सोने के भाव आज ₹1.42 लाख के नीचे, 5200 रुपये से अधिक सस्ती हुई चांदी
मुख्य बातें
- MCX Gold Silver Rates Today: गोल्ड 141977 रुपये प्रति 10 ग्राम पर था
- यह पिछले बंद की तुलना में 1578 रुपये सस्ता है
- चांदी भी 217400 रुपये प्रति किलो पर पर खुली
- आज गिरावट के लिए कच्चे तेल की कीमतों में अचानक आई तेज उछाल, डॉलर की मजबूती समेत 4 फैक्टर्स हैं

ईरान-अमेरिका युद्ध की आग में सोना-चांदी भी पिघल रहे हैं। घरेलू वायदा बाजार में सोमवार, 13 जुलाई की सुबह सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखी गई। एमसीएक्स पर सुबह 9:10 बजे गोल्ड 141977 रुपये प्रति 10 ग्राम पर था। यह पिछले बंद की तुलना में 1578 रुपये सस्ता है। इसी तरह चांदी भी 217400 रुपये प्रति किलो पर खुली। इसमें 5280 रुपये की भारी गिरावट है। आज गिरावट की मुख्य वजह कच्चे तेल की कीमतों में अचानक आई तेज उछाल थी, जो अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण हुई। इस उछाल ने अमेरिकी डॉलर को मजबूत कर दिया, जिससे सोने-चांदी पर दबाव बना।
सोने-चांदी के भाव गिरने के 4 कारण
तेल की कीमतों ने डॉलर को दी मजबूती: कच्चे तेल के दाम में 4 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जिससे अमेरिकी डॉलर की मांग बढ़ गई और डॉलर इंडेक्स करीब 0.30 प्रतिशत चढ़कर 101.22 पर पहुंच गया। जब डॉलर मजबूत होता है, तो डॉलर में तय होने वाला सोना दूसरी मुद्राओं वाले खरीदारों के लिए महंगा हो जाता है, जिससे खरीदारी में कमी आती है और कीमतों पर नकारात्मक असर पड़ता है।
अमेरिका-ईरान तनाव: मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच भारी मिसाइल और ड्रोन हमलों का आदान-प्रदान हुआ है। ईरान ने कहा है कि उसने एक बार फिर होर्मुज को बंद कर दिया है, जो दुनिया की कच्चे तेल की सप्लाई के लिए बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। खबरों में यह भी दावा किया गया कि होर्मुज में ईरान के केशम द्वीप पर 10 से अधिक मिसाइल गिरे हैं।
अमेरिकी हमले और सैन्य कार्रवाई: अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने 12 जुलाई को ईरान पर हमलों की घोषणा की, जिसमें कई ठिकानों पर दर्जनों निशानों को सटीक हथियारों से निशाना बनाया गया। इस कार्रवाई का मकसद ईरान की उस क्षमता को कमजोर करना बताया गया, जिससे वह होर्मुज से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय जहाजों पर हमले कर रहा था।
महंगाई की आशंका और केंद्रीय बैंकों की सख्ती: कच्चे तेल की कीमतों में 4 प्रतिशत की उछाल ने मुद्रास्फीति की आशंकाओं को फिर से जगा दिया है। इससे यह उम्मीद बढ़ गई है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व और दुनिया के दूसरे प्रमुख केंद्रीय बैंक मौद्रिक नीति को और सख्त कर सकते हैं, यानी ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकते हैं।
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Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें


