सोना-चांदी के गिरे भाव, ₹152561 पर आया गोल्ड, सिल्वर ₹242067 पर पहुंची
मुख्य बातें
- Gold Silver Rates Today: घरेलू मार्केट में आज सोना-चांदी सस्ते हो गए हैं
- शादियों के सीजन से पहले गहने खरीदने वालों के लिए यह राहतभरी खबर है
- आगे क्या और गिरेंगे सोने-चांदी के दाम, इंटरनेशनल मार्केट में क्या है हलचल? देखें पूरी रिपोर्ट…

Gold Silver Rates Today: घरेलू मार्केट में सोने-चांदी के भाव में आज गिरावट है। शुक्रवार, 10 अप्रैल को एमसीएक्स पर चांदी 0.7% गिरकर ₹2,42,067 प्रति किलो पर आ गई। जबकि, MCX गोल्ड 0.56% गिरकर ₹1,52,561 प्रति 10 ग्राम पर आ गया। दूसरी ओर इंटरनेशनल मार्केट में सोने-चांदी का मिलाजुला रुख देखने को मिला। स्पॉट सिल्वर जहां 0.1% बढ़कर 75.11 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। वहीं, स्पॉट गोल्ड 0.2% गिरकर 4,755.84 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स भी 0.8% गिरकर 4,779.20 डॉलर पर आ गया।
सोने-चांदी में उतार-चढ़ाव के क्या हैं कारण
हाल के दिनों में सोने की कीमतों में गिरावट के पीछे कई कारण हैं। जैसे डॉलर की मजबूती, भू-राजनीतिक तनाव में नरमी, निवेशकों द्वारा अन्य बाजारों में नुकसान की भरपाई और ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कम होना। दरअसल, सोना एक नॉन-यील्डिंग एसेट है, इसलिए जब ब्याज दरें ऊंची रहती हैं तो इसकी मांग कम हो जाती है।
ईरान संकट और कूटनीतिक हल पर नजर: ईरान युद्ध से जुड़े मुद्दे अब भी पूरी तरह हल नहीं हुए हैं। शनिवार को इस्लामाबाद में अहम बातचीत होने जा रही है। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस करेंगे। इसमें ईरानी अधिकारियों के बीच बातचीत होगी। इस बीच, होर्मुज में शुल्क को लेकर अमेरिका ने ईरान को चेतावनी भी दी है। वहीं, लेबनान में इजरायली हमलों से संघर्ष विराम पर भी खतरा मंडरा रहा है।
महंगाई और फेड की नीति पर असर: छह सप्ताह से जारी युद्ध ने महंगाई के रिस्क को बढ़ा दिया है। इससे केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में कटौती को टाल सकते हैं या बढ़ा भी सकते हैं। अमेरिका के आर्थिक आंकड़ों के अनुसार, फरवरी में उपभोक्ता खर्च में बहुत मामूली बढ़ोतरी हुई है। अब बाजार की नजर मार्च के कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) डेटा पर है।
सोने-चांदी के दाम क्या बढ़ेंगे या घटेंगे
सोना और चांदी की कीमतें इस समय कई ग्लोबल फैक्टर्स के बीच फंसी हुई हैं। जहां एक तरफ युद्ध और महंगाई का दबाव है, वहीं दूसरी ओर कूटनीतिक प्रयास और मजबूत डॉलर कीमतों को सीमित कर रहे हैं। आने वाले दिनों में ईरान वार्ता और महंगाई के आंकड़े बाजार की दिशा तय करेंगे। यानी सोने-चांदी के दाम आने वाले दिनों में घटेंगे या बढ़ेंगे, इसपर कुछ भी कहना इन फैक्टर्स पर निर्भर है।
(डिस्क्लेमर: एक्सपर्ट्स की सिफारिशें, सुझाव, विचार और राय उनके अपने हैं, लाइव हिन्दुस्तान के नहीं। कमोडिटी मार्केट में निवेश जोखिमों के अधीन है और निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)
लेखक के बारे में
Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें


