सोने का भाव ₹12489 गिरा, चांदी के दाम ₹40000 टूटे, युद्ध की आग में पिघले गोल्ड-सिल्वर
Gold Silver Price: ईरान-इजरायल युद्ध के बीच सोने के भाव अबतक 12489 रुपये प्रति 10 ग्राम गिर चुके हैं। जबकि इस अवधि में चांदी करीब 40000 रुपये प्रति किलो टूट चुकी है। आइए जानें सोने-चांदी की चाल उल्टी क्यों है और आगे क्या होगा…

Gold Silver Price: ईरान-इजरायल-अमेरिका युद्ध की आग में सोना-चांदी पिघल गए हैं। पहले माना जा रहा था कि युद्ध या बड़ी आपदा में सोने-चांदी के भाव चढ़ते हैं, लेकिन इस युद्ध के दौरान इसके उल्टा हो रहा है। पश्चिम एशिया में लड़ाई के बीच सोने के भाव अबतक 12489 रुपये प्रति 10 ग्राम गिर चुके हैं। जबकि इस अवधि में चांदी करीब 40000 रुपये प्रति किलो टूट चुकी है। यह गिरावट कई एनॉलिस्ट्स को हैरान कर रही है, क्योंकि जियो पॉलिटिकल टेंशन के समय आमतौर पर सुरक्षित निवेश के रूप में सोने-चांदी की मांग बढ़ जाती है।
आईबीजेए के रेट्स के मुताबिक 27 फरवरी 2026 को सोना 159097 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर बंद हुआ था। जबकि, चांदी इस दिन 267900 रुपये प्रति किलो के रेट से बंद हुई थी। अगले दिन 28 फरवरी को युद्ध शुरू हो गया। बता दें शनिवार और रविवार के दिन आईबीजेए सोने-चांदी के रेट जारी नहीं करता।
युद्ध के बीच सोने-चांदी में हैरान करने वाली हरकत
ऑस्ट्रेलिया-ट्रेडिंग डॉट कॉम के सीईओ पीटर मैकगायर ने एक इंटरव्यू में बताया कि युद्ध के बीच तेल के उछाल के बीच सबसे चौंकाने वाली चाल कीमती धातुओं में देखने को मिली है। सोना, जो 5400 डॉलर के करीब पहुंच गया था, अचानक तेजी से लुढ़क गया। चांदी भी करीब 121 डॉलर के हाई से लुढ़कती गई। सोना 4720 डॉलर और चांदी करीब 73 डॉलर तक आ गई है।
सोने-चांदी के भाव में गिरावट के कारण
मैकगायर सोने-चांदी के भाव में गिरावट की कई वजहें बताते हैं। अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड बढ़कर 4.36 प्रतिशत के करीब पहुंच गई। इससे निवेशकों ने अपना पैसा निश्चित आय वाली संपत्तियों में लगा दिया। साथ ही, कच्चे तेल और गैस फ्यूचर्स में बड़े दांव लगाने वाले कारोबारियों ने अपना ध्यान और पूंजी इन तेजी वाले पोजीशनों में लगा दी।
शेयर बाजारों की कमजोरी भी गिरावट की वजह बनी
शेयर मार्केट्स की कमजोरी ने भी सोने-चांदी की कीमतों पर दबाव डाला, क्योंकि मार्जिन कॉल का सामना कर रहे कई निवेशकों को दूसरी जगहों पर नुकसान भरने के लिए इन धातुओं को बेचना पड़ा। इसके अलावा मजबूत डॉलर ने भी कीमती धातुओं पर निगेटिव असर डाला।
क्या आगे बढ़ सकते हैं सोने-चांदी के दाम
मैकगायर का मानना है कि अप्रैल से मई के बीच जब एनर्जी और शेयरों के शुरुआती उत्साह का असर कम होगा और सुरक्षित निवेश यानी सोने-चांदी जैसी कीमती धातुओं की मांग फिर से जोर पकड़ लेगी, तब सोना और चांदी के दाम फिर से चढ़ सकते हैं।
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Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें


