अमेरिका के महंगाई और पीपीआई आंकड़े कुछ नरम आए हैं, लेकिन बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती ऊर्जा कीमतें महंगाई को और बढ़ावा देंगी।
अमेरिकी महंगाई के आंकड़े: अमेरिकी सीपीआई महंगाई जून में घटकर 3.5% हो गई, जो मई में 4.2% थी। मासिक आधार पर अमेरिकी सीपीआई में 0.4% की गिरावट आई है - जो कोविड-19 महामारी (अप्रैल 2020) के बाद पहली गिरावट है। मई में यह 0.5% बढ़ी थी।
प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (पीपीआई) जून में मासिक आधार पर 0.3% गिरा, जो अप्रैल 2025 के बाद सबसे बड़ी गिरावट है। सालाना आधार पर पीपीआई मई में 6% बढ़ने के बाद जून में 5.5% बढ़ा है।
आगे कैसी रहेगी सोने-चांदी की चाल
मास्टर कैपिटल सर्विसेज के चीफ रिसर्च ऑफिसर रवि सिंह ने कहा, "अमेरिकी उत्पादन मूल्यों में जून में 0.3% की गिरावट के बावजूद सोने की कीमतों पर दबाव है। हालांकि कमजोर महंगाई के आंकड़ों से फेडरल रिजर्व की तत्काल ब्याज दर बढ़ाने की संभावनाएं कम हुईं, लेकिन मध्य पूर्व संघर्ष बढ़ने के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल ने इस राहत को खत्म कर दिया।"
उन्होंने आगे कहा, "बढ़ती ऊर्जा कीमतों ने महंगाई ऊंची बने रहने की आशंकाओं को फिर से जगा दिया है, जिससे उम्मीदें मजबूत हुई हैं कि फेड ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रख सकता है। फेड चेयरमैन केविन वार्श ने 2% महंगाई लक्ष्य के प्रति केंद्रीय बैंक की प्रतिबद्धता दोहराई, जबकि कई नीति निर्माताओं ने सतर्क रुख अपनाया, जिससे सोने पर दबाव बना हुआ है।"


