40 साल में सबसे बड़ी गिरावट, क्या सोना होगा और सस्ता? जानिए एक्सपर्ट की राय
सोने की कीमतों में हाल ही में भारी गिरावट देखने को मिली है, जो 40 साल में सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट मानी जा रही है। मजबूत डॉलर, बढ़ती ब्याज दरें और वैश्विक तनाव इसके मुख्य कारण हैं।

सोने की कीमतों में इस समय बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। “सेफ हेवन” माने जाने वाला सोना इस हफ्ते पिछले 40 सालों की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज कर चुका है। अमेरिका-इजराइल-ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बावजूद सोने में गिरावट ने निवेशकों को हैरान कर दिया है। इस हफ्ते सोने की कीमतों में 11% से ज्यादा की गिरावट आई है, जो 1983 के बाद सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट मानी जा रही है। शुक्रवार को सोना करीब 3.1% गिरकर $4,508 प्रति औंस तक पहुंच गया और लगातार कई दिनों से गिरावट जारी है।
सोने की कीमत क्यों गिर रही है?
मिंट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह मजबूत अमेरिकी डॉलर और बढ़ती ब्याज दरें हैं। जब डॉलर मजबूत होता है, तो दूसरे देशों के निवेशकों के लिए सोना महंगा हो जाता है, जिससे इसकी मांग कम हो जाती है। इसके अलावा, मध्य-पूर्व में चल रहे युद्ध के कारण तेल की कीमतें बढ़ रही हैं, जिससे महंगाई बढ़ने का खतरा है। ऐसे में निवेशक सोने की बजाय दूसरे विकल्पों में पैसा लगा रहे हैं।
एक और बड़ी वजह यह है कि निवेशकों ने हाल ही में भारी मुनाफावसूली (Profit Booking) की है, जिससे कीमतों पर दबाव बना है। साथ ही गोल्ड ETF से भी लगातार पैसा निकल रहा है, जो कमजोर डिमांड का संकेत है।
क्या सोना और गिरेगा?
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, फिलहाल सोने पर दबाव बना रह सकता है। अगर कीमतें $4,400 के नीचे जाती हैं, तो गिरावट और बढ़कर $3,800–$4,000 तक जा सकती है। हालांकि, लंबी अवधि में सोने की स्थिति अभी भी मजबूत मानी जा रही है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि गिरावट के दौरान खरीदारी (Buy on Dips) एक अच्छी रणनीति हो सकती है।
आगे क्या करें निवेशक?
अभी निवेशकों को जल्दबाजी में बेचने से बचना चाहिए और साथ ही गिरावट पर धीरे-धीरे खरीदारी करनी चाहिए। इसके अलावा अभी निवेशकों को वैश्विक हालात और डॉलर की चाल पर भी नजर रखना चाहिए। कुल मिलाकर अभी सोने में शॉर्ट टर्म में कमजोरी दिख रही है, लेकिन लॉन्ग टर्म में यह निवेशकों के लिए एक सुरक्षित विकल्प बना रह सकता है।
लेखक के बारे में
Sarveshwar Pathakसर्वेश्वर पाठक अक्टूबर 2022 से ‘लाइव हिंदुस्तान’ में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में बिजनेस और ऑटो सेक्शन के लिए
काम कर रहे हैं। सर्वेश्वर बिजनेस और ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की खबरों, रिव्यू और गहराई से किए गए एनालिसिस के लिए जाने जाते
हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्हें 7 साल से अधिक का अनुभव है, जिसमें उन्होंने अपनी मजबूत पकड़ और समझ के जरिए एक अलग
पहचान बनाई है। उन्होंने देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार से पत्रकारिता में मास्टर डिग्री हासिल की और वर्ष 2019 में
ईटीवी भारत के साथ अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने दैनिक जागरण और एडिटरजी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में
भी काम किया, जहां उन्होंने अपनी लेखन शैली और विश्लेषण क्षमता को और निखारा।
उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर से आने वाले सर्वेश्वर केवल एक पत्रकार ही नहीं, बल्कि सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भागीदारी
निभाते हैं। उन्हें बाल शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता से जुड़े अभियानों में विशेष रुचि है। अपने विश्वविद्यालय के
दिनों में उन्होंने महाराष्ट्र के गोंदिया में दो महीने से अधिक समय तक सोशल वेलफेयर से जुड़े कार्य किए, जहां उन्होंने कई
स्कूलों और विश्वविद्यालयों के छात्रों को उच्च शिक्षा के प्रति प्रेरित किया। लेखन के अलावा सर्वेश्वर को बचपन से ही
क्रिकेट खेलने और डांस का शौक है, जो उनके व्यक्तित्व को संतुलित और ऊर्जावान बनाता है। उनका उद्देश्य सिर्फ खबरें लिखना ही
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