ईरान-अमेरिका में फिर छिड़ी जंग, एक झटके में 2000 रुपये से ज्यादा सस्ता हुआ सोना

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मुख्य बातें

  • जून में खत्म होने वाले MCX गोल्ड फ्यूचर्स में प्रति 10 ग्राम 2041 रुपये या 1.31% की गिरावट देखने को मिली और यह ₹1,53,586 पर आ गया
  • बता दें कि बकरी ईद की छुट्टी के कारण पहले सत्र में बंद रहने के बाद ट्रेडिंग फिर से शुरू हुई
ईरान-अमेरिका में फिर छिड़ी जंग, एक झटके में 2000 रुपये से ज्यादा सस्ता हुआ सोना

Gold rate crash 2000 rs: ईरान और अमेरिका के बीच एक बार फिर से जंग छिड़ गई है। इस माहौल के बीच सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट आई है। सप्ताह के चौथे दिन यानी गुरुवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने की कीमतों में 2000 रुपये से ज्यादा की गिरावट आई। जून में खत्म होने वाले MCX गोल्ड फ्यूचर्स में प्रति 10 ग्राम 2041 रुपये या 1.31% की गिरावट देखने को मिली और यह ₹1,53,586 पर आ गया। बता दें कि बकरी ईद की छुट्टी के कारण पहले सत्र में बंद रहने के बाद ट्रेडिंग फिर से शुरू हुई। स्पॉट गोल्ड 1.5% गिरकर $4,389.99 प्रति औंस पर आ गया। इससे पहले यह 26 मार्च के बाद से अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया था। जून डिलीवरी के लिए US गोल्ड फ्यूचर्स 1.5% गिरकर 4,387.70 डॉलर पर आ गए।

क्या कहते हैं ब्रोकरेज?

घरेलू ब्रोकरेज मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के कमोडिटीज एनालिस्ट मानव मोदी ने कहा कि सोना फिर से तेजी हासिल करने के लिए संघर्ष कर रहा है। निवेशक अब ईंधन की ऊंची कीमतों के कारण होने वाली महंगाई के असर पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। ब्रोकरेज के मुताबिक प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में हाल ही में आए महंगाई के आंकड़ों ने इस उम्मीद को और मजबूत किया है कि सेंट्रल बैंकों को आने वाले महीनों में सख्त रुख अपनाना पड़ सकता है या ब्याज दरें और बढ़ाने पर भी विचार कर सकते हैं।

VT Markets के मार्केट एनालिस्ट रुचिता ठाकुर ने बताया कि मध्य-पूर्व संकट के बावजूद सोने की कीमतों में बढ़ोतरी न होने का एक मुख्य कारण यह है कि बाजार ने अभी तक किसी गंभीर लिक्विडिटी संकट का सामना नहीं किया है। उन्होंने कहा कि साल 2008 के वित्तीय संकट, कोविड के झटके या बैंकिंग क्षेत्र में गंभीर तनाव जैसी स्थितियों में निवेशक सोने को एक सुरक्षित निवेश के तौर पर देखते हैं।

मौजूदा माहौल में वैश्विक अर्थव्यवस्था धीमी जरूर हो रही है लेकिन पूरी तरह से ढह नहीं रही है। अभी के हालात में सुरक्षित निवेश की जरूरत अब उतनी नहीं रह गई है। ठाकुर का मानना ​​है कि सोने की कीमतों में भले ही थोड़े समय के लिए ठहराव आया हो लेकिन लंबी अवधि के लिए इसके बुनियादी आधार पहले की तुलना में मजबूत नजर आ रहे हैं।

आपको बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच नए हमलों से एक बार फिर से टेंशन बढ़ गई है। इससे कच्चे तेल की कीमतें भी बढ़ गई हैं। इससे महंगाई का डर फिर से बढ़ गया है और इस साल के आखिर में ब्याज दरें बढ़ने की संभावना है। दरअसल, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें महंगाई को लेकर चिंताएं बढ़ाती हैं, जिससे US सेंट्रल बैंक ब्याज दरें बढ़ाने पर विचार कर सकता है, जिसका असर सोने जैसी गैर-ब्याज देने वाली संपत्तियों पर पड़ सकता है।

Deepak Kumar

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हिन्दुस्तान डिजिटल में करीब 5 साल से कार्यरत दीपक कुमार यहां बिजनेस की खबरें लिखते हैं। दीपक को स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस के अलावा बिजनेस से जुड़े तमाम विषयों की गहरी समझ है। वह जटिल आर्थिक और कारोबारी मुद्दों को सरल, संतुलित और आम बोलचाल की भाषा में पाठकों तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं। उनकी बिजनेस सेक्शन के अलावा एंटरटेनमेंट, स्पोर्ट्स और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरों पर भी मजबूत पकड़ है। दीपक को उनके बेहतरीन काम के लिए विभिन्न स्तरों पर सम्मानित भी किया जा चुका है। मूल रूप से बिहार के सीवान जिले से ताल्लुक रखने वाले दीपक के पास पत्रकारिता का करीब 13 साल का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला से की। इसके बाद दैनिक भास्कर, आजतक और इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम किया। इसका अगला पड़ाव हिन्दुस्तान डिजिटल था, जहां वह वर्तमान में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। दीपक ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की जबकि हिमाचल प्रदेश सेंट्रल यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएट हुए हैं। जहां एक तरफ वह सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं तो वहीं नई तकनीकों से खुद को अपडेट रखते हैं। खाली समय में फिल्में देखना, खाना बनाना और क्रिकेट खेलना पसंद है।

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