Gold Silver Rates: सोना-चांदी के भाव में आज गिरावट, ₹38000 तक सस्ता हो चुका है गोल्ड
मुख्य बातें
- Gold Silver Rates: एमसीएक्स पर सोने का भाव 0.55% गिरकर 1,55,090 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया
- वहीं, चांदी 1% लुढ़ककर 2,35,655 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी
- आइए जानें इस गिरावट के पीछे क्या करण हैं?

कच्चे तेल की उछलती कीमतों और मुनाफावसूली के चलते आज मंगलवार, 18 अगस्त को सोने-चांदी के भाव में गिरावट दर्ज की जा रही है। MCX पर शुरुआती कारोबार में गोल्ड और सिल्वर के भाव करीब 1% तक लुढ़क गए। तेल के दाम ने दुनिया भर के बड़े केंद्रीय बैंकों, खासकर अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाए जाने की आशंकाओं को हवा दे दी है।
एमसीएक्स पर सोने-चांदी के भाव
सुबह करीब 9:25 बजे एमसीएक्स पर सोने का भाव 0.55% गिरकर 1,55,090 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। वहीं, चांदी 1% लुढ़ककर 2,35,655 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी।
ऑल टाइम हाई से कितना सस्ता है सोना-चांदी
एमसीएक्स के आंकड़ों के अनुसार, 29 जनवरी को सोना 1,93,096 रुपये के रिकॉर्ड हाई पर था और तब से लेकर अब तक 38,006 रुपये तक सस्ता हो चुका है। वहीं, एमसीएक्स सिल्वर का ऑल टाइम हाई 4,20,048 रुपये है और यह 184393 रुपये सस्ता हो चुका है।
कच्चे तेल का हाल और ईरान-अमेरिका तनाव
ब्रेंट क्रूड का भाव 91 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर चल रहा है, क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत फंसी हुई है। ब्लूमबर्ग की खबरों के मुताबिक, ईरान अब और सख्त रवैया अपना रहा है, जबकि अमेरिका ने संघर्ष-विराम बढ़ाने से साफ इनकार कर दिया है। इससे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल की सप्लाई पर खतरा मंडराने लगा है, जिसकी सभी को चिंता सता रही है।
ट्रंप का बयान और मिडिल ईस्ट हालात
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को फिर से अपनी बात दोहराई कि होर्मुज "अमेरिकी क्षेत्र" है और वाशिंगटन का इस इलाके पर "पूरा नियंत्रण" है। मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के चलते पूरे साल तेल के दाम ऊंचे बने हुए हैं, जिससे महंगाई लंबे समय तक ऊंची बनी रहने का खतरा बढ़ गया है।
फेड की ब्याज दरों का सोने पर कैसा पड़ता है असर
इस खतरे के चलते अमेरिकी फेड मौजूदा स्तरों से ब्याज दरें बढ़ा सकता है। हालांकि सोने को महंगाई से बचाव माना जाता है, लेकिन जब ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो इसका बोझ सोने पर पड़ता है, क्योंकि सोना ब्याज न देने वाली संपत्ति है।
निवेशकों की निगाह फेड पर
अब निवेशकों की निगाह फेड की जुलाई नीति बैठक के मिनट्स पर टिकी है, जो बुधवार को जारी होंगे। फेड की अगली नीति बैठक 15-16 सितंबर को होनी है। बाजार को उम्मीद है कि सितंबर में फेड दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा, हालांकि, बहुत कुछ आने वाले हालात पर निर्भर करेगा।


